पड़ोसी देश की जेलों में बंद भारतीय कैदियों को रिहा कराने का प्रयास

कोलकाता , जागरण संवाददाता । पाकिस्तान में इमरान खान के नेतृत्व में नई सरकार बनने से राजनीतिक खिड़की खुली है। भारत इसे लेकर आशावान है लेकिन सावधान भी है। पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया ने शुक्रवार को इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ मैनेजमेंट, कलकत्ता के कार्यक्रम में ये बातें कही।

उन्होंने कहा-'पठानकोट और उरी में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाक के आपसी संबंधों को झटका लगा है लेकिन वहां नई सरकार के गठन के बाद राजनीतिक खिड़की खुली है और हम सावधानी के साथ आशावान हैं।' भारतीय उच्चायुक्त ने उम्मीद जताई कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर युद्ध विराम जारी रहेगा, जो द्विपक्षीय बातचीत शुरू होने के लिए जरुरी है।

भारत-पाक के संबंध आतंकवाद के मसले पर निर्भर है। आतंकवाद खत्म होने पर ही द्विपक्षीय बातचीत शुरू होगी। उन्होंने सूचित किया कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के बीच फोन पर बातचीत हुई है, जो काफी सकारात्मक रही है।

भारतीय उच्चायुक्त ने कहा कि भारत पाकिस्तान की जेलों में बंद भारतीय कैदियों को रिहा कराने का प्रयास कर रहा है। इसी तरह मानवीय आधार पर भारतीय जेलों में बंद पाक कैदियों को भी रिहा किया जाएगा। बिसारिया का मानना है कि दोनों देशों के रिश्ते सुधारने में परस्पर कारोबार भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है। इससे टकराव खत्म हो सकता है। 

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