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Exclusive Interview: दो मई तक बंगाल में जीत का ख्वाब देख ले भाजपा : सौगत राय

सौगत राय ने भाजपा द्वारा जीत के किए जा रहे दावे पर कहा कि जो ख्वाब देखना है देख ले।

2019 में सर्वश्रेष्ठ सांसद का अवार्ड जीतने वाले एवं कोलकाता की दमदम लोकसभा सीट से पिछले तीन बार से लगातार जीतते आ रहे सौगत राय से बंगाल चुनाव के संदर्भ में दैनिक जागरण के वरिष्ठ संवाददाता राजीव कुमार झा ने खास बातचीत की।

Sanjay PokhriyalThu, 29 Apr 2021 10:59 PM (IST)

कोलकाता, राजीव कुमार झा। बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक एवं सांसद व प्रवक्ता प्रोफेसर सौगत राय ने विधानसभा चुनाव में भाजपा द्वारा लगातार जीत के किए जा रहे दावे पर कहा कि दो मई तक उसे जो ख्वाब देखना है देख ले। ख्वाब देखने से तो भाजपा को हम रोक नहीं सकते, लेकिन बंगाल में सरकार फिर से तृणमूल की ही बनेगी यह तय है। भूतपूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह एवं मनमोहन सिंह की सरकार में मंत्री रह चुके राय ने दावे के साथ कहा कि बंगाल की जनता ने सत्ता की बागडोर इस बार भी ममता बनर्जी के ही हाथों में सौंपने का निर्णय ईवीएम के जरिए कर दिया है। अब सिर्फ दो मई को मतगणना का इंतजार करें। 2019 में सर्वश्रेष्ठ सांसद का अवार्ड जीतने वाले एवं कोलकाता की दमदम लोकसभा सीट से पिछले तीन बार से लगातार जीतते आ रहे सौगत राय से बंगाल चुनाव के संदर्भ में दैनिक जागरण के वरिष्ठ संवाददाता राजीव कुमार झा ने खास बातचीत की। पेश है इसके प्रमुख अंश :-

राज्य में अंतिम चरण का भी चुनाव हो गया, आप इतने अनुभवी नेता हैं और बंगाल की राजनीति को करीब से देखते आए हैं, क्या लग रहा है?

- देखिए, जो राजनीति करते हैं वह चुनाव के बारे में भविष्यवाणी नहीं करते हैं। क्योंकि चुनाव परिणाम जब तक नहीं आ जाता कुछ बोलना निष्फल है। अब अगले दो-तीन दिन में चुनाव परिणाम ही आ जाएगा, लेकिन मुझे लगता है बहुत अच्छा चुनाव हुआ है। हमारे (तृणमूल के) पक्ष में हुआ है।

भाजपा लगातार 200 पार का दावा कर रही है, इस पर क्या कहेंगे?

- यह उसका ख्वाब है। हम क्या उसकी मुंह को थोड़ी बंद कर सकते हैं। वह बोलें दो मई तक जो भी बोलना चाहते हैं।

तो क्या आप लोग जीत के प्रति पूरी तरह आश्वस्त हैं?

- बार-बार आप लोग यह सवाल क्यों पूछ रहे हैं। फिर टोकने पर जवाब दिया- एकदम। तृणमूल की ही सरकार फिर से बनेगी।

आखिरी तीन चरणों में कोरोना एक बड़ा मुद्दा बन गया, परिणाम पर इसका असर पड़ेगा?

- देखिए, कोरोना का खतरा तो लोगों को बहुत है। लेकिन उसी में लोगों ने वोट किया है। हमारे प्रचार को भी इससे थोड़ा धक्का। लेकिन कोरोना का मुद्दा केंद्र सरकार व भाजपा के विरुद्ध में जाएगा।

पूरे चुनाव में आप लोग निर्वाचन आयोग व केंद्रीय बलों पर आरोप लगाते रहे?

- देखिए, केंद्रीय बलों ने तो यहां बहुत ज्यादती की। निरपराध लोगों पर हमला किया। हमारे कार्यकर्ताओं की पिटाई की। वे तो हम लोगों की भाषा नहीं समझते हैं। उन्होंने ठीक से काम नहीं किया। हम लोग भी शांतिपूर्वक चुनाव चाहते थे लेकिन केंद्रीय बल कोई काम में नहीं आया।

चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था को भाजपा का एजेंट आदि...तक आप लोगों ने कहा?

- संवैधानिक संस्था है तो क्या है। वह महापुरुष तो नहीं है। सरकार जिसको चाहती है वह चुनाव आयोग का मेंबर हो जाता है। सुनील अरोड़ा के नेतृत्व में जो चुनाव आयोग था वह पूरा भाजपा के पक्ष में था। क्योंकि भाजपा सरकार ने उनको नियुक्त किया था। कैसे भाजपा को पूरी सुविधा दी जाए इसकी वह कोशिश करते गए। यह आठ चरणों में चुनाव कराने का जो निर्णय था यह बंगाल को बहुत नुकसान पहुंचा गया। इसी से राज्य में इतना कोरोना फैल रहा है। इससे हमारे कार्यकर्ताओं को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा है कि पूरे चुनाव में टीएमसी ने सबसे निचले स्तर की भाषा का प्रयोग किया, यह बंगाल की संस्कृति के खिलाफ है?

- जेपी नड्डा तो हिमाचल के आदमी हैं। वह बंगाल की संस्कृति व भाषा के बारे में क्या जानते हैं? भाजपा के लोगों ने सबसे खराब बर्ताव किया व सबसे खराब भाषा का इस्तेमाल किया। हमने खराब भाषा का प्रयोग नहीं किया।

अगर तृणमूल को बहुमत नहीं मिलता है, तो क्या वाम व कांग्रेस गठबंधन से हाथ मिलाएंगे?

- ये चर्चा हम नहीं करेंगे। हमको बहुमत मिल रहा है। पूर्ण बहुमत।

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