गंगा नदी के जरिए मवेशियों की तस्करी को बीएसएफ ने किया नाकाम, दो मवेशी समेत एक तस्कर को दबोचा

इन मवेशियों को भारत से बंगलादेश में पार करने के उपरांत उसे 10000 रुपये मिलते। इस कार्य के लिए उसे पहले ही 5000 रुपये नगद मिल चुके है और बाकी बचे हुए 5000 रुपये मवेशियों को बंगलादेश में मुर्तजा शेख ग्राम- रामनाथपुर को देने के बाद मिलने थे।

Priti JhaTue, 27 Jul 2021 09:44 AM (IST)
गंगा नदी के जरिए मवेशियों की तस्करी को बीएसएफ ने किया नाकाम

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। दक्षिण बंगाल फ्रंटियर अंतर्गत बीएसएफ के सतर्क जवानों ने मुर्शिदाबाद जिले में सीमा चौकी निमतीता, 78वीं वाहिनी के इलाके से एक बांग्लादेशी तस्कर को दो मवेशियों के साथ उस समय दबोच लिया, जब वह गंगा नदी के जरिए इसे बांग्लादेश में तस्करी के लिए ले जाने की कोशिश कर रहा था।

बीएसएफ की ओर से एक बयान में बताया गया कि यह घटना रविवार- सोमवार की मध्यरात्रि की है। बयान के मुताबिक, बीएसएफ की खुफिया शाखा को एक सूचना मिली कि एक बांग्लादेशी तस्कर दो मवेशियों के साथ निमतीता इलाके से गंगा नदी के रास्ते पार कर बांग्लादेश जाने वाला है। जिसकी सूचना तत्कालित प्रभाव से कंपनी कमांडर के साथ साझा की गई और उन्होंने तत्काल एक विशेष बोट पार्टी का गठन किया और निर्धारित इलाके में तलाशी के लिए भेज दिया। रात लगभग दो बजे रात्रि कैमरा द्वारा गंगा नदी में एक तस्कर के साथ मवेशियों  की हरकत देखी। इसके बाद तुरंत कार्यवाही करते हुए बीएसएफ बोट पार्टी ने नदी में उन्हें घेर लिया और एक बांग्लादेशी तस्कर के साथ दो मवेशियों को जब्त कर लिया।

गिरफ्तार तस्कर का नाम कयूम शेख है। वह बांग्लादेश के चपाईनवाबगंज जिले का रहने वाला है। तस्कर ने पूछताछ में बीएसएफ को बताया कि उसने ये मवेशी रूबेल शेख, ग्राम- शोभापुर, मुर्शिदाबाद से लिया था। इन मवेशियों को भारत से बंगलादेश में पार करने के उपरांत उसे 10,000 रुपये मिलते। इस कार्य के लिए उसे पहले ही 5,000 रुपये नगद मिल चुके है और बाकी बचे हुए 5000 रुपये मवेशियों को बंगलादेश में मुर्तजा शेख, ग्राम- रामनाथपुर, को देने के बाद मिलने थे। तस्कर ने यह भी उजागर किया कि वह जब भी तस्करी की योजना बनाता था तो बीएसएफ की सतर्क ड्यूटी को देखकर हिम्मत नहीं होती थी। आज जैसे ही मवेशियों को तस्करी के लिए नदी में डाला, पर बीच नदी में उसे बीएसएफ ने आकर पकड़ लिया। गिरफ्तार तस्कर को अग्रिम कार्यवाही हेतु पुलिस स्टेशन समशेरगंज को सौंप दिया गया है।

तस्करों के मंसूबे हो रहे धराशाई

इधर, 78 बटालियन के कार्यवाहक कमांडिंग ऑफिसर विश्वबंधु ने बताया कि उनके इलाके में तस्कर बाढ़ का फायदा उठाकर तस्करी करने का प्रयास करते हैं, लेकिन बीएसएफ जवानों की सतर्कता तथा आधुनिक रात्रि कैमरे की वजह से तस्करों के मंसूबे लगातार धराशाई हो रहे हैं। 

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