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West Bengal: थाने से 18 बंदूकों की चोरी में सब इंस्पेक्टर गिरफ्तार

खड़गपुर, जागरण न्यूज नेटवर्क। Sub Inspector Arrested. जिस पुलिस अफसर पर कानून की रक्षा और चोर, डकैत समेत तमाम अपराधियों को पकड़ने की जिम्मेवारी है, जब वही पुलिस अफसर चोरी में गिरफ्तार हो तो क्या कहा जाए? वह भी थाने के मालखाने से 18 हथियारों की चोरी में सब-इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी हुई है। यह मामला माओवाद प्रभावित रहे जंगलमहल के झाड़ग्राम जिले के लालगढ़ थाने का है। इस थाने के मालखाना से एक के बाद एक 18 बंदूकों की चोरी हुई थी, जिसका राज बुधवार को फाश हो गया। पुलिस सब इंस्पेक्टर समेत मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। झाड़ग्राम जिला पुलिस ने आरोपितों को पांच दिनों के रिमांड पर भी लिया है।

जानकारी के मुताबिक, लालगढ़ थाने से हुई 18 आग्नेयास्त्रों की चोरी मामले में पुलिस ने बुधवार को जामबनी के सब इंस्पेक्टर तारापद टुडू को गिरफ्तार किया। तारापद के साथ ही नेशनल वालेंटियर्स फोर्स (एनवीएफ) के कर्मी लक्ष्मीराम राणा तथा रिसीवर के तौर पर कार्य करने वाले दो ग्रामीण सुधांशु सेनापति और दिलीप सेनापति को भी गिरफ्तार किया गया।

माओवाद प्रभावित रहे लालगढ़ में जब्त होते रहे हैं भारी संख्या में असलहे

पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपित सब इंस्पेक्टर पहले लालगढ़ थाने में एसआइ के पद पर मालखाने का दायित्व संभाल रहा था। कभी माओवादियों के प्रभाव में रहे लालगढ़ में बड़े पैमाने पर असलहे बरामद होते थे वे मालखाने में ही रखे जाते थे। इसका दायित्व अकेले तारापद संभालता था।

उसका स्थानांतरण जामबनी थाने में होने के बाद ही मालखाने से 18 असलहा गायब हो जाने का मामला प्रकाश में आया। इससे पुलिस महक में हड़कंप मच गया। तहकीकात के में तारापद की भूमिका संदिग्ध पाई गई। पता चला कि हथियारों को गायब करने में उसी थाने का एनवीएफ कर्मी लक्ष्मीराम राणा भी शामिल है।

माओवादियों से तार जुड़े होने की आशंका

दोनों थाने से बंदूक चुरा कर बीनपुर निवासी सुधांशु सेनापति तथा दिलीप सेनापति को बेच देते थे। मामले में कुछ और पुलिसकर्मियों के लिप्त होने का भी शक है। बुधवार को पेशी पर झाड़ग्राम अदालत ने आरोपितों को पांच दिनों के पुलिस रिमांड पर भेज दिया।

हिरासत में उनसे कड़ी पूछताछ की जा रही है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मालखाने से असलहा चुरा कर बेचने के पीछे पुलिसकर्मियों का उद्देश्य पैसा कमाना होता था या उनके तार माओवादियों या किसी संगठित गिरोह से भी जुड़े हैं। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार भरत राठौड़ ने कहा कि हर पहलु से मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही इस कांड के तह तक पहुंचा जा सकेगा। इसमें किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

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