top menutop menutop menu

कोलकाता में 13 प्रमुख चर्च स्कूलों 25 फीसद तक कम होंगी फीस, संवाददाता सम्मेलन में फीस माफी की घोषणा

राज्य ब्यूरो, कोलकाता : चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया (कोलकाता डायसेस) ने महानगर में संचालित अपने 13 प्रमुख स्कूलों की फीस में गुरुवार को 25 फीसद तक की कटौती (माफी) की घोषणा की। चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया (सीएनआइ) के बिशप परितोष कैनिंग ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में फीस माफी की घोषणा की। उन्होंने इस दौरान सभी अभिभावकों से अपील की कि वे ऐसे स्कूलों के समक्ष प्रदर्शन ना करें जो सही माहौल के लिए अनुकूल नहीं है। उन्होंने इसके बजाय कोई समस्या होने पर संबंधित संस्थान के प्रिंसिपल से‌ व्यक्तिगत रूप से संपर्क करने का अनुरोध किया। बिशप ने कहा कि कोलकाता में सीएनआइ द्वारा संचालित सभी 13 स्कूलों ने कंप्यूटर, खेल और पुस्तकालय मद में लिए जाने वाले फीस में तुरंत प्रभाव से 25 फीसद छूट देने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि सभी 13 स्कूलों के प्रिंसिपलों की बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया।

इन स्कूलों में ला मार्टिनियर फॉर बॉयज, ला मार्टिनियर फॉर गर्ल्स, सेंट थॉमस खिदिरपुर, सेंट जॉन्स डायोकेशन, प्रैट मेमोरियल, सेंट जेम्स और अन्य शामिल है। बिशप ने कहा कि यह शुल्क अप्रैल से सितंबर महीने तक की फीस के लिए प्रभावी होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि जिन अभिभावकों ने पहले क्वार्टर का भुगतान किया है उन्हें राशि समायोजित करने के बाद रिफंड मिलेगा। इधर, एक अन्य अधिकारी ने कहा कि ला मार्टिनियर स्कूलों में ट्यूशन फीस में कोई कटौती नहीं की जाएगी। दूसरे मद में जो सालाना फीस लिए जाते हैं उसमें कटौती का फैसला लिया गया है। इधर, बैठक में उपस्थित एक अन्य स्कूल के प्रिंसिपल ने कहा कि ट्यूशन सहित किसी भी प्रमुख फीस में और कमी संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि हम नियमित रूप से ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन कर रहे हैं और इसमें छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित करने में बहुत सख्त हैं।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले जून के मध्य में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भेजे गए पत्र में बिशप ने कहा था कि अगर सीएनआइ द्वारा संचालित स्कूलों को अपनी फीस को और कम करने के लिए मजबूर किया जाता है तो इससे शिक्षक व अन्य कर्मियों का वेतन प्रभावित होने के साथ भारी असर पड़ सकता है। दरअसल, कोरोना संकट व लॉकडाउन के चलते फीस में बढ़ोतरी व इसका भुगतान नहीं करने के खिलाफ कोलकाता सहित राज्यभर में अभिभावकों व विपक्षी दलों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इससे पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी सभी निजी स्कूलों से बार-बार अपील कर चुकी हैं कि वह इस समय फीस में बढ़ोतरी नहीं करें और न ही कोई अतिरिक्त फीस लें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.