अब वैक्सीन के मुफ्त वितरण की मांग को लेकर ममता सरकार पहुंची सुप्रीम कोर्ट, प्रधानमंत्री मोदी को भी लिखा था पत्र

वैक्सीन को लेकर दो दिन पहले ही ममता ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखा था पत्र।

तीसरी बार सत्ता में लौटने के बाद ही ममता सरकार की ओर से पीएम नरेंद्र मोदी को एक के बाद एक चिट्ठी लिखी जा रही है। दो दिन पहले शपथ लेने के तुरंत बाद बुधवार को कोरोना वैक्सीन को लेकर पीएम मोदी को पत्र लिखा था।

Vijay KumarFri, 07 May 2021 07:59 PM (IST)

राज्य ब्यूरो, कोलकाताः बंगाल सरकार ने टीके के मुफ्त वितरण की मांग को लेकर सीधे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। राज्य सरकार का दावा है कि केंद्र सरकार को देश भर में टीकाकरण के लिए एक समान नीति अपनाने की आवश्यकता है। दूसरी ओर कलकत्ता हाई कोर्ट ने केंद्र को बंगाल में कोरोना वैक्सीन भेजने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया है। 

बता दें कि वैक्सीन निर्माण करने वाली दो कंपनियों ने अलग-अलग कीमतों पर राज्य सरकारों को वैक्सीन बेचने का फैसला किया है। सीरम ने कहा कि वे राज्य सरकारों को 300 रुपये में कोविशील्ड बेचेंगे, जबकि इंडिया बायोटेक की ओर से बताया गया है कि को-वैक्सीन की एक खुराक 400 रुपये की होगी। राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में फरियाद की है कि राज्य सरकार से कीमत लेना सही नहीं है। केंद्र सरकार को एक समान नीति अपनानी चाहिए ताकि राज्यों को मुफ्त में वैक्सीन मिले और वह राज्य के लोगों को मुफ्त में दे। सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार ने अपनी याचिका में कहा है कि केंद्र को वैक्सीन उपलब्ध कराने और राज्यों को मुफ्त वितरण सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए। बता दें कि पहले से ही कई राज्यों ने अपने-अपने राज्यों में मुफ्त टीकाकरण की घोषणा की है। 

दूसरी ओर कलकत्ता उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को बंगाल में कोरोना वैक्सीन भेजने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया है। यह आदेश कलकत्ता उच्च न्यायालय ने गुरुवार को एक जनहित याचिका के के मामले में सुनवाई के दौरान दिया है। इसके अलावा कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मुफ्त टीके प्रदान करने पर केंद्र सरकार की राय मांगी है। अगले सोमवार तक केंद्र को इस बारे जानकारी देने को कहा गया है। वैक्सीन की आपूर्ति, पर्याप्त ऑक्सीजन की व्यवस्था और आवश्यक दवाओं की कालाबाजारी रोकने की मांग को लेकर माकपा नेता फुवाद हलीम ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की थी।कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल और न्यायमूर्ति अरिजीत बनर्जी की खंडपीठ ने गुरुवार को केंद्र को इसी मामले के संदर्भ में यह आदेश दिया है। इस बीच, एक अन्य जनहित याचिका में राज्य सरकार से राज्य में पर्याप्त ऑक्सीजन आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने का अनुरोध किया गया। मामले के मद्देनजर, उच्च न्यायालय ने कहा कि वह यह देखेगा कि केंद्र सोमवार तक इस संबंध में कोई दिशानिर्देश जारी करेगा या नहीं।

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