बीएसएफ ने भारत में घुसपैठ करते बांग्लादेशी महिला व बच्चे के साथ दो दलालों को दबोचा

गिरफ्तार दलाल व बांग्लादेशी महिला एवं बच्चे।

बीएसएफ ने बताया कि भारत - बांग्लादेश सीमा पर मानव तस्करी और घुसपैठ को रोकने के लिए सीमा सुरक्षा बल कड़े कदम उठा रही हैं। जिससे इस प्रकार के अपराधों में लिप्त व्यक्तियों और दलालों को काफी मुश्किल का अनुभव हो रहा है ।

Priti JhaThu, 06 May 2021 09:13 AM (IST)

कोलकाता, राज्य ब्यूरो। दक्षिण बंगाल फ्रंटियर अंतर्गत सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की 82 वीं वाहिनी के सतर्क जवानों ने नदिया जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम करते हुए एक बांग्लादेशी महिला व उसके बच्चे के साथ दो दलालों को गिरफ्तार किया है। दोनों दलाल महिला व बच्चे (मां- बेटे) को अवैध रूप से अंतर्राष्ट्रीय सीमा पार कराकर भारत में प्रवेश कराने की कोशिश कर रहा था।

बीएसएफ द्वारा जारी बयान में बताया गया कि चार मई को बीएसएफ की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को सीमा चौकी रंगियापोटा के इलाके से गैर कानूनी तरीके से अंतराष्ट्रीय सीमा पार होने की खबर मिली। जिसके आधार पर यूनिट ने उस इलाके में एक विशेष गस्त लगाईं। शाम के समय रंगियापोटा गांव में पानी की टंकी के पास चार संदिग्ध लोगों को देखा। यूनिट के जवानों ने उन्हें रुकने को कहा जिस पर वो लोग भागने लगे, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उन्हे घेरकर गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में महिला ने अपना नाम टुंपा बिस्वास (काल्पनिक नाम, उम्र 22 वर्ष) बताया तथा उसके साथ सात साल का एक बच्चा भी है।

उन्होंने बांग्लादेश के यशोर की रहने वाली बताया। वहीं, दोनों दलालों के नाम मोहितोष संतरा, (29) एवं पिंटू घोष (29) है। मोहितोष नदिया के भीमपुर थाना अंतर्गत रंगिया पोटा गांव का ही जबकि पिंटू घोष पास के शिमुलिया‌ गांव का रहने वाला बताया।

सात साल पहले भारत आई थी बांग्लादेशी महिला, जनवरी में वापस गई थी बांग्लादेश

बीएसएफ अधिकारियों ने बताया कि आगे पूछताछ करने पर महिला ने बताया की वह जन्म से बांग्लादेश की रहने वाली है और वह सात साल पहले गैरकानूनी तरीके से भारत आई थी और अपनी चाची के साथ रहने लगी। फिर कुछ समय बाद उसने सुकांता (काल्पनिक नाम) के साथ शादी कर ली और बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के कोला गांव में रहने लगी। उसके एक बेटा भी है। जनवरी 2021 में वह अपने माता- पिता के पास गई थी और वहां चार महीने रुकने के बाद वापस भारत आ रही थी। इसमें एक बांग्लादेशी दलाल ने उसकी मदद की जिसका वह नाम नही जानती। उसने उसे सीमा पार कराने के लिए दलाल मोहितोश संतरा के हवाले कर दिया।

वहीं, मोहितोष ने बताया की दीपू और नारायण नाम के दो व्यक्ति जो की गांव रंगियापोटा के रहने वाले है, उन्होंने उसे एक बांग्लादेशी महिला को सीमा इलाके से लाने को कहा और उसने उसे इस काम के लिए 500 रुपये दिए हैं। पिंटू घोष ने बताया की उसे बांग्लादेशी महिला और बच्चे को मोहितोष संतरा से लेना था और मजदिया बस स्टैंड पर छोड़ना था जिसके लिए उसे 200 रुपये मिलने थे। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियो को पुलिस थाना भीमपुर, जिला- नदिया में आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए सौंप दिया गया है।

घुसपैठ रोकने को बीएसएफ उठा रही कड़े कदम

इधर, 82वीं वाहिनी, बीएसएफ के कमांडिंग ऑफिसर संजय प्रसाद सिंह ने बताया कि भारत - बांग्लादेश सीमा पर मानव तस्करी और घुसपैठ को रोकने के लिए सीमा सुरक्षा बल कड़े कदम उठा रही हैं। जिससे इस प्रकार के अपराधों में लिप्त व्यक्तियों और दलालों को काफी मुश्किल का अनुंभव हो रहा है और उनमें से कुछ पकड़े जा रहे हैं और उन्हें कानून के मुताबिक सजाएं हो रही हैं। 

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