संपादकीय में तृणमूल ने कांग्रेस को बताया युद्ध में थका-हारा, केएमसी चुनाव में दो नेताओं को पार्टी से किया बाहर

तृणमूल कांग्रेस का कांग्रेस पर हमला जारी है। तृणमूल ने अपने मुखपत्र जागो बांग्ला में कांग्रेस को युद्ध में थका-हारा करार दिया है। मुखपत्र में प्रकाशित संपादकीय में कहा गया है कि कांग्रेस को भाजपा का प्रतिरोध करना चाहिए था।

Vijay KumarWed, 08 Dec 2021 08:33 PM (IST)
तृणमूल ने कांग्रेस को बताया 'युद्ध में थका-हारा'

राज्य ब्यूरो, कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस का कांग्रेस पर हमला जारी है। तृणमूल ने अपने मुखपत्र 'जागो बांग्ला' में कांग्रेस को 'युद्ध में थका-हारा' करार दिया है। मुखपत्र में प्रकाशित संपादकीय में कहा गया है कि कांग्रेस को भाजपा का प्रतिरोध करना चाहिए था। केंद्र में मुख्य विरोधी दल वह थी लेकिन अब वह उदासीन और युद्ध में थकी-हारी जैसी हो गई है। वह अंतर्द्वंद्व से भी जूझ रही है। संपादकीय में आगे कहा गया है कि समय किसी के लिए नहीं रुकता। किसी को आगे आना ही होगा। तृणमूल इस दायित्व का पालन करेगी। दरअसल तृणमूल ही असली कांग्रेस है। जनता को यह बात समझाई जाएगी।

गौरतलब है कि बंगाल विधानसभा चुनाव में तीसरी बार बहुमत हासिल करने के बाद से तृणमूल राष्ट्रीय स्तर पर अपने विस्तार में जुटी हुई है। इस बाबत व विभिन्न राज्यों में कांग्रेस में ही सेंधमारी कर रही है। त्रिपुरा, मणिपुर और गोवा जैसे राज्यों में कांग्रेस के कई नेताओं को तोड़कर वह खुद में शामिल कर चुकी है। बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने इसे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच मिलीभगत बताया है। उन्होंने कहा कि ममता कांग्रेस नेताओं को तोड़कर भाजपा के ही हाथ मजबूत कर रही हैं।

केएमसी चुनाव में घमासान, तृणमूल ने दो नेताओं को पार्टी से किया बाहर

राज्य ब्यूरो, कोलकाताः कोलकाता नगर निगम चुनाव में तृणमूल और भाजपा दोनों ही दलों के भीतर अंदरूनी लड़ाई चल रही है। तृणमूल कांग्रेस ने ऐसे ही लड़ाई पर लगाम लगाने के लिए पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण दिवंगत कद्दावर तृणमूल नेता व मंत्री सुब्रत मुखर्जी की बहन तनिमा चट्टोपाध्याय और कोलकाता नगर निगम के पूर्व अध्यक्ष सच्चिदानंद बंद्योपाध्याय को पार्टी से निष्कासित कर दिया। तृणमूल विधायक और उपचुनाव के उम्मीदवारों में से एक देबाशीष कुमार ने बुधवार को इस फैसले की घोषणा की।

देवाशीष कुमार ने कहा कि दोनों को पार्टी से आजीवन के लिए बाहर कर दिया गया है। दूसरे शब्दों में भविष्य में उनकी तृणमूल में वापसी की कोई संभावना नहीं है। हालांकि उम्मीदवारों की सूची में पहले तनिमा चट्टोपाध्याय को जगह दी गई थी, लेकिन बाद में उन्हें हटाकर वार्ड नंबर 68 के निवर्तमान पार्षद सुदर्शन मुखर्जी को टिकट दिया गया। इस घटना के बाद उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया था। हालांकि तनिमा चटर्जी ने बार-बार दावा किया है कि वह टीएमसी हैं, लेकिन भविष्य में वह टीएमसी में ही रहेंगी, लेकिन अभिषेक बनर्जी के निर्देश के बाद भी उन्होंने नामांकन किया था।

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

Tags
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.