‘स्वास्थ्य साथी’ रोगियों के लिए महंगी कैंसर दवाओं पर प्रतिबंध के लिए जारी होंगे दिशानिर्देश, तैयार होगी गाइडलाइन

बंगाल की ममता सरकार द्वारा संचालित स्वास्थ्य बीमा योजना ‘स्वास्थ्य साथी’ से जुड़े रोगियों के लिए अधिक मूल्य की कैंसर दवाओं को प्रतिबंधित करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति दिशानिर्देश तैयार करेगी। यह जानकारी मंगलवार को एक अधिकारी ने दी।

Vijay KumarPublish:Tue, 30 Nov 2021 07:02 PM (IST) Updated:Tue, 30 Nov 2021 11:00 PM (IST)
‘स्वास्थ्य साथी’ रोगियों के लिए महंगी कैंसर दवाओं पर प्रतिबंध के लिए जारी होंगे दिशानिर्देश, तैयार होगी गाइडलाइन
‘स्वास्थ्य साथी’ रोगियों के लिए महंगी कैंसर दवाओं पर प्रतिबंध के लिए जारी होंगे दिशानिर्देश, तैयार होगी गाइडलाइन

राज्य ब्यूरो, कोलकाताः बंगाल की ममता सरकार द्वारा संचालित स्वास्थ्य बीमा योजना ‘स्वास्थ्य साथी’ से जुड़े रोगियों के लिए अधिक मूल्य की कैंसर दवाओं को प्रतिबंधित करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति दिशानिर्देश तैयार करेगी। यह जानकारी मंगलवार को एक अधिकारी ने दी। राज्य सरकार ने अभी तक उन निजी अस्पतालों के लिए कोई निश्चित नियम नहीं बनाया है, जो अपने प्रतिष्ठानों में ‘स्वास्थ्य साथी’ के तहत भर्ती मरीजों को कीमोथेरेपी लिख रहे हैं। बंगाल के स्वास्थ्य विभाग ने अब एक विशेषज्ञ समिति गठित की है जो ‘स्वास्थ्य साथी’ योजना से जुड़े कैंसर रोगियों के लिए अधिक मूल्य वाली कुछ दवाओं को प्रतिबंधित करने तथा किफायती दवाओं पर जोर देने के लिए दिशानिर्देश तैयार करेगी।

स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि अधिक कीमत वाली कैंसर दवाओं को प्रतिबंधित करने के लिए दिशानिर्देश अभी तैयार किए जाने हैं। इन्हें तैयार करने के लिए हमें और समय की आवश्यकता हो सकती है क्योंकि इस तरह के दिशानिर्देश जल्दी से तैयार नहीं किए जा सकते। फिलहाल सभी हितधारकों से सलाह-मशविरा किया जा रहा है। हम आम लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए इसे तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं।

कुछ अधिकारियों के अनुसार, हालांकि स्वास्थ्य विभाग कैंसर रोगियों के इलाज के लिए कम लागत वाली कीमो की वकालत करता रहा है, लेकिन शिकायतें हैं कि कुछ सरकारी अस्पतालों में कम लागत वाली दवाओं की कमी चल रही है। इस संबंध में स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि ऐसी दवाओं की आपूर्ति अनुमोदित विक्रेताओं द्वारा केंद्रीय मेडिकल स्टोर के माध्यम से की जाती है। यह कमी कुछ दवाओं और कुछ अस्पतालों तक ही सीमित है। उम्मीद है कि एक पखवाड़े में आपूर्ति सुचारू हो जाएगी। विभाग ने इस बीच सभी सरकारी अस्पतालों को मंजूरी लेने के लिए कीमो दवा खरीद का चालान अपलोड करने को कहा है।