कोलकाता नगर निगम के लिए कल जारी हो सकती है तृणमूल के उम्‍मीदवारों की सूची, विधायकों व सांसदों की हो सकती है छुट्टी

Municipal Corporation elections राज्य चुनाव आयोग ने गुरुवार को कोलकाता नगर निगम(केएमसी) चुनाव के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। चुनाव के घोषणा के साथ ही राजनीतिक दलों में उम्मीदवारों के चयन को लेकर प्रक्रिया तेज हो गई है।

Vijay KumarPublish:Thu, 25 Nov 2021 06:00 PM (IST) Updated:Thu, 25 Nov 2021 06:00 PM (IST)
कोलकाता नगर निगम के लिए कल जारी हो सकती है तृणमूल के उम्‍मीदवारों की सूची, विधायकों व सांसदों की हो सकती है छुट्टी
कोलकाता नगर निगम के लिए कल जारी हो सकती है तृणमूल के उम्‍मीदवारों की सूची, विधायकों व सांसदों की हो सकती है छुट्टी

राज्य ब्यूरो, कोलकाताः राज्य चुनाव आयोग ने गुरुवार को कोलकाता नगर निगम(केएमसी) चुनाव के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। चुनाव के घोषणा के साथ ही राजनीतिक दलों में उम्मीदवारों के चयन को लेकर प्रक्रिया तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस कल यानी शुक्रवार को उम्मीदवारों की सूची जारी कर सकती है। हालांकि कोलकाता नगर निगम के वर्तमान प्रशासक और मंत्री फिरहाद हकीम और विधायक अतिन घोष सहित चार विधायकों और दो सांसदों माला राय और शांतनु सेन को टिकट मिलेगा या नहीं इसे लेकर संशय की स्थित बन गई है। क्योंकि रणनीतिकार प्रशांत किशोर के सलाह पर मुख्यमंत्री व तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी ने एक व्यक्ति एक पद की नीति लागू कर दी है।

वर्तमान में, विधायक और परिवहन मंत्री फिरहाद हकीम कोलकाता नगर पालिका के प्रशासक हैं। इसके अलावा,  तीन अन्य विधायक अतिन घोष, देवव्रत मजूमदार और देबाशीष कुमार भी निवर्तमान वार्ड पार्षद है। उनमें से प्रत्येक लंबे समय से कोलकाता नगर निगम के मेयर परिषद सदस्य के रूप में काम करते रहे हैं। वहीं दोनों सासंदों का भी नगर निगम के कार्य का लंबा अनुभव है, लेकिन तृणमूल ने अब एक व्यक्ति, एक पद की नीति लागू है और अगर दोनों सांसदों व चारों विधायकों को फिर से वार्ड पार्षद के चुनाव के लिए टिकट दिया जाता है और जीत जाते हैं तो दो पदों पर काबिज हो जाएंगे। इन सभी को टिकट दिया जाएगा या नहीं इस पर अंतिम निर्णय ममता लेंगी।

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कई नेताओं व मंत्रियों लिया जा चुका है एक पद

तृणमूल में 2021 के विधानसभा चुनाव में जीत के बाद ‘एक व्यक्ति, एक पद’ की नीति की घोषणा की गई है। उसी अनुसार जिलाध्यक्ष अब मंत्री नहीं हैं। क्योंकि उनसे संगठन का पद ले लिया गया है। मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक, सुदीप बंद्योपाध्याय, सौमेन महापात्रा, पुलक राय, अरूप राय, दिलीप यादव, बेचाराम मन्ना, महुआ मोइत्रा, पार्थप्रतिम राय), अखिल गिरि, मौसम नूर सहित कई से एक पद वापस ले लिए गए थे। इसलिए यह माना जा रहा है कि इस बार निगम चुनाव में भी इस नीति का सख्ती से पालन किया जाएगा। ममता चार दिवसीय दिल्ली दौरे के बाद गुरुवार को कोलकाता लौट आई हैं। अब शुक्रवार को सूची जारी हो सकती है।