दुर्गा पूजा के दौरान लोगों ने नियमों का किया जमकर उल्लंघन, गंभीर हो सकता है दूरगामी परिणाम

दुर्गा पूजा के दौरान लोगों ने कोविड नियमों का जमकर उल्‍लंघन किया जिसके दूरगामी परिणाम गंभीर हो सकते हैं। डॉक्‍टरों ने भी इसे लेकर एक जागरुकता संदेश जारी किया है साथ ही लोगों से सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रहने के लिए कहा है।

Babita KashyapSat, 16 Oct 2021 08:37 AM (IST)
दुर्गा पूजा के दौरान लोगों ने नियमों का जमकर उल्लंघन किया है।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। दुर्गा पूजा के दौरान लोगों ने नियमों का जमकर उल्लंघन पूजा घूमने के दौरान किया है। इसका दूरगामी परिणाम गंभीर हो सकता है। ऐसी ही आशंका डॉक्टर्स व हेल्थ एक्सपर्ट जता रहे हैं। डॉक्टरों का संयुक्त मंच, पश्चिम बंगाल (एसोसिएशन ऑफ हेल्थ सर्विस डॉक्टर्स, वेस्ट बंगाल डॉक्टर्स फोरम, वर्किंग हेल्थ इनिशिएटिव, डॉक्टर्स फॉर डेमोक्रेसी, हेल्थ सर्विस एसोसिएशन) ने एक जागरूकता संदेश जारी किया है। संगठन की तरफ से डॉ. पुण्यव्रत गुन व डॉ. मानस गुमटा ने कहा कि 4 अक्टूबर, 2021 से पहले हमने राज्य के लोगों से सार्वजनिक समारोहों से परहेज करने की अपील की थी। डॉक्टरों ने भी सरकार से बार-बार कोविड पर पाबंदियों में ढील नहीं देने की अपील की थी। हमें डर था कि ढील देने से संक्रमण बढ़ जाएगा और आम जनता को संयम बरतने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

कोविड के सही तथ्य छिपाने का आरोप

संगठन का कहना है कि कथित तौर पर संक्रमण की वास्तविक तस्वीर और आधिकारिक तस्वीर में अंतर है। कोविड परीक्षणों की संख्या में कमी के बावजूद, संक्रमण की आनुपातिक दर में खतरनाक वृद्धि ने पहले ही हमारे डर की पुष्टि कर दी है। तमाम तरह के वैज्ञानिक नियमों की अनदेखी करते हुए राजनीतिक दलों के नेताओं के सहयोग से प्रशासन के सहयोग से पूजा की भव्यता, उदघाटन के उल्लास ने हमें झकझोर कर रख दिया, हमें फिर निराश किया। हम इसकी गहराई से आशंकित हैं। हमारे पिछले अनुभव से बहुत कम समय में बहुत से लोग सोचेंगे कि आवश्यक चिकित्सा सेवाएं कैसे प्रदान करें। अगर हमारे डर सच नहीं साबित होते हैं तो हमें सबसे ज्यादा खुशी होगी। अगर हमारी आशंका सही है, तो राजनीतिक दल, प्रशासन, सरकार, इस उन्माद को बढ़ावा देने वाले, हमारी चेतावनियों को नजरअंदाज करने वाले, चुप रहे, सभी को जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्हें जिम्मेदारी लेनी होगी। उन्हें डॉक्टरों या चिकित्सा संगठनों को दोष देने का नैतिक अधिकार नहीं होगा।

टेस्टिंग बढ़ाने की अपील

संगठन ने कहा कि पूजा में कोविड प्रोटोकॉल नहीं माना गया है।अब कम से कम विसर्जन में नियमों का पालन किया जाए। डॉ. गुन ने कहा कि कोरोना महामारी के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त निकाय की पूर्ण मान्यता के साथ, अब कोविड परीक्षणों की संख्या बढ़ाएं। वास्तविक संख्या प्रकाशित होने दें। राज्य के लोगों से हमारा विनम्र अनुरोध है कि सभाओं से परहेज करें।

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