एनआइए ने 11 आतंकवादियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, हमला करने की साजिश रचने का आरोप

11 आतंकवादियों के खिलाफ एनआइए ने शुक्रवार को दिल्ली की विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।

सभी आतंकवादियों को केरल और बंगाल की विभिन्न जगहों से गिरफ्तार किया गया था। वहीं इनके पास से विस्फोटक और आपत्तिजनक सामग्रियां भी बरामद की गई थी। यह लोग इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए ही बम बनाने का प्रशिक्षण भी ले रहे थे।

Babita KashyapSat, 27 Feb 2021 08:12 AM (IST)

कोलकाता, राज्य ब्यूरो। देश में आतंक मचाने की साजिश रच रहे अलकायदा के भारतीय उपमहाद्वीप में मौजूद संगठन एक्यूआइएस के बंगाल व केरल मॉड्यूल के 11 आतंकवादियों के खिलाफ एनआइए ने शुक्रवार को दिल्ली की विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया है।

 एनआइए के एक अधिकारी ने बताया की इन सभी आतंकवादियों को केरल और बंगाल की विभिन्न जगहों से गिरफ्तार किया गया था। वहीं इनके पास से विस्फोटक और आपत्तिजनक सामग्रियां भी बरामद की गई थी। एनआइए के आला अधिकारी के मुताबिक जिन लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया है उनमें मुर्शीद हसन उर्फ सादिक, मुशर्रफ  हुसैन, मैनुल मंडल,  लियू इयान, नजमूस साकिब, याकूब विश्वास,  शमीम अंसारी, अबू सुफियान,  अतिउर रहमान, अल मामून कमाल, अब्दुल मोमिन मंडल नाम शामिल हैं।

 एनआइए को जानकारी मिली थी कि मुर्शीद हसन के नेतृत्व में एक आतंकवादी साजिश को अंजाम दिए जाने की कोशिश की जा रही थी। एनआइए को यह भी पता चला कि मुर्शीद हसन पाकिस्तान और बांग्लादेश स्थित अलकायदा के कुछ लीडरों के संपर्क में था और इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लगातार उनसे निर्देश ले रहा था।

 सूचना के आधार पर 19 सितंबर 2020  को बंगाल और केरल के विभिन्न इलाकों में मारे गए छापों के दौरान 9 आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से विभिन्न प्रकार की आपत्तिजनक सामग्रियां और बम बनाने संबंधी सामान भी बरामद किया गया। यह भी पता चला है कि यह लोग इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए ही बम बनाने का प्रशिक्षण भी ले रहे थे।

 इसके बाद एनआइए ने इनके दो अन्य साथियों को भी विभिन्न जगहों से गिरफ्तार किया। आरोप है कि मुर्शीद हसन ने अपने आकाओं के कहने पर कई भारतीय युवाओं को बरगला कर इस साजिश में लाने की कोशिश की थी। साथ ही जांच के दौरान यह भी पता चला कि इन 11 लोगों के समूह ने अनेक ऐसे नेताओं और अन्य लोगों पर हमले की योजना बनाई थी जिन्हें अपनी भाषा में भी काफिर मानते थे। यह लोग अपनी भविष्य की योजनाओं और हथियार आदि के प्रशिक्षण के लिए एक मरकज भी बनाना चाहते थे। जांच के दौरान यह बात भी सामने आई कि यह लोग जम्मू कश्मीर से भी कुछ गोला बारूद दिल्ली के रास्ते लाना चाहते थे। साथ ही इसके जरिए इन्हें बड़े कामों को अंजाम देना था।

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