भारत के खिलाफ बड़े साइबर हमले की तैयारी कर रहा था चीनी नागरिक!

संदेह-हान के शरीर में कोई गोपनीय इलेक्ट्रॉनिक उपकरण होने का भी संदेह। फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल कर 1300 भारतीय सिम भेज चुका है चीन। पुलिस अब उसके लैपटॉप व आईफोन का पासवर्ड तोड़ने के लिए मंडारिन भाषा जानने वाले किसी जानकार की तलाश कर रही है।

Vijay KumarTue, 15 Jun 2021 11:09 PM (IST)
बांग्लादेश से भारत में घुसपैठ करते गिरफ्तार किया था। हान वांछित अपराधी भी रहा है।

 राज्य ब्यूरो, कोलकाता : बंगाल के मालदा जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास से पिछले हफ्ते अवैध घुसपैठ करते पकड़े गए संदिग्ध चीनी नागरिक हान जुनवेई (36) को लेकर हर दिन चौंकाने वाली जानकारी सामने आ रही है। जांच एजेंसियों को अब संदेह है कि चीनी नागरिक भारत के खिलाफ बड़े साइबर हमले की तैयारी कर रहा था। उसके पास से जब्त किए गए संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से इसके संकेत मिले हैं।

मंडारिन भाषा जानने वाले जानकार की तलाश

हालांकि सूत्रों ने बताया है कि गिरफ्तारी के कई दिन बीत जाने के बावजूद उसके लैपटॉप और आईफोन को अब तक नहीं खोला जा सका है। इसकी वजह है कि वह दोनों ही डिवाइस में पासवर्ड “मंडारिन” भाषा में लगा रखा है। इसके अलावा इंटरनेट पर इसी भाषा में वह चैटिंग करता था। पुलिस अब उसके लैपटॉप व आईफोन का पासवर्ड तोड़ने के लिए मंडारिन भाषा जानने वाले किसी जानकार की तलाश कर रही है।

जांच एजेंसियों को था जासूस होने का शक

दूसरी ओर, हान के शरीर में कोई गोपनीय इलेक्ट्रॉनिक उपकरण होने का भी संदेह है। पुलिस के अनुसार, चीनी नागरिक के शरीर के अंदर कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है या नहीं इसका पता लगाने के लिए सीटी स्कैन किया जाएगा। इस मामले की जांच से जुड़े एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, हान कोई साधारण व्यक्ति नहीं है। दरअसल जांच एजेंसियों को शुरू से ही उस पर चीन का जासूस होने का शक है।

अंडर गारमेंट्स में छिपाकर भेज चुका सिम कार्ड

जांचकर्ताओं ने चीनी नागरिक की बातों में कई विसंगतियां पाई है। पुलिस अधिकारी इस रहस्य से पर्दा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। बता दें कि हान फिलहाल मालदा पुलिस की हिरासत में है जहां उससे पूछताछ की जा रही है। शनिवार को अदालत ने उसे 18 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया था। इससे पहले बीएसएफ व अन्य जांच एजेंसियों द्वारा की गई पूछताछ में पता चला था कि हान पिछले दो वर्षों में फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल कर अब तक कम से कम 1300 भारतीय सिम कार्ड अंडर गारमेंट्स में छिपाकर चीन भेज चुका है।

हान भारत के लिए एक वांछित अपराधी भी रहा

पूछताछ में यह भी पता चला कि चीनी सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) द्वारा संचालित विश्वविद्यालय का वह छात्र रह चुका है। वहां से उसने अंग्रेजी में पढ़ाई की है। इसके बाद उस पर चीन के लिए जासूसी करने का शक और पुख्ता हो गया था। चीन के हुबई प्रांत के निवासी हान को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने गुरुवार को बांग्लादेश से भारत में घुसपैठ करते गिरफ्तार किया था। हान भारत के लिए एक वांछित अपराधी भी रहा है।

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