West Bengal: अच्छी नौकरी का झांसा देकर देह व्यापार में फंसाई गई बांग्लादेशी लड़की को बीएसएफ ने कराया मुक्त

देह व्यापार में फंसाई गई बांग्लादेशी लड़की को बीएसएफ ने कराया मुक्त

बीएसएफ जवानों ने सीमावर्ती इलाके से दो बांग्लादेशी नागरिकों को गैर कानूनी रूप से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने की कोशिश करते गिरफ्तार किया है। इनमें एक नाबालिक लड़की है जिन्हें अच्छी नौकरी का झांसा देकर अवैध रूप से सीमा पार कराकर भारत लाकर देह व्यापार में फंसा दिया था।

Priti JhaFri, 30 Apr 2021 09:14 AM (IST)

कोलकाता, राज्य ब्यूरो। दक्षिण बंगाल फ्रंटियर अंतर्गत सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों ने उत्तर 24 परगना जिले के सीमावर्ती इलाके से दो बांग्लादेशी नागरिकों को गैर कानूनी रूप से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने की कोशिश करते गिरफ्तार किया है। सीमा चौकी पंचबेरिया इलाके से 107वीं वाहिनी के जवानों ने दोनों को गुरुवार को पकड़ा। इनमें एक नाबालिक लड़की है जिन्हें अच्छी नौकरी का झांसा देकर अवैध रूप से सीमा पार कराकर भारत लाकर देह व्यापार के दलदल में फंसा दिया था। मुक्त कराई गई लड़की नूरजंहा (काल्पनिक नाम) बांग्लादेश के कुमिल्ला जिले की रहने वाली है। वहीं, अवैध रूप से सीमा पार करते पकड़े गए एक अन्य बांग्लादेशी नागरिक का नाम सुरोद बिस्वास है। वह बांग्लादेश के यशोर जिले का रहने वाला है।

बांग्लादेशी लड़की ने सुनाई आपबीती, अच्छी नौकरी का दिया था लालच

दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के प्रवक्ता व डीआइजी सुरजीत सिंह गुलेरिया ने बताया कि पूछताछ में बांग्लादेशी लड़की ने बताया कि उसके परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है। एक महीने पहले उसकी सहेली जिसका नाम शांता है, जो बेंगलुरु में रहती हैं, उसने उसे भारत में आने के लिए कहा और उसे सौंदर्य प्रसाधन का काम दिलाने का वादा किया। एक बांग्लादेशी दलाल जिसका नाम अरुल है जिसने उसे सात दिन तक अपने घर पर रखा और फिर बांग्लादेश के बेनापोल के इलाके से उसे सीमा पार कराकर भारत में दाखिल कराया। दलाल ने इस कार्य के लिए 20,000 बांग्लादेशी टका लिया।

नशीले पदार्थ खिलाए गए, जबरदस्ती देह व्यापार का काम करवाया गया

फिर भारतीय सीमा में उसे दलाल जिसका नाम सबूज है, के हवाले कर दिया गया और उसके साथ वह बेंगलुरु गई। जहां पर उसे उसकी सहेली के साथ रखा गया और उसे जबरदस्ती नशीले पदार्थ खिलाए गए।15 दिन बाद उसे चेन्नई भेजा गया जहां उससे जबरदस्ती देह व्यापार का काम करवाया गया। और फिर बेंगलुरु, हैदराबाद आदि शहरों में भी उससे यही काम कराया गयाl।

हैदराबाद में ग्राहक ने आपबीती सुनकर पुलिस के हवाले किया

लड़की ने आगे बताया कि हैदराबाद में एक ग्राहक ने उसे उसकी ये कहानी सुनकर उसे पुलिस के हवाले कर दिया। हालांकि बाद में पुलिस ने कोविड-19 के चलते उसे छोड़ दिया और वह भारतीय दलाल जिसका नाम शामल है, जो उत्तर 24 परगना जिले के बनगांव का रहने वाला है, की मदद से वापस अपने देश जाना चाहती थी। तभी अवैध रूप से सीमा पार करते बीएसएफ ने उसे पकड़ लिया। इधर, बीएसएफ ने आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उक्त लड़की और एक अन्य बांग्लादेशी नागरिक को बनगांव थाने के हवाले कर दिया है। साथ ही बाल विकास एवं सहायक गैर सरकारी संस्थान को भी नाबालिक लड़की के बारे में सूचना दी गई।

मानव तस्करी में शामिल दलाल गरीब व भोली - भाली युवतियों को देते हैं लालच

इधर, 107वी वाहिनी, बीएसएफ के कार्यवाहक कमांडिंग ऑफिसर आलोक कुमार ने बताया कि अक्सर देखा जाता है कि मानव तस्करी में शामिल दलाल बांग्लादेश की गरीब व भोली - भाली युवतियों को अच्छी नौकरी व पैसे का लालच देकर सीमा पार करा कर भारत लाते हैं और यहां उन्हें देह व्यापार जैसे घिनौने काम में झोंक देते हैं। एक बार इस दलदल में फंसने के बाद इनका पूरा जीवन तबाह हो जाता है। कुमार ने कहा कि सीमा पर मानव तस्करी को रोकने के लिए बीएसएफ दक्षिण बंगाल फ्रंटियर इन दिनों बेहद कड़े कदम उठा रही है। 

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