गिरफ्तार चीनी नागरिक का खुलासा, दो साल में 1,300 भारतीय सिम चीन भेजे, लखनऊ में दर्ज है चीनी दंपति के खिलाफ केस

बंगाल के मालदा जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास से सीमा सुरक्षा बल द्वारा गुरुवार को घुसपैठ करते गिरफ्तार किए गए संदिग्ध चीनी नागरिक से पूछताछ में बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। दो सालों में फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल करके 1300 भारतीय सिम कार्ड चीन भेजे गए।

Vijay KumarFri, 11 Jun 2021 08:58 PM (IST)
गिरफ्तार चीनी नागरिक का खुलासा, दो साल में 1,300 भारतीय सिम चीन भेजे

राज्य ब्यूरो, कोलकाता : बंगाल के मालदा जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास से सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) द्वारा गुरुवार को घुसपैठ करते गिरफ्तार किए गए संदिग्ध चीनी नागरिक से पूछताछ में बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।बीएसएफ ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर कहा कि पूछताछ के दौरान उसने बताया कि पिछले दो सालों में फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल करके अब तक कम से कम 1,300 भारतीय सिम कार्ड चीन भेजे गए। इस बीच, उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) की चार सदस्यीय टीम भी शुक्रवार सुबह मालदा में आरोपित से पूछताछ करने और केस का चार्ज लेने के लिए पहुंची।

अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को भी विभिन्न एजेंसियों ने चीन के हुबई निवासी हान जुनवेई (36) से गहन पूछताछ की और इस दौरान यूपी एटीएस की टीम भी मौजूद रहीं। प्रारंभिक पूछताछ के बाद बीएसएफ ने जुनवेई को जब्त सामानों के साथ अग्रिम कानूनी कार्यवाही के लिए शुक्रवार को पुलिस स्टेशन गुलाबगंज, कालियाचक को सौंप दिया। दरअसल, गिरफ्तारी के बाद गुरुवार को ही पूछताछ में हान जुनवेई (36) ने खुलासा किया कि उसके एक कथित बिजनेस पार्टनर सन जियांग को यूपी एटीएस ने कुछ दिनों पहले कई आरोपों में गिरफ्तार किया था। जियांग ने ही एटीएस के समक्ष जुनवेई और उसकी पत्नी की अवैध गतिविधियों व उन्हें भारतीय सिम भेजे जाने के संबंध में खुलासा किया था।

इसके बाद एटीएस ने जुनवेई और उनकी पत्नी के खिलाफ लखनऊ में मामला दर्ज किया‌ था, जिस वजह से उन्हें भारतीय वीजा नहीं मिला। उसके खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी थी। जुनवेई ने फिर नेपाल और बांग्लादेश से वीजा लिया और भारत में अवैध रूप से प्रवेश करते पकड़ा गया। इस संबंध में यूपी एटीएस की टीम उससे पूछताछ के लिए रिमांड पर लेगी।

अंडर गारमेंट्स में छुपाकर चीन भेजता था भारतीय सिम, अकाउंट हैक करने के लिए होता था इसका इस्तेमाल

इधर, बीएसएफ के दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के प्रवक्ता व डीआइजी सुरजीत सिंह गुलेरिया ने बताया, 'जांच अभी जारी है।हान जुनवेई एक वांछित अपराधी है। वह 2010 से चार बार भारत आ चुका है। उससे पूछताछ में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। उसने खुलासा किया कि वह अपने एसोसिएट्स के जरिए भारतीय सिम को अंडर गारमेंट्स में छुपा कर चीन में भेजता था। इन सिम का इस्तेमाल अकाउंट हैक करने तथा अन्य गलत कार्य करने के लिए किया जाता था। सिम का इस्तेमाल कर लोगों से ठगी करना, उनका पैसा मनी ट्रांजैक्शन मशीन से निकालना इनका उद्देश्य था।'

कई संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक उपकरण हुए हैं बरामद

बीएसएफ डीआइजी ने बताया कि हम ये पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या वह किसी खुफिया एजेंसी या किसी संगठन के लिए भी काम कर रहा था, जो भारत के खिलाफ काम करता है। अधिकारियों ने उसके पास से कई संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जिसमें एक लैपटॉप, दो आईफोन, एक बांग्लादेशी सिम कार्ड, दो पेन ड्राइव समेत एटीएम कार्ड, अमेरिकी डॉलर के साथ कुछ बांग्लादेशी और इंडियन करेंसी भी जब्त की है।पूछताछ के दौरान उसने कहा कि वह गुरुग्राम में स्टार स्प्रिंग नाम से एक होटल का भी मालिक है। बीएसएफ अधिकारी ने बताया- हम उसके बयानों की जांच कर रहे हैं।जांच जारी है और दूसरी खुफिया एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया गया है। हम मामले पर एक साथ काम कर रहे हैं। उनके लैपटॉप को स्कैन किया जा रहा है। बताते चलें कि चीनी नागरिक जब बांग्लादेश से भारतीय सीमा में दाखिल हो रहा था तो बीएसएफ जवानों ने जब उसे रूकने की चुनौती दी तो उसने भागने की भी कोशिश की। लेकिन बीएसएफ ने उसे दबोच लिया।

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