Bengal News: कोरोना के मद्देनजर दुर्गा पूजा में खुले पंडाल बनाने का लिया गया फैसला, आडंबर से दूर रहेंगे आयोजक

सोमनाथ दास ने कहा कि पिछले साल की तरह मंच के सदस्यों ने खुले पंडाल बनाने का फैसला किया है जिससे लोग दूर से प्रतिमाओं के दर्शन कर सकें। उन्होंने कहा कि हमारी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं...अगर कोई उत्सव नहीं होता तो शहर में लोग मायूस होते।

Vijay KumarFri, 10 Sep 2021 09:23 PM (IST)
कोरोना के मद्देनजर दुर्गा पूजा में खुले पंडाल बनाने का लिया गया फैसला

राज्य ब्यूरो, कोलकाताः बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा दुर्गा पूजा के आयोजकों को इस साल छोटे स्तर के समारोहों की तैयारी करने के लिए कहने के तीन दिन बाद, सामुदायिक पूजा आयोजकों के मंच ‘फोरम फॉर दुर्गोत्सव’ ने कहा कि वह कोरोना को लेकर सभी स्वास्थ्य प्रोटोकाल का पालन और यह सुनिश्चित करेगा कि लोग पंडालों व बाजारों में भीड़ नहीं लगाएं।

फोरम के एक पदाधिकारी सोमनाथ दास ने कहा कि पिछले साल की तरह मंच के सदस्यों ने खुले पंडाल बनाने का फैसला किया है, जिससे लोग दूर से प्रतिमाओं के दर्शन कर सकें। उन्होंने कहा कि हमारी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं...अगर कोई उत्सव नहीं होता तो शहर में लोग मायूस होते। पूजा समिति के सभी सदस्यों ने धूमधाम और दिखावे से दूर रहने का फैसला किया है।

हालांकि, वे हमारी संस्कृति और परंपरा के अनुरूप एक सुरुचिपूर्ण प्रस्तुति देंगे। शहर की बड़ी पूजा समितियों में से एक काशी बोस लेन समिति के सौमेन दत्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री का आश्वासन आयोजकों के लिये बड़ी राहत लेकर आया है क्योंकि वै तैयारियों को लेकर दुविधा में थे। दास संतोषपुर लेक पल्ली के महासचिव भी हैं। उन्होंने कहा कि आयोजकों ने स्थानीय लोगों को घर का एहसास कराने के लिये इस बार का विषय ‘परिवार’ रखा है। उन्होंने पूजा समितियों को 50 हजार रुपये का अनुदान देने के लिए ममता बनर्जी सरकार का धन्यवाद भी दिया। उन्होंने कहा कि इसका इस्तेमाल मुहल्ले के गरीबों के लिये मास्क और सैनिटाइजर की खरीद के लिये किया जाएगा।

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