बंगाल में नई सरकार के गठन, राज्य मंत्रिमंडल के सदस्यों को 10 मई को दिलाई जाएगी शपथ

राज्य मंत्रिमंडल के सदस्यों को अगले सोमवार को शपथ दिलाई जाएगी।

कार्यवाही- शपथ लेने के बाद दोपहर तीन बजे बुलाई गई नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक तृणमूल छोड़ने वाले सुवेंदु और राजीब के विभागों के प्रभारी पर होगी नजर। इस बात की भी अटकलें हैं कि क्या पुराने नेताओं में से किसी को नई जिम्मेदारी मिलेगी।

Priti JhaSun, 09 May 2021 08:15 AM (IST)

कोलकाता, राज्य ब्यूरो। बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद तृणमूल कांग्रेस में राज्य मंत्रिमंडल के सदस्यों को अगले सोमवार को शपथ दिलाई जाएगी। पहले तय किया गया था कि नए मंत्रिमंडल के सदस्यों को रविवार को राजभवन में शपथ दिलाई जाएगी लेकिन अंत में निर्णय लिया गया कि यह शपथ सोमवार को होगी। शपथ ग्रहण समारोह सोमवार को सुबह 11 बजे शुरू होगा।

हालांकि सोमवार को कितने कैबिनेट सदस्यों को शपथ दिलाई जाएगी, इसका पता चल नहीं पाया है। सूत्रों के अनुसार केवल कैबिनेट मंत्री जो कैबिनेट के प्रमुख सदस्यों के रूप में कार्यभार संभालेंगे, उन्हें सोमवार को शपथ दिलाई जाएगी। बाकी को बाद में शपथ दिलाई जाएगी शपथ लेने के बाद सोमवार दोपहर तीन बजे नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक बुलाई गई है

हालांकि, मंत्रिमंडल के सदस्यों के शपथ ग्रहण में उसी नीति का पालन किया जाएगा जो पिछले बुधवार को मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण के बाद हुई थी। क्योंकि सरकार का प्राथमिक लक्ष्य अब किसी भी तरह से कोरोना महामारी की स्थिति को नियंत्रित करना है। जीतने वाले तृणमूल विधायकों में कई नए और युवा चेहरे हैं। यह देखा जाना बाकी है कि मुख्यमंत्री उनमें से किसी को मंत्रिमंडल में नियुक्त करेंगी या नहीं।

इस बात की भी अटकलें हैं कि क्या पुराने नेताओं में से किसी को नई जिम्मेदारी मिलेगी। विशेष रूप से यह देखा जाना बाकी है कि तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले सुवेंदु अधिकारी और राजीब बनर्जी द्वारा छोड़े गए विभागों का प्रभारी कौन होगा। 

हालांकि, बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता बिमान बनर्जी लगातार तीसरी बार विधानसभा का स्पीकर (अध्यक्ष) शनिवार को चुने गए। चुनाव में जीत के बाद तृणमूल ने पहले ही उन्हें अध्यक्ष बनाने की घोषणा कर दी थी। विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव के लिए शनिवार को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया था, जिसका चुनाव नतीजों के बाद से जारी हिंसा के चलते भाजपा विधायकों ने अध्यक्ष के चुनाव का बहिष्कार किया, जिसकी वजह से बनर्जी लगातार तीसरी बार निर्विरोध चुने गए। गौरतलब है कि 2011 में बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही बनर्जी विधानसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इधर, सुबह 11 बजे विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी, चंद्रिमा भट्टाचार्य, तापस राय, शशि पांजा समेत तृणमूल के अन्य विधायकों बीरबाहा हांसदा, श्यामल मंडल और गुलशन मलिक ने विमान बनर्जी के नाम का प्रस्ताव किया, जिसका सभी सदस्यों ने समर्थन किया।

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