बीएसएफ ने मानव तस्करी की शिकार बांग्लादेशी युवती को अवैध तरीके से अंतररराष्ट्रीय सीमा पार करते पकड़ा

अंतररराष्ट्रीय सीमा पर मानव तस्करी की शिकार बांग्लादेशी युवती।

बीएसएफ के जवानों ने बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में सीमावर्ती क्षेत्र से एक बांग्लादेशी युवती को अवैध रूप से अंतररराष्ट्रीय सीमा पार कर भारत से बांग्लादेश जाने की कोशिश करते पकड़ा है। पांच महीने पहले 20000 देकर वह भारत में आई।

Priti JhaTue, 11 May 2021 09:52 AM (IST)

कोलकाता, राज्य ब्यूरो। दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के तहत सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों ने बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में सीमावर्ती क्षेत्र से एक बांग्लादेशी युवती को अवैध रूप से अंतररराष्ट्रीय सीमा पार कर भारत से बांग्लादेश जाने की कोशिश करते पकड़ा है। मानव तस्करी की शिकार युवती को नौ मई को बीएसएफ की सीमा चौकी अमुदिया इलाके से 112वीं वाहिनी के जवानों ने पेट्रोलिंग के दौरान पकड़ा।

बीएसएफ की ओर से जारी बयान में बताया गया कि सीमा चौकी अमुदिया, 112 वाहिनी, सेक्टर कोलकाता के जवान दैनिक पेट्रोलिंग पर थे। शाम लगभग 5:15 बजे पेट्रोलिंग पार्टी को अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास एक संदिग्ध महिला की हरकत दिखाई दी। जब पेट्रोलिंग पार्टी नजदीक पहुंचीं तो देखा कि महिला भारत की तरफ से बांग्लादेश सीमा में घुसने का प्रयास कर रही थी।

जवानों द्वारा महिला को हिरासत मे ले लिया गया तथा इन्हें सम्मान पूर्वक सीमा चौकी अमुदिया में पूछताछ के लिए लाया गया। पूछताछ में युवती ने अपनी पहचान रेश्म अख्तर (काल्पनिक नाम, उम्र 28वर्ष) जिला- मुंशीगंज, बांग्लादेश के रूप मे बताया। उन्होंने आगे खुलासा किया कि वह बांग्लादेश में कपड़े सिलाई का कार्य करती थी। एक दिन उसे फातिमा और तान्या जो कि बागुईहाटी, कोलकाता में रहती है, से मुलाकात हुई। उन दोनों ने मुझे बताया कि वह उनके साथ भारत चले वहां उसे ज्यादा पैसे वाली नौकरी दिला देंगी।

पांच महीने पहले दलाल की मदद से भारत आई थी महिला, जबरन देह व्यापार के लिए डाला दबाव

पांच महीने पहले फातिमा ने उसे एक दलाल से मिलवाया जिसकी सहायता से 20,000 देकर वह भारत में आई। भारत पहुंचने पर वह कोलकाता में फातिमा के साथ रहीं। जहां पर फातिमा ने जबरन देह व्यापार करने के लिए दबाव डाला, लेकिन वह मना करती रही। दो महीने के बाद उसकी एक लड़के अश्वनी से जो गोमती नगर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश का रहने वाला है, से फेसबुक पर मुलाकात हुई। अश्वनी ने उसे लखनऊ आने के लिए बोला और वहां पहुंचने के बाद उसे एक पीजी में तीन महीने तक रहने का प्रबंध किया। इस बीच मेरे पिता की तबीयत अचानक खराब हो जाने पर अब वह एक भारतीय दलाल अलामिन ग्राम + पोस्ट अमुदिया, थाना- स्वरूपनगर, जिला- उत्तर 24 परगना, पश्चिम बंगाल, की मदद से 10,000 रुपये देकर बांग्लादेश जा रही थी, लेकिन बीएसएफ की ड्यूटी लाइन पार करने के दौरान जवानों ने पकड़ लिया। गिरफ्तार की गई महिला को पुलिस स्टेशन स्वरूपनगर में कानूनी कार्यवाही के लिए सौंप दिया गया है।

दलाल भोली-भाली लड़कियों को ज्यादा पैसों का लालच देकर देह व्यापार की दलदल में देते हैं धकेल

इधर, 112वीं बटालियन, बीएसएफ के कार्यवाहक कमांडिंग ऑफिसर चंद्रशेखर ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हो रहे ऐसे घिनौने अपराध की कड़ी निंदा करते हुए बताया कि अक्सर मानव तस्कर दलाल भोली-भाली बांग्लादेशी लड़कियों को ज्यादा पैसों व नौकरी का लालच देकर उन्हें देह व्यापार की दलदल में धकेल इनके भविष्य से खिलवाड़ करते हैं। बांग्लादेशी लड़कियां इन कुख्यात तस्करों के जाल में फंस जाती है। दक्षिण बंगाल फ्रंटियर ने इस तरह के अपराधों को रोकने के लिए एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एक्टिव किया हुआ है जो लगातार पीड़ित लड़कियों को तस्करों के चंगुल से आजाद कराने में लगी हुई है। 

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.