Bengal Politcs: भाजपा सांसद ने नुसरत जहां मामले में लोस अध्यक्ष से की उचित कार्रवाई की मांग

तृणमूल कांग्रेस सांसद नुसरत जहां की वैवाहिक स्थिति को लेकर विवाद दिन-ब-दिन गरमाता जा रहा है। भाजपा सांसद संघमित्रा मौर्य ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर इस मामले को विस्तृत जांच के लिए एथिक्स समिति के पास भेजने की मांग की है।

Priti JhaTue, 22 Jun 2021 08:18 AM (IST)
तृणमूल कांग्रेस सांसद नुसरत जहां मामले में लोस अध्यक्ष से की उचित कार्रवाई की मांग

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस सांसद नुसरत जहां की वैवाहिक स्थिति को लेकर विवाद दिन-ब-दिन गरमाता जा रहा है। भाजपा सांसद संघमित्रा मौर्य ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर इस मामले को विस्तृत जांच के लिए एथिक्स समिति के पास भेजने की मांग की है और उचित कार्रवाई करने को कहा है। संघमित्रा ने सदन में नुसरत की सदस्यता को भी 'गैर-स्थायी' बताया।

19 जून को लोस अध्यक्ष को लिखे अपने पत्र में उत्तर प्रदेश के बदायूं से भाजपा सांसद ने तृणमूल सांसद की लोकसभा प्रोफ़ाइल संलग्न की, जिसमें उन्होंने अपने पति का नाम निखिल जैन बताया है।

संघमित्रा ने पत्र में कहा-'लोकसभा की प्रक्रिया के प्रासंगिक नियमों के तहत उचित कार्रवाई की सूचना दी जाए और मामले को अवैध और नैतिक आचरण की विस्तृत जांच के लिए आचार समिति के पास भेजा जाए। नुसरत की वैवाहिक स्थिति के बारे में उनका मीडिया में दिया गया बयान लोकसभा सदस्यता के तौर पल उनकी शपथ का खंडन करता है, जिसमें उन्होंने नुसरत जहां रूही जैन के रूप में शपथ ली थी। यह प्रभावी रूप से उनकी सदस्यता को गैर-कानूनी रूप से प्रस्तुत करता है।

पत्र में आगे कहा गया है कि नुसरत ने 25 जून, 2019 को अपने शपथ समारोह में अपना नाम नुसरत जहां रूही जैन बताया था और एक नवविवाहिता की तरह कपड़े पहने थे। भाजपा सांसद ने लिखा-'जब एक गैर-मुस्लिम से शादी करने के लिए इस्लामिक कट्टरपंथियों के एक वर्ग द्वारा उनपर सिंदूर लगाने को लेकर निशाना साधा गया तो पार्टी के सांसदों ने उनका बचाव किया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार नुसरत की शादी के रिसेप्शन में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी शामिल हुई थीं।'

संघमित्रा ने कहा कि नुसरत के निजी जीवन में किसी को अतिक्रमण नहीं करना चाहिए लेकिन उनकी शादी के बारे में उनके हालिया मीडिया बयान का मतलब है कि उन्होंने जान-बूझकर संसद को गलत जानकारी दी और अनैतिक व अवैध आचरण में लिप्त रहीं। उन्होंने झूठी जानकारी देकर मतदाताओं को धोखा दिया।' गौरतलब है कि नुसरत ने अपने बयान में कहा था कि तुर्की मैरिज रेगुलेशन के तहत विदेशी भूमि में होने के कारण उनका विवाह अमान्य है। चूंकि यह एक अंतर-धार्मिक विवाह था इसलिए इसे भारत में विशेष विवाह अधिनियम के तहत सत्यापन की आवश्यकता है, जो नहीं हुआ। कानून के अनुसार यह विवाह नहीं, बल्कि एक रिश्ता या लिव-इन रिलेशनशिप है इसलिए तलाक का सवाल ही नहीं उठता।

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