बीएसएफ ने मानव तस्करी करने वाले बांग्लादेशी गिरोह का किया भडांफोड़, एक महिला को तस्करी से बचाया

डीआइजी सुरजीत सिंह गुलेरिया ने बताया कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर मानव तस्करी को रोकने के लिए सीमा सुरक्षा बल कड़े कदम उठा रही है। उन्होंने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर किसी भी सूरत में मानव तस्करी करने के लिए की गई हर कोशिश को नाकाम कर दिया जाएगा।

Priti JhaWed, 20 Oct 2021 10:23 AM (IST)
मानव तस्करी से बचाई गई बांग्लादेशी महिला।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। दक्षिण बंगाल फ्रंटियर अंतर्गत सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग टीम ने नदिया जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास एक बांग्लादेशी महिला को मानव तस्करी के चंगुल से बचाने के साथ इस धंधे में शामिल एक गिरोह का भी भंडाफोड़ किया है। महिला बांग्लादेश के बारीसल जिले की रहने वाली है। बीएसएफ की ओर से एक बयान में बताया गया कि यह घटना 17 अक्टूबर की है। 08वीं बटालियन की सीमा चौकी रामनगर की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग टीम उस समय हरकत में आई जब उसे खुफिया विभाग ने जानकारी दी कि उसके क्षेत्र में मानव तस्करी होने की संभावना है।

आनन-फानन में टीम और बीएसएफ के जवानों द्वारा पूरी सीमा रेखा को सील कर दिया गया। बार्डर के चप्पे चप्पे की तलाशी शुरू कर दी गई। लेकिन जब तारबंदी के अंदर केले के बागानों की तलाशी शुरू की गई तो यहां छिपे तीन बांग्लादेशी मानव तस्कर भागने लगे। पीछा करने पर एक बांग्लादेशी महिला को पकड़ लिया गया। गिरफ्तार महिला ने अपना नाम शिल्पी बेगम बताया।पूछताछ में शिल्पी ने बताया कि उसने 10 साल पहले जसीम नाम के व्यक्ति से शादी की थी और तलाक लेने के पश्चात उसने कौशर (बांग्लादेशी नागरिक) नाम के आदमी के साथ दोबारा शादी की।

शिल्पी ने आगे बताया कि वह ढाका में सिराजगंज फैशन गारमेंट्स नाम की दुकान में काम करती थी, जहां उसकी मुलाकात रीपा बेगम नाम की एक महिला से हुई, जो इस समय बांग्लादेश से आकर अवैध रूप से भारत के बेंगलुरु शहर में अपने पति के साथ रहती है। रीपा ने ही उसका और कौशर का बेंगलुरु जाने का बंदोबस्त किया था और इस काम के लिए रीपा ने एक बांग्लादेशी दलाल को पैसे दिए थे।

बेंगलुरु में बैठकर मानव तस्करी का करती है धंधा, बांग्लादेश की भोली- भाली लड़कियों को जाल में फंसा कर बुलाती है भारत

लेकिन शिल्पी बेगम के जवाब से संतुष्ट न होने पर मानव तस्कर रोधी इकाई द्वारा जब जांच-पड़ताल की गई तो पता चला कि रीपा बेगम अपने पति के साथ बेंगलुरु से मानव तस्करी का धंधा करती है। वह बांग्लादेश में भोली- भाली लड़कियों को अपने जाल में फंसा कर उन्हें कौशर दलाल के माध्यम से बेंगलुरु बुलाती है और देह व्यापार के दलदल में धकेल देती है। कौशर रीपा बेगम के पति का बड़ा भाई है जो कि बांग्लादेश में रहता है। वहीं, बांग्लादेशी महिला की आपबीती सुनने के पश्चात सदभावना के तौर पर बीएसएफ ने बीजीबी को सौंप दिया है।

मानव तस्करी के खिलाफ कड़े कदम उठा रही बीएसएफ

इधर, बीएसएफ के दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के प्रवक्ता व डीआइजी सुरजीत सिंह गुलेरिया ने बताया कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर मानव तस्करी को रोकने के लिए सीमा सुरक्षा बल कड़े कदम उठा रही है। उन्होंने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर किसी भी सूरत में मानव तस्करी करने के लिए की गई हर कोशिश को नाकाम कर दिया जाएगा। 

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
You have used all of your free pageviews.
Please subscribe to access more content.
Dismiss
Please register to access this content.
To continue viewing the content you love, please sign in or create a new account
Dismiss
You must subscribe to access this content.
To continue viewing the content you love, please choose one of our subscriptions today.