नजरबंदी के बावजूद तृणमूल के बाहुबली नेता अनुब्रत मंडल केंद्रीय बलों की आंखों में धूल झोंक घंटों तक गायब

Animal trafficking case चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के बाहुबली नेता व पार्टी के बीरभूम जिला अध्यक्ष अनुब्रत को मंगलवार शाम पांच बजे से मतदान के अगले दिन सुबह तक नजरबंद रखने का दिया है निर्देश 2019 के लोकसभा चुनाव के समय भी अनुब्रत ने नजरबंदी का किया था उल्लंघन

By Vijay KumarEdited By: Publish:Wed, 28 Apr 2021 04:00 PM (IST) Updated:Wed, 28 Apr 2021 04:00 PM (IST)
नजरबंदी के बावजूद तृणमूल के बाहुबली नेता अनुब्रत मंडल केंद्रीय बलों की आंखों में धूल झोंक घंटों तक गायब
तृणमूल कांग्रेस के बाहुबली नेता व पार्टी के बीरभूम जिला अध्यक्ष अनुब्रत मंडल

राज्य ब्यूरो, कोलकाताः तृणमूल कांग्रेस के बाहुबली नेता व पार्टी के बीरभूम जिला अध्यक्ष अनुब्रत मंडल ने एक बार फिर चुनाव आयोग के नजरबंदी के आदेश को ठेंगा दिखा दिया है। आयोग ने आठवें व अंतिम चरण के मतदान से पहले मंडल को मंगलवार की शाम पांच बजे से लेकर मतदान के अगले दिन शुक्रवार की सुबह सात बजे तक नजरंबद रखने का निर्देश दिया है। इस दौरान एक मजिस्ट्रेट और केंद्रीय बल के जवानों को मंडल की गतिविधियों पर नजर रखने को कहा गया है। लेकिन, बुधवार को तृणमूल के बाहुबली नेता मजिस्ट्रेट व केंद्रीय बल के जवानों की आंखों में धूल झोंक कर कई घंटों तक गायब रहे।

केंद्रीय बलों को काफी देर तक यह पता नहीं चल पाया कि आखिर अनुब्रत कहां चले गए। हालांकि कुछ निजी चैनल के मीडिया कर्मी  अनुब्रत का पीछा कर रहे थे और उन्होंने‌ जब खबरें दिखाना शुरू किया तो केंद्रीय बलों को भी राहत की सांस मिली। हालांकि केंद्रीय बल, चुनाव आयोग या अनुब्रत की तरफ से इस पर फिलहाल कुछ नहीं कहा गया है। 

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब तृणमूल नेता ने सुरक्षाबलों की आंखों में धूल झोंकी है। इससे पहले 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान भी उन्हें नजरबंद किया गया था। परंतु, उन्होंने उस समय मजिस्ट्रेट और सुरक्षा कर्मियों की आंखों में धूल झोंककर मतदान के दिन घर से निकल गए थे। इधर, नजरबंदी के बावजूद अनुब्रत के फिर से गायब होने पर सवाल उठ रहा है कि आखिर 2019 में भी इस तरह की घटना होने के बावजूद सुरक्षाबल क्यों सतर्क नहीं थी।

बताते चलें कि बीरभूम जिले की सभी 11 विधानसभा सीटोंं पर आगामी गुरुवार को आठवें व अंतिम चरण में मतदान होना है। उससे पहले ही मंडल की पूरी गतिविधियों को चुनाव आयोग ने  नियंत्रित करने का मंगलवार को निर्देश दिया। यह दूसरा मौका है जब मंडल को केंद्रीय चुनाव आयोग ने नजरबंद किया है।  चुनाव आयोग की ओर से कहा गया है कि नजरबंदी के दौरान वेे मजिस्ट्रेट की जानकारी के बिना कहीं भी नहीं जा सकते हैं। दूसरी तरफ, आयोग के इस निर्देश के बाद मंडल ने मंगलवार को ही कहा था कि खेला होबे।

बताते चलें कि चार दिन पहले ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीरभूम जिले में अनुब्रत को अपने साथ मंच पर बैठाकर कहा था कि अगर इस बार नजरबंद किया गया तो कोर्ट जाएंगे। दरअसल, अनुब्रत पर पंचायत हो या फिर विधानसभा व लोकसभा हर चुनाव में गड़बड़ी और हिंसा कराने के आरोप लगते रहे हैं।

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