West Bengal Politics : विधायक पद से इस्तीफा दें मुकुल रॉय : दिलीप घोष

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष का दावा बंगाल में चुनाव के बाद भाजपा के 41 कार्यकर्ताओं की हुई है हत्या। कहा भाजपा में फिट नहीं होने पर पार्टी छोड़ रहे। दल बदल कानून के तहत सदस्यता खारिज करने की मांग करेंगे। सब कुछ सरकार के इशारे पर। कई लोग घर छोड़कर बाहर।

Vijay KumarTue, 15 Jun 2021 08:42 PM (IST)
तृणमूल का दावा खारिज : कोई भी विधायक पार्टी नहीं छोड़ रहे। सभी पार्टी के साथ हैं।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता : वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय के हाल में वापस तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में शामिल होने के बाद अब उनके विधायक पद से इस्तीफा देने की मांग जोर पकड़ने लगी है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व सांसद दिलीप घोष ने भी मंगलवार को मुकुल से विधायक पद से इस्तीफा देने की मांग की।

भाजपा में फिट नहीं होने पर पार्टी छोड़ रहे

प्रदेश भाजपा कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए घोष ने कहा कि चूंकि मुकुल रॉय अब दूसरे दल में चले गए हैं इसलिए उन्हें विधायक पर छोड़ देना उचित होगा। उन्होंने कहा कि रॉय भाजपा के टिकट पर विधायक निर्वाचित हुए हैं, इसीलिए उन्हें तुरंत विधायक पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। घोष ने कहा कि जो लोग भाजपा में फिट नहीं बैठ पा रहे हैं वही पार्टी छोड़ रहे हैं।

सदस्यता खारिज करने की मांग करेंगे

उन्होंने साथ ही दावा किया कि 2019 के बाद हमारी पार्टी में बहुत लोग आए हैं, लेकिन अब वे पार्टी छोड़कर नहीं जाएंगे। बता दें कि इससे पहले विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी भी मुकुल रॉय से विधायक पद से इस्तीफे की मांग कर चुके हैं। अधिकारी ने तो यहां तक अल्टीमेटम दिया है कि यदि रॉय इस्तीफा नहीं देते हैं तो वह बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष से मिलकर दल बदल कानून के तहत उनकी सदस्यता खारिज करने की मांग करेंगे।

कई लोग अभी भी घर छोड़कर बाहर

दूसरी ओर, दिलीप घोष ने बंगाल में चुनाव बाद हिंसा को लेकर भी ममता सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने दावा किया कि राज्य में चुनाव के बाद से अब तक भाजपा के 41 कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में क़ानून व्यवस्था नहीं है। राज्य सरकार हिंसा में शामिल है। घोष ने कहा कि हिंसा के खिलाफ हम सुप्रीम कोर्ट गए। कई लोग ड़र के कारण अभी भी अपना घर छोड़कर बाहर हैं, इसको लेकर हम हाई कोर्ट गए।

सब कुछ राज्य सरकार के इशारे पर

कोर्ट के आदेश के बाद अब कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं की घर वापसी हुई है। हमें सुप्रीम कोर्ट के फै़सलों का इंतज़ार है। घोष ने इस दौरान जोर देकर कहा कि राज्य में नई सरकार बनने के एक महीने से ज्यादा समय बीत चुके हैं लेकिन बावजूद इसके हिंसा अब तक नहीं रुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल के गुंडों को पुलिस व प्रशासन का पूरा संरक्षण है। सब कुछ राज्य सरकार के इशारे पर हो रहा है।

घोष ने कहा कि पार्टी में सब कुछ ठीक

यहां तक कि राज्य में विधायक व सांसद तक सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि जब राज्य में जनप्रतिनिधि सुरक्षित नहीं हैं तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि आम लोगों का क्या हाल है। वहीं, एक दिन पहले भाजपा विधायक व विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी की अगुवाई में राज्यपाल के साथ बैठक में पार्टी के 24 विधायकों के गैरहाजिर रहने के सवाल पर घोष ने कहा कि पार्टी में सब कुछ ठीक है।

तृणमूल के दावों को किया गया खारिज

उन्होंने तृणमूल के दावों को खारिज करते हुए कहा कि हमारे कोई भी विधायक पार्टी नहीं छोड़ रहे हैं। सभी पार्टी के साथ हैं। उन्होंने कहा कि निजी कारणों व कोलकाता से काफी दूर होने के चलते कुछ विधायक बैठक में शामिल नहीं हुए।

 

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