बंगाल में धान की कीमत 1940 रुपये प्रति क्विंटल तय, अब तक खरीद शुरू नहीं, कम कीमत पर बेचने को मजबूर किसान

धान की सरकारी खरीद की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर एक नवंबर से शुरू हो गई है लेकिन अभी भी किसानों के नामों का पंजीकरण चल रहा है। किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की खरीद अभी तक शुरू नहीं हुई है।

Vijay KumarMon, 22 Nov 2021 08:35 PM (IST)
राज्य सरकार ने चालू वित्त वर्ष में धान की कीमत 1940 रुपये प्रति क्विंटल तय की है।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता : धान की सरकारी खरीद की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर एक नवंबर से शुरू हो गई है, लेकिन अभी भी किसानों के नामों का पंजीकरण चल रहा है। किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की खरीद अभी तक शुरू नहीं हुई है। नतीजतन जरुरतमंद किसान सरकार द्वारा तय कीमत से काफी कम दाम पर धान बेचने को बाध्य हैं। सरकार ने चालू वित्त वर्ष में धान की कीमत 1940 रुपये प्रति क्विंटल तय की है।

स्थायी अनाज क्रय केंद्र में जाकर धान बेचने पर प्रोत्साहन भत्ते के रूप में 20 रुपये प्रति क्विंटल अधिक दिए जाएंगे। ऐसे में किसानों को 1,960 रुपये प्रति क्विंटल का भाव मिलेगा जबकि किसान 1,100 से 1,200 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर किसानों को धान बेच रहे हैं। झारग्राम के बेलियाबेरा प्रखंड के तपसिया पंचायत के तेतुलडांगरा गांव के किसान मानिकचंद घोष ने कहा-'मैंने 80 बोरी धान बेची है।

1,180 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा है। बर्दवान के कालना-1 प्रखंड के रानीबंध गांव के तपन दास ने अपनी जमीन से 28 बोरी धान बेची। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान की खरीद अभी शुरू नहीं हुई है। कालना के सरगढिय़ा गांव के किसान गंगा रक्षित ने हाल में इसी वजह से खुले बाजार में धान की बोरियां बेची थी। कई किसान एक बार फिर कर्ज में हैं। झारग्राम के जिलाधिकारी जे. दासगुप्ता ने कहा कि कई लोग खेती के लिए कर्ज लेते हैं। नतीजतन, वे धान बेचने के लिए मजबूर हैं, भले ही वे इसे सरकार को बेचना चाहते हों।

नदिया के कालीगंज इलाके के किसान कामई शेख कहते हैं-'उर्वरक और सिंचाई का भुगतान अभी बाकी है। अगर सरकार जल्द धान खरीदना शुरू नहीं करती है तो उसे खुले बाजार में कम कीमत पर बेचना होगा।

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