पूर्व मुख्‍यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य को पत्नी सहित नर्सिंग होम से मिली छुट्टी, कोरोना से संक्रमित होने के बाद होना पड़ॉ था भर्ती

बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य को कोलकाता के एक नर्सिंग होम से बुधवार को छुट्टी दे दी गई। कोरोना संक्रमित होने के बाद पहले एक अन्य अस्पताल में उपचार हुआ था। बाद मेंं जब वह कोरोना मुक्त हो गए तो उन्हें एक अन्य नर्सिंग होम में रखा गया था।

Vijay KumarWed, 09 Jun 2021 05:49 PM (IST)
कोरोना से संक्रमित होने के बाद बुद्धदेव व मीरा को अस्पताल में होना पड़ॉ था भर्ती।

राज्य ब्यूरो, कोलकाताः बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य को कोलकाता के एक नर्सिंग होम से बुधवार को छुट्टी दे दी गई। कोरोना संक्रमित होने के बाद पहले एक अन्य अस्पताल में उपचार हुआ था। बाद मेंं जब वह कोरोना मुक्त हो गए तो उन्हें एक अन्य नर्सिंग होम में चिकित्सकीय निगरानी के लिए रखा गया था। असल में उनका कोरोना के बाद हुई समस्याओं के लिए इलाज चल रहा था। डॉक्टरों ने बताया कि उनकी पत्नी मीरा भट्टाचार्य को भी छुट्टी दे दी गई है। उन्हें उसी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था।

नर्सिंग होम के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री की हालत स्थिर है। उनकी एंटीबॉडी रिपोर्ट और अन्य मानक ठीक हैं लेकिन उन्हें घर में भी दवाएं लेते रहने की जरूरत है। 77 वर्षीय भट्टाचार्य को पहले से भी सांस की बीमारी है। ऐसे में उनके सेहत का अच्छे से ध्यान रखना जरूरी है। हमारे डॉक्टर परिवार के संपर्क में रहेंगे और भट्टाचार्य और उनकी पत्नी दोनों की सेहत पर ध्यान रखेंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी पिछले महीने कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए थे। इसमें बुद्धदेव भट्टाचार्य ने अस्‍पताल की बजाए घर पर ही इलाज कराने पर जोर दिया था, लेकिन उनकी पत्‍नी को भर्ती कराना पड़ा था। कुछ दिन बाद पत्‍नी घर लौट आईं थीं, लेकिन इस बार बुद्धदेव की स्थिति खराब थी। इसलिए उन्‍हें अस्‍पताल में भर्ती करना पड़ा। वहीं उनकी पत्‍नी को भी सांस लेने में दिक्‍कत के चलते दोबारा भर्ती कराया गया था।

भारतीय राजनीति में खास मुकाम रखने वाले मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के पोलित ब्यूरो सदस्य रहे बुद्धदेव भट्टाचार्य 2000 से 2011 तक बंगाल के मुख्‍यमंत्री रहे। वे जाधवपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि पति-पत्‍नी की देखभाल करने वाला घर पर कोई नहीं है, इसलिए वे अस्‍पताल से घर न जाकर, किसी अन्‍य स्‍थान पर रहेंगे। जब तक वे पूरी तरह स्‍वस्‍थ नहीं हो जाते तब तक वे दक्षिण कोलकाता स्थित अपने निवास में नहीं लौटेंगे।

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