बंगाल के डीजीपी Calcutta High Court में पेश हुए, चिटफंड मामलों पर प्रगति रिपोर्ट सौंपी

Chit Fund Case दो चिटफंड मामलों की जांच की प्रगति रिपोर्ट बंगाल के डीजीपी मनोज मालवीय (DGP Manoj Malviya) ने कलकत्ता उच्च न्यायालय (Calcutta High Court) में सौंप दी। मालवीय ने रिपोर्ट सौंपने के दौरान अदालत से कहा कि पुलिस सभी जरूरी कदम उठा रही है।

Babita KashyapWed, 22 Sep 2021 08:33 AM (IST)
डीजीपी मनोज मालवीय दो चिटफंड से जुड़े मामलों की रिपोर्ट कलकत्ता उच्च न्यायालय को सौंपी

कोलकाता, राज्य ब्यूरो। बंगाल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मनोज मालवीय दो चिटफंड से जुड़े मामलों में जांच की प्रगति रिपोर्ट सौंपने के लिए मंगलवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय में पेश हुए। कार्यवाक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल की अध्यक्षता वाली एक खंड पीठ ने जांच की स्थिति से अवगत कराने के लिए डीजीपी को व्यक्तिगत तौर पर पेश होने का दो सितंबर को निर्देश दिया था। मालवीय ने अपनी रिपोर्ट सौंपने के दौरान अदालत से कहा कि पुलिस सभी जरूरी कदम उठा रही है। अदालत ने सुझाव दिया कि पुलिस महानिदेशक उसकी कार्यवाही और आदेशों पर नजर रखने केलिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करें।

पीठ ने रियल सनराइज केमटेक लिमिटेड और सनप्लांट एग्रो लिमिटेड से जुड़े मामलों पर दो सितंबर को सुनवाई के दौरान यह पाया था कि राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व कोई वकील नहीं कर रहा है तथा इसे लेकर नाराजगी जताई थी। सनप्लांट एग्रो मामले में निवेश करने वालों के वकील अरिंदम दास ने बताया कि याचिकाकर्ताओं ने इन दोनों चिटफंड कंपनियों में निवेश की गई अपनी रकम वापस दिलाने का अदालत से अनुरोध किया है और उनके मामले 2015-16 से लंबित हैं।

गौरतलब है कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) ने आइ-कोर पोंजी घोटाला मामले में सोमवार को बंगाल के मंत्री मानस रंजन भुइयां से करीब दो घंटे तक पूछताछ की। जांच एजेंसी से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी। सीबीआइ की आर्थिक अपराध शाखा के तीन सदस्यीय दल ने जल संसाधन मंत्री से खाद्य भवन स्थित उनके कार्यालय खाद्य में पूछताछ की।

तृणमूल कांग्रेस के सबंग से विधायक को कथित तौर पर आइ-कोर के सार्वजनिक कार्यक्रमों में देखा गया था। यह कंपनी अब बंद हो चुकी है और कंपनी पर लोगों को निवेश के बदले अच्छी खासी रकम देने का वादा करके उन्हें ठगने का आरोप है। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी इसी पोंजी घोटाला मामले में मंत्री को नोटिस जारी किया था। आइ-कोर ने धोखाधड़ी करके कई योजनाओं के जरिए जनता से धन इकट्ठा किया है। बताते चलें कि सीबीआइ ने आइ-कोर चिटफंड घोटाला मामले की जांच के सिलसिले में राज्य के उद्योग मंत्री पार्थ चटर्जी से 13 सितंबर को पूछताछ की थी।

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