लंदन में एमएससी की पढ़ाई के लिए जाएगी बागान की बेटी

- पिता चाय बागान में बतौर स्टाफ और मां प्राथमिक स्कूल में शिक्षिका है - पढ़ाई पूरी करने क

JagranTue, 21 Sep 2021 08:25 PM (IST)
लंदन में एमएससी की पढ़ाई के लिए जाएगी बागान की बेटी

- पिता चाय बागान में बतौर स्टाफ और मां प्राथमिक स्कूल में शिक्षिका है

- पढ़ाई पूरी करने के बाद अपने पर्यटन क्षेत्र में काम करना चाहती है गीतिका

संवाद सूत्र, नागराकाटा: खुद की इच्छाशक्ति हो तो हर चीज संभव है । इस बात को एक चाय बागान की युवती ने सच कर दिखाया है।चाय बागान में रहनेवाली छात्रा अपना सपना पूरा करने जा रही है। बागान की युवती पढ़ाई के लिए लंदन जा रही है । नागराकाटा भगतपुर चाय बागान की गीतिका एक्का ब्रूनेल यूनिवíसटी लंदन में एमएससी की आगे की पढ़ाई करने जा रही है । इस खबर से पूरे डुवार्स में खुशी की लहर है । इससे पहले डुआर्स की चाय बागान से कोई भी आदिवासी युवती इस तरह विदेश के विश्वविद्यालय में अध्ययन करने के लिए नहीं गई है। चाय बागान में पली बढ़ी गीतिका बचपन से ही विदेश में जाकर पढ़ाई करने का सपना देखती थी। । गीतिका कालिमपोंग के सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल में माध्यमिक और उच्च माध्यमिक पास करने के बाद वर्ष 2018 में दिल्ली में इंस्टिट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट न्यूट्रिशन एंड कैटरिंग (बीएससी) में उच्च अंक के साथ पास हो चुकी है। फिर गीतिका एक परीक्षा में बैठती है। उस परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बाद उसे लंदन विश्वविद्यालय में अध्ययन करने का मौका मिलता है । गीतिका आगामी 26 सितंबर को कोलकाता से लंदन जा रही है । गीतिका को वहा तीन साल पढ़ाई करनी होगी। इस दौरान उन्हें हॉस्टल में ही रहना पड़ेगा ।

गीतिका ने कहा कि समस्त चाय बागान के छात्र और छात्राओं को बोलना चाहती हूं कि मन में इच्छा शक्ति और दृढ़ संकल्प हो तो हर चीज संभव हो सकता है।हमें हर समय बड़ा सपना देखना चाहिए । लेकिन हमें अपना अध्ययन जारी रखना होगा । पढ़ाई लिखाई ही हमारी जीत का एकमात्र हथियार है । उनके माता पिता ने पढ़ाई में पूरा समर्थन किया। वे लोग चाय बागान में रहते हैं। पिताजी चाय बागान में काम करते है। उनलोगों की आíथक स्थिति बिल्कुल भी अच्छी नहीं थी। फिर भी मेरे माता-पिता ने काफी संघर्ष करके उन्हें और उनके भाई को एक अच्छी शिक्षा के लिए प्रोत्साहन किया । माता-पिता ही उनके असली मार्गदर्शक है। अध्यन समाप्त करने के बाद अगर उन्हें पर्यटन क्षेत्र में मौका मिला तो वह अपने क्षेत्र के लिए काम करेंगी । उत्तर बंगाल में पर्यटन क्षेत्र के लिए काफी संभावना है कभी मौका मिला तो उत्तर बंगाल में पर्यटन क्षेत्र का विकास के लिए काम करूंगी । गीतिका के पिताजी गणेश एक्का भगतपुर चाय बागान में बतौर स्टाफ कार्यरत है । गणेश एक्का ने कहा कि उनकी बेटी बचपन से ही बड़े-बड़े सपने देखती थी । उनलोगों ने कभी भी गीतिका को रोका नहीं। उसके दिल में जो आया उसने वही किया। उसे आíथक रूप से हर संभव सहयोग किया। वे लोग हमेशा से ही गीतिका के साथ खड़े थे। गीतिका की मा कमल एक्का पेशे से एक प्राथमिक शिक्षिका है। । उन्होंने कहा मैं सभी अभिभावकों से अनुरोध करना चाहती हूं कि विशेषकर चाय बागान छात्र छात्राएं किसी भी अवस्था में पढ़ाई लिखाई ना छोड़े। गीतिका के घर में मा पिताजी के अलावा एक भाई भी है । भाई भी इंग्लैंड में ही अध्ययन करना चाहता है।

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