BSF की मैत्री साइकिल रैली का पेट्रापोल में हुआ जबर्दस्त स्वागत, रास्ते में फूलों की भी हुई बारिश

मैत्री साइकिल रैली को आगे के लिए रवाना करते विशिष्ट अतिथिगण। जागरण

बीएसएफ ने बंगबंधु के जन्म शताब्दी समारोह मुजीब वर्ष के उपलक्ष्य में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए ऐतिहासिक मैत्री साइकिल रैली का आयोजन किया है जो 10 जनवरी रविवार को बंगाल के सीमावर्ती उत्तर 24 परगना जिले में बीएसएफ की सीमा चौकी पानीतार 153वीं बटालियन से शुरू हुई।

Publish Date:Mon, 11 Jan 2021 10:23 PM (IST) Author: Vijay Kumar

राजीव कुमार झा (पेट्रापोल सीमा) : बांग्लादेश अपने संस्थापक व राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान के जन्म शताब्दी समारोह को मुजीब वर्ष के रूप में मना रहा है। वहीं, द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने बंगबंधु के जन्म शताब्दी समारोह मुजीब वर्ष के उपलक्ष्य में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए ऐतिहासिक 'मैत्री साइकिल रैली' का आयोजन किया है, जो 10 जनवरी, रविवार को बंगाल के सीमावर्ती उत्तर 24 परगना जिले में बीएसएफ की सीमा चौकी पानीतार (मेन पिलर-1), 153वीं बटालियन से शुरू हुई। 66 दिनों में 4,097 किलोमीटर की यात्रा तय करके 17 मार्च, 2021 को मिजोरम के सिल्कोर में यह साइकिल रैली समाप्त होगी।

वहीं, पहले दिन 84 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद यह मैत्री साइकिल रैली सोमवार को उत्तर 24 परगना जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित पेट्रापोल पहुंची, जहां रैली में शामिल साइकिल सवारों का गर्मजोशी के साथ जबर्दस्त स्वागत किया गया। मैत्री साइकिल रैली का स्वागत करने के लिए बीएसएफ के दक्षिण बंगाल फ्रंटियर अंतर्गत सीमा चौकी पेट्रापोल, 179वीं बटालियन की ओर से यहां शानदार कार्यक्रम आयोजित किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले साइकिल रैली पहले दिन जिस रास्ते से गुजरी वहां पर सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों ने पूरे रास्ते में बेहद गर्मजोशी से स्वागत किया और उनपर फूलों की भी बारिश की।

वहीं, पेट्रापोल में सोमवार को आयोजित स्वागत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में एस रामाकृष्णन, आइपीएस, एडीजी पुलिस (सेवानिवृत्त) उपस्थित थे। इनके अलावा समारोह में बीएसएफ के पूर्वी कमांड के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) आइपीएस पंकज कुमार सिंह, दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के महानिरीक्षक अश्विनी कुमार सिंह सहित बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों एवं बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के क्षेत्रीय कमांडर, यशोर ब्रिगेडियर जनरल ज़ाकिर हुसैन एवं कोलकाता में बांग्लादेश के डिप्टी हाई कमिश्नर तौफीक हसन व अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं स्थानीय लोग उपस्थित थे।

'बंगबंधु के लिए इससे बड़ा सम्मान कुछ और नहीं हो सकता'

इस मौके पर मुख्य अतिथि पूर्व एडीजी एस रामाकृष्णन ने आगे के लिए इस साइकिल रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत व बांग्लादेश के सीमारक्षकों बीएसएफ व बीजीबी के बीच जो प्रगाढ़ संबंध हैं वह दुनिया में बहुत कम ही देखने को मिलते हैं। उन्होंने बीएसएफ द्वारा बंगबंधु के सम्मान में आयोजित मैत्री साइकिल रैली को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि बंगबंधु के लिए इससे बड़ा सम्मान कुछ और नहीं हो सकता। इस मौके पर बीएसएफ के पूर्वी कमांड के एडीजी पंकज कुमार सिंह ने कहा कि 1971 में भारतीय सुरक्षा बलों और मुक्ति योद्धाओं की मैत्री व एकजुट होकर लड़ाई से ही बांग्लादेश के रूप में एक नए राष्ट्र का उदय हुआ था। उसी समय से दोनों देशों के बीच निरंतर मैत्री जारी है। उन्होंने कहा कि इस साइकिल रैली के जरिए हमारा प्रयास होगा कि हम मैत्री के संदेश को आगे बढ़ाएं। उन्होंने साइकिल रैली में शामिल साइकिलिस्ट से कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र से गुजरते समय वे जगह-जगह पर बीजीबी से भी मिलें और बात करें। बातचीत से कोई न कोई प्रगति अवश्य होती है।

बांग्लादेश ने मैत्री साइकिल रैली के लिए जताया बीएसएफ का आभार

इस मौके पर बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड के क्षेत्री कमांडर ब्रिगेडियर जनरल ज़ाकिर हुसैन ने बंगबंधु के सम्मान में मैत्री साइकिल रैली के आयोजन के लिए बीएसएफ व भारत के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस पहल से दोनों देशों एवं बीएसएफ व बीजीबी के बीच की दोस्ती और मजबूत होगी। साथ ही उन्होंने कहा कि भविष्य में हम ऐसी योजना बनाएंगे जब बीजीबी व बीएसएफ साथ मिलकर इस प्रकार की रैली निकालकर दोनों देशों के सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को जागरूक कर सकें।

66 दिनों तक चलेगी यह साइकिल रैली, 4,097 किलोमीटर की तय करेंगे दूरी

इस अवसर पर बीएसएफ के आइजी अश्विनी कुमार सिंह ने कहा कि इस मैत्री साइकिल रैली को पहले ही दिन जिस प्रकार सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों का रिस्पांस मिला है और उन्होंने साइकिल दल पर फूल बरसा कर स्वागत किया वह अभूतपूर्व है। उन्होंने कहा कि इस मैत्री रैली का उद्देश्य बंगबंधु के प्रति सम्मान के साथ भारत- बांग्लादेश सीमा पर रहने वाले लोगों के साथ मित्रता व सद्भाव विकसित करना, उनमें सुरक्षा की भावना पैदा करना, बीएसएफ तथा बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश में मित्रता बढ़ाना तथा सीमा पर अपराधों को रोकने के लिए बॉर्डर पर रहने वाले लोगों को जागरूक करना एवं उन्हेंं नशाखोरी से दूर रहने का संदेश देना है। उन्होंने बताया कि 17 मार्च 2021 को बंगबंधु की 101वीं जयंती के मौके पर यह साइकिल रैली समाप्त होगी, यह भी एक ऐतिहासिक है। इस रैली में 13 साइकिलिस्ट हिस्सा ले रहे हैं और 66 दिनों की यात्रा करते हुए 4,097 किलोमीटर लंबी भारत-बांग्लादेश बॉर्डर इलाके से छह सीमावर्ती राज्यों बंगाल, असम, त्रिपुरा, मणिपुर, मेघालय तथा मिजोरम से यह रैली गुजरेगी। रास्ते में रात में जहां भी साइकिल दल रात्रि विश्राम के लिए रुकेंगे, बीएसएफ की ओर से उन सभी सीमा चौकियों पर स्वागत समारोह का आयोजन किया जाएगा। इसमें स्थानीय ग्रामीणों को भी आमंत्रित किया जाएगा।

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