गिरफ्तार चीनी नागरिक से पूछताछ में भारत के खिलाफ चीन की बड़ी साजिश का खुलासा, पत्नी की करतूत भी उजागर

बंगाल के मालदा जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा से हाल में गिरफ्तार किए गए संदिग्ध चीनी नागरिक हान जुनवेई (36) से पूछताछ में लगातार सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं। इसी कड़ी में अब भारत के खिलाफ चीन की एक बड़ी साजिश का पता चला है।

Vijay KumarSat, 19 Jun 2021 05:58 PM (IST)
भारत-बांग्लादेश सीमा से गिरफ्तार चीनी नागरिक से पूछताछ में सनसनीखेज खुलासे

राजीव कुमार झा, कोलकाता : बंगाल के मालदा जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा से हाल में गिरफ्तार किए गए संदिग्ध चीनी नागरिक हान जुनवेई (36) से पूछताछ में लगातार सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं। इसी कड़ी में अब भारत के खिलाफ चीन की एक बड़ी साजिश का पता चला है। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि नक्सली गतिविधियों को बढ़ावा देकर भारत को अस्थिर करने की साजिश थी। चीनी सेना के इशारे पर इस काम में हान जुटा हुआ था। इस मामले की जांच से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।

फिलहाल इस मामले की जांच कर रही बंगाल पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) को हान के लैपटॉप से भारत में वामपंथी उग्रवाद प्रभावित नक्सली क्षेत्रों से जुड़ी कई अहम जानकारी मिली है। एसटीएफ सूत्रों के अनुसार, इसमें बंगाल के जंगलमहल से लेकर ओडिशा और छत्तीसगढ़ तक के नक्सली क्षेत्रों से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी है। यहां तक कि नेपाल के नक्सलिज्म के बारे में भी जानकारी मिली है। यह भी आशंका है कि चीनी सेना की ओर से नक्सली गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए फंडिंग भी किया जाता था।

गौरतलब है कि इससे पहले दिल्ली में हुई हिंसा एवं जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में हुए बवाल व देश विरोधी गतिविधियों में भी चीनी फंडिंग की बात सामने आई थी। अधिकारियों का कहना है कि अब तक की जांच व हान के लैपटॉप से मिली जानकारी से स्पष्ट प्रतीत होता है कि हान चीन का जासूस ही है। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के इशारे पर वह काम करता था। आशंका है कि भारत में नक्सली गतिविधियों समेत कहां-कहां और क्या-क्या है, इस बारे में वह पूरी जानकारी पीएलए को भेजता था। इसके पीछे नक्सलिज्म को बढ़ावा देकर भारत में तबाही मचाने की साजिश थी।

लैपटॉप में भारत की सुरक्षा से जुड़ी हुई ही है ज्यादातर जानकारी

अधिकारियों के मुताबिक, हान ने दावा किया कि वह व्यापार के सिलसिले में भारत आता था, लेकिन उसके लैपटॉप में व्यापार से जुड़ी जानकारी कम है जबकि भारत की सुरक्षा से जानकारी ज्यादा है। इससे साफ है कि वह भारत के खिलाफ काम कर रहा था। गौरतलब है कि हान को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने 10 जून को बांग्लादेश के रास्ते भारत में घुसपैठ करते गिरफ्तार किया था। इसके बाद बंगाल एसटीएफ ने बीते मंगलवार को इस मामले की जांच अपने हाथ में ले ली और हान को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।

चीनी नागरिक का तेलंगाना में बना भारतीय आधार कार्ड भी मिला

दूसरी ओर, गिरफ्तार चीनी नागरिक का भारतीय आधार व पैन कार्ड भी मिला है। तेलंगाना से उसने आधार व पैन कार्ड बनवाया था। वहां के बैंक का एटीएम कार्ड भी मिला है। उसके लैपटॉप की जांच में यह जानकारी सामने आई है। दरअसल, हान ने पूछताछ में पहले ही दावा किया था कि वह सबसे पहले 2010 में घड़ी व्यवसाय के सिलसिले में हैदराबाद ही आया था।

हान की पत्नी भी 2,000 भारतीय सिम कार्ड ले जा चुकी है चीन

इधर, हान ने एसटीएफ अधिकारियों के समक्ष एक और बड़ा खुलासा किया है कि उसकी पत्नी भी भारतीय सिम कार्ड की तस्करी से जुड़ी हुई है। उसकी पत्नी करीब 2,000 सिम कार्ड चीन ले जा चुकी है। बता दें कि इससे पहले हान ने शुरू में ही दावा किया था कि वह और उसके साथियों ने मिलकर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके पिछले दो वर्षों में 1300 भारतीय सिम कार्ड अंडर गारमेंट्स में छिपाकर चीन भेज चुके है। तस्करी की गई इन सिम का इस्तेमाल भारतीय बैंक खातों को हैक करने और वित्तीय धोखाधड़ी के लिए किया जाता है। हान ने पूछताछ में बताया कि उसके साथ उसकी पत्नी और दो बच्चे भी पहले भारत आए थे। वे लोग करीब एक साल तक भारत में ठहरे थे और इस दौरान दिल्ली और यूपी के विभिन्न शहरों में रुके थे। चीन वापस जाने से पहले फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उसकी पत्नी ने 2,000 सिम कार्ड खरीदे थे।

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