West Bengal Assembly Election 2021: बंगाल चुनाव में मतदाताओं का विश्वास बढ़ाने को डीएम, एसपी व सीपी को उनके द्वार पर जाने का निर्देश

मतदाताओं का विश्वास बढ़ाने को डीएम, एसपी व सीपी को उनके द्वार पर जाने का निर्देश। फाइल फोटो

West Bengal Assembly Election 2021 चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 से पहले मतदाताओं का विश्वास बढ़ाने के लिए जिलाधिकारियों पुलिस अधीक्षकों (एसपी) और पुलिस आयुक्तों को उनके द्वार पर जाने का निर्देश दिया है।

Sachin Kumar MishraFri, 26 Feb 2021 05:02 PM (IST)

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। West Bengal Assembly Election 2021: निष्पक्ष, शांतिपूर्ण व निर्बाध तरीके से मतदान कराने को चुनाव आयोग ने अभूतपूर्व कदम उठाया है। आयोग ने बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले मतदाताओं का विश्वास बढ़ाने के लिए जिलाधिकारियों (डीएम), पुलिस अधीक्षकों (एसपी) और पुलिस आयुक्तों (सीपी) को उनके द्वार पर जाने का निर्देश दिया है। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को सीधे लोगों से बातचीत कर उनकी आशंकाओं को जानने व उनका समाधान करने को कहा गया है। आयोग सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, उप चुनाव आयुक्त सुदीप जैन ने इसे लेकर बंगाल के समस्त डीएम, एसपी व सीपी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बैठक की थी, जिसमें उन्होंने कहा कि मतदाताओं के मन में जो भी भय है, उसे दूर करना बहुत जरूरी है।

गौरतलब है कि बंगाल में चुनावी हिंसा का बहुत पुराना इतिहास रहा है। इसी को देखते हुए इस बार विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले ही केंद्रीय बल की कंपनियां बंगाल भेजी गई हैं। आरोप है कि डर के कारण बहुत से लोग पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान बंगाल में मतदान नहीं कर पाए थे। इसके मद्देनजर चुनाव आयोग ऐसा वातावरण तैयार करना चाहता है, जहां हर कोई बिना निर्भय होकर मतदान कर सके। इस बार महिला मतदानकर्मियों की संख्या भी अधिक होगी। उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

सूत्रों ने बताया कि उप चुनाव आयुक्त ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से भयभीत मतदाताओं को चिन्हित करने को कहा है और उनके मोबाइल नंबर को रिकार्ड में रखने को कहा है, ताकि उनका ध्यान रखा जा सके और जरुरत पडऩे पर मदद की जा सके। आयोग ने प्राथमिक तौर पर बंगाल के करीब 6,000 बूथों को अति संवेदनशील पाया है।

चुनावी प्रशिक्षण शिविर में भाग नहीं लेने पर 29 अधिकारियों व कर्मियों को शोकॉज नोटिस

चुनाव के लिए दिए जा रहे प्रशिक्षण में शामिल नहीं होने पर कृषि विभाग के 29 अधिकारियों व कर्मचारियों को शोकॉज नोटिस भेजा गया है। ये सभी कोलकाता के स्ट्रांड रोड स्थित जेसप बिल्डिंग में कार्यरत हैं। उक्त कार्यालय के निदेशक संपदरंजन पात्र को पीठासीन अधिकारी के रूप में काम करने के लिए एक पत्र भेजा गया था। बाद में उन्हेंं इस जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया लेकिन उस कार्यालय के अतिरिक्त और संयुक्त अधिकारी स्तर के लोग बच नहीं पाए लेकिन उन्होंने प्रशिक्षण शिविर में भाग नहीं लिया। इसी कारण उन्हें शोकॉज किया गया है। इन सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है, अगर वे प्रशिक्षण में भाग नहीं लेने के लिए उचित कारण नहीं दिखा पाते हैं। 

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