Babul Supriyo के बयान बार बार कैसे बदले, जानें ममता को कब क्‍या कहकर कोसा, कब खुद पलटे?

Babul Supriyo Inside story पूर्व केंद्रीय मंत्री व बंगाल की आसनसोल सीट से भाजपा सांसद बाबुल सुप्रियो टीएमसी ज्‍वाइन करते ही अपने दो महीने पहले किए उस दावे से पलट गए जब बाबुल सुप्रियो ने खुद तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने की अटकलों को सिरे से खारिज किया था।

Vijay KumarSat, 18 Sep 2021 04:39 PM (IST)
ममता बनर्जी और टीएमसी के खिलाफ कब क्‍या बोले बाबुल सुप्रियो

नोएडा, ऑनलाइन डेस्‍क। पूर्व केंद्रीय मंत्री व बंगाल की आसनसोल सीट से भाजपा सांसद बाबुल सुप्रियो Babul Supriyo टीएमसी ज्‍वाइन करते ही अपने दो महीने पहले किए उस दावे से पलट गए, जब बाबुल सुप्रियो Babul Supriyo ने खुद तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने की अटकलों को सिरे से खारिज किया था। उन्‍होंने फेसबुक पर लिखा था कि -'मुझे लेकर तरह-तरह की अटकलबाजी हो रही है। कुछ ने तो यह सुनते ही मुझे ट्रोल करना और अपशब्द कहना शुरू कर दिया है। कृपया इन सब चीजों में मुझे न लपेटें। मेरा मेरे काम से मूल्यांकन करें, न कि इन सब अफवाहों से।'

गौरतलब है कि गौरतलब है कि 2014 में गायक से नेता बने बाबुल सुप्रियो Babul Supriyo आसनसोल से पहली बार भाजपा के टिकट पर लड़े और आसनसोल से सांसद चुने गए। मोदी सरकार में उन्हें राज्य मंत्री बनाया गया। 2019 में वह पहले से तीन गुणा वोट से जीतकर दोबारा सांसद बने। फिर उन्हें दूसरी बार भी मंत्री बनाया गया। लेकिन बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान ही उनकी और भाजपा नेताओं के बीच खाई बढ़ती गई। मंत्रिमंडल फेरबदल में अपना मंत्री पद गंवाना पड़ा।

इसके बाद से ही उनके सुर बदल गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब अपने दूसरे कार्यकाल में पहली बार कैबिनेट में फेरबदल किया तो केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो Babul Supriyo ने इस्‍तीफा दिया था। सुप्रियो ने अपनी पोस्‍ट में लिखा था- 'जब धुआं उठता है तो कहीं न कहीं आग जरूर होती है। मैं खुद आप सबको बताना चाहता हूं कि मैंने मंत्री पद से इस्‍तीफा दे दिया है। मुझसे ऐसा करने के लिए कहा गया और मैंने कर दिया। बाबुल सुप्रियो Babul Supriyo मोदी मंत्रिमंडल में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्‍य मंत्री थे।

15 मिनट बाद फेसबुक पर बदल दी थी इस्‍तीफे की पोस्‍ट

बाबुल सुप्रियो Babul Supriyo के राजनीति छोड़ने की अटकलें पहले से लगाई जा रही थीं। 31 जुलाई को उन्‍होंने फेसबुक पर लिखा-अलविदा! राजनीति में सिर्फ समाजसेवा के लिए आए थे। अब उन्होंने अपनी राह बदलने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि लोगों की सेवा करने के लिए राजनीति में रहने की ही जरूरत नहीं है। वे राजनीति से अलग होकर भी अपने इस उद्देश्य को पूरा कर सकते हैं।

हालांकि उनकी तरफ से पोस्ट में पहले यह भी कहा गया कि वे हमेशा से भाजपा का हिस्सा रहे हैं और रहेंगे, किसी और राजनीतिक दल में नहीं जाएंगे। इस बात पर जोर दिया कि वे तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), कांग्रेस, सीपीआइ (एम) या कोई और दूसरी पार्टी में शामिल नहीं होंगे। लेकिन कुछ ही देर बाद उन्होंने अपने पोस्ट में बदलाव करते हुए भाजपा में बने रहने और दूसरी पार्टी में नहीं जाने की बात को हटा दिया।

नड्डा से मिलते ही बदल गए थे बाबुल सुप्रियो Babul Supriyo के सुर

फेसबुक पोस्ट के जरिए राजनीति छोड़ने की घोषणा के कुछ ही घंटे बाद देर रात खुद बाबुल भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलने उनके घर पर पहुंचे और दोनों के बीच बैठक हुई। नड्डा के साथ बैठक के बाद बाबुल सुप्रियो Babul Supriyo ने कहा कि वह अब भी सांसद बने रहेंगे। वह अपने संवैधानिक कर्तव्य के तौर पर संसदीय क्षेत्र में काम करना जारी रखेंगे। लेकिन राजनीति नहीं करेंगे।

राजनीति में आने से पहले गायक के रूप में प्रसिद्ध बाबुल सुप्रियो Babul Supriyo ने इस बात का भी जिक्र किया है कि वह काफी पहले ही पार्टी छोडऩा चाहते थे, लेकिन भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के रोकने की वजह से उन्होंने अपने उस फैसले को हर बार वापस लिया।

ममता बनर्जी और टीएमसी के खिलाफ कब क्‍या बोले बाबुल सुप्रियो Babul Supriyo

बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के फ्री कोरोना वैक्सीन के वादे को लेकर बाबुल सुप्रियो Babul Supriyo ने हमला बोला था। उन्‍होंने कहा कि मैं ममता बनर्जी से निवेदन करता हूं कि वे फ्री वैक्सीन उपलब्ध कराने जैसी बकवास न करें। क्योंकि केंद्र सरकार पहले ही आपको फ्री में कोरोना वैक्सीन मुहैया करा रही है। बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो Babul Supriyo ने ममता बनर्जी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तृणमूल के सदस्यों को लगता है कि वे मतदाताओं को डरा-धमका सकते हैं और राजनीतिक हिंसा कर सकते हैं, तो संविधान में इससे निपटने के प्रावधान मौजूद हैं।' बाबुल सुप्रियो Babul Supriyo ने कहा कि 'हम चाहते हैं कि तृणमूल को सत्ता में लाने वाले लोग अब लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से ही वर्तमान सरकार को गिराएं। तृणमूल कांग्रेस ने बाबुल सुप्रियो Babul Supriyo के इस बयान पर पलटवार भी किया। पार्टी ने कहा कि सुप्रियो ऐसा कहकर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने का संकेत दे रहे हैं। बाबुल सुप्रियो Babul Supriyo ने पिछले बंगाल विधानसभा चुनाव में टालीगंज सीट पर अपनी करारी हार के लिए तृणमूल कांग्रेस की गुंडागर्दी को जिम्मेदार बताया था। उन्होंने फेसबुक पोस्ट पर कहा-' चुनाव जीतने के लिए क्या-क्या करना पड़ता है, यह मैंने अपनी आंखों से देखा है। एक केंद्रीय मंत्री व सांसद के लिए गुंडे पालना आज के समय में क्या बड़ी बात थी लेकिन मैं ऐसा नहीं कर पाया। मैं कभी ऐसा कर भी नहीं पाऊंगा।" बाबुल सुप्रियो Babul Supriyo ने ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी पर सार्वजनिक भाषण में महिलाओं का अपमान करने का आरोप लगाया। भाषण का एक वीडियो क्लिपिंग साझा करते हुए उन्होंने लिखा, 'महिलाओं के बारे में ऐसे बुरे विचार भाइपो (भतीजे) के अलावा और किसी की नहीं हो सकती। आपकी पार्टी में कई महिला नेता हैं, क्या आप उन्हें कमजोर कह रहे हैं? भाई आप भूल गए है क्या कि आपके पार्टी के प्रमुख भी एक महिला है? यह सोचकर हैरानी होती है कि जो लोग संस्कृति के नाम पर डींग हांकते हैं, उनकी अपनी कोई संस्कृति नहीं है।

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