बंगाल आने वाले भाजपा के केंद्रीय स्तर के नेता एवं प्रदेश के नेता अलग-अलग कार्यालयों में बैठेंगे, जानें क्‍या है पार्टी की प्‍लानिंग

भाजपा के केंद्रीय स्तर के नेता एवं प्रदेश के नेता अलग-अलग कार्यालयों में बैठेंगे

अब बंगाल आने वाले भाजपा के केंद्रीय स्तर के नेता एवं प्रदेश के नेता अलग-अलग कार्यालयों में बैठेंगे। बंगाल चुनाव के लिए भाजपा ने कोलकाता के हेस्टिंग्स में जहां अपना चुनाव कार्यालय व वार रूम बनाया था उसे अब केंद्रीय नेताओं के लिए छोड़ दिया गया है।

Vijay KumarSat, 15 May 2021 07:39 PM (IST)

राज्य ब्यूरो, कोलकाता : अब बंगाल आने वाले भाजपा के केंद्रीय स्तर के नेता एवं प्रदेश के नेता अलग-अलग कार्यालयों में बैठेंगे। बंगाल चुनाव के लिए भाजपा ने कोलकाता के हेस्टिंग्स में जहां अपना चुनाव कार्यालय व वार रूम बनाया था उसे अब केंद्रीय नेताओं के लिए छोड़ दिया गया है। वहीं, मुरलीधर सेन लेन में जहां प्रदेश कार्यालय है, वहां प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष सहित अन्य नेता फिर से बैठेंगे। इससे पहले पूरे चुनाव के दौरान सारी गतिविधियां हेस्टिंग्स स्थित नए चुनाव कार्यालय से ही संचालित हो रही थी। प्रदेश अध्यक्ष से लेकर सभी नेता यहीं बैठ रहे थे। ज्यादातर प्रेस कॉन्फ्रेंस से लेकर दूसरे दलों के नेताओं के शामिल होने आदि तक भी यहीं से हो रही थी। हालांकि हाल में संपन्न बंगाल विधानसभा चुनाव में जीत के लिए भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा पूरी ताकत झोंकने के बावजूद पार्टी उम्मीद के अनुसार प्रदर्शन नहीं कर सकी।

इसके बाद हार का ठीकरा केंद्रीय नेतृत्व पर फोड़ा गया था। वहीं, अब केंद्रीय व प्रदेश स्तर के नेताओं के अलग-अलग कार्यालयों में बैठने के निर्णय को लेकर तरह-तरह की अटकलें भी लगाई जा रही है। कई लोग इसे केंद्रीय नेताओं से अब राज्य नेताओं के दूरी बनाने की ओर भी इशारा कर रहे हैं। हालांकि प्रदेश भाजपा के नेताओं का कहना है कि ऐसा कुछ नहीं है। पार्टी में सब कुछ ठीक है।

पार्टी सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय महासचिव व बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय, सह प्रभारी अरविंद मेनन व अन्य केंद्रीय नेता अब नए चुनाव कार्यालय में ही बैठेंगे। हालांकि बंगाल चुनाव में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद ये सभी नेता फिलहाल बंगाल से दूर हैं। परंतु, अब इन नेताओं के अलावा पार्टी के दूसरे केंद्रीय नेता जब भी कोलकाता आएंगे तो कहा जा रहा है कि नए चुनावी कार्यालय में ही इनका ठिकाना होगा।

गौरतलब है कि बंगाल चुनाव में भाजपा ने 200 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा था लेकिन पार्टी महज 77 सीटें ही जीत सकीं। वहीं, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस लगातार तीसरी बार 213 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में लौटी है। हालांकि 2016 के विधानसभा चुनाव में मात्र तीन सीटें जीतने वाली भाजपा इस बार राज्य में मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरी है। वहीं, कांग्रेस व वाममोर्चा गठबंधन का चुनाव में पूरी तरह सफाया हो गया।

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