पहाड़ की समस्या के समाधान व पहचान की लडाई को लक्ष्य तक पहुँचाएं: छेत्री

नेपाली भाषा ने संविधान की आठवीं अनुसूची में मान्यता पाई पर भारत सरकार ने भाषा के समृद्धि की ठोस पहल

JagranSat, 09 Oct 2021 09:47 PM (IST)
पहाड़ की समस्या के समाधान व पहचान की लडाई को लक्ष्य तक पहुँचाएं: छेत्री

नेपाली भाषा ने संविधान की आठवीं अनुसूची में मान्यता पाई पर भारत सरकार ने भाषा के समृद्धि की ठोस पहल नहीं की गई

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संवाद सूत्र, मिरिक: दार्जिलिंग के भविष्य निर्माण के लिए स्थानीय युवाओं को आगे आने की जरुरत है। दार्जिलिंग पहाड़ की राजनीति , शिक्षा, संस्कृति संस्कार ,परम्परा का संरक्षण करना और राष्ट्रीय राजनीति में दार्जिलिंग का स्थान बनाने के लिए युवा बेझिझक आगे आएं तो निश्चित रुपमे सफलता मिलेगी। यह कहना है हाम्रो स्वाभिमान ट्रस्ट के महामन्त्री एवं वरिष्ठ अधिवक्ता प्रेम छेत्री का। दार्जिलिंग मे एक विशेष कार्यक्रम में सहभागी होने के बाद छेत्री ने कहा कि, वर्षो से हम देख रहे हैं कि दार्जिलिंग पहाड़ की समस्या के स्थायी समाधान और पहचान की लड़ाई को लक्ष्य तक पहुँचाने के लिए पारम्परिक राजनीति से ऊपर उठना जरुरी है । एक ही तरह की राजनीति और छोटी सी जगह में विभिन्न दलो के गठन से भी जनता का मोह भंग हो चुका है। गांव बस्ती की जनता पहाड़ के लक्ष्य एवं रणनीति विहीन राजनीति से उब चुकी है। जनता निकास खोज रही है। छेत्री ने कहा कि , सभी नेतृत्व गलत नही है लेकिन जनइच्छा ,आकाक्षा ,जातीय उन्मुक्ति के लिए किसने क्या क्या काम किया यह सभीको मालूम है। दार्जिलिंग पहाड़ मे एक बार सकारात्मक सोच वाले युवा आगे आकर काम करें तो पहाडका भला ही होगा। छेत्री ने गोरखा जाति की संस्कृति , परंम्परा रीतिरिवाज वेशभूषा ,भाषा साहित्य , खानपान सभी काफी धनी है तथापि , इसका सही प्रचार और मूल्याकन न होने के कारण अन्य जाति समुदाय की तर्ज पर समानान्तर आने मे वंचित होने पर दुख व्यक्त किया । उन्होने कहा कि , नेपाली भाषा ने संविधान की आठवीं अनुसूची मे मान्यता तो पाई है लेकिन अबतक भारत सरकार ने भाषा के समृद्धि के लिए अब तक ठोस पहल नहीं की गई। जब कि अन्य भाषा साहित्यके श्रीवृद्धि के लिए सैकडो कार्य कर चुके है । दिल्ली मे रहकर नेपाली भाषा ,साहित्य, संस्कृति के संरक्षण और प्रबर्द्धन के लिए वर्र्षो से अनवरत सामाजिक कार्य करते आ रहे प्रेम छेत्रीने गोरखाओं को हेयदृष्टि और अपमानित देखने वालों का नजरिया बदला है। अब वह समय नहीं रहा जहाँ गोरखाओं को केवल सिपाही और दरवान के रुप मे सम्बोधन करे। गोरखाओं मे उच्च संवैधानिक पद , बडे़ बड़े अफसर , बैज्ञानिक , कवि साहित्यकार , पत्रकार , लेखक , और अन्य विभाग एव सरकार में भी बढ़े ओहदे में हैं । ऐसे मे सचेत युवाओं को अपना कर्तव्य और दायित्वको निभाने कि जुनुन होना आवश्यक बताते हुए छेत्री ने दार्जिलिंग पहाड़ का स्वर्णिम भविष्य सुनिश्चित करना है तो रणनीति और उदेश्यविहीन राजनीति को छोड़ युवाओं को एक बार अवसर देने की वकालत की है।

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विद्यार्थियों को दी गई वैक्सीन

संसू.मिरिक: मिरिक महाविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए वैक्सीनेशन शिविर आयोजित किया गया। जिसमें मिरिक कालेज गवर्निग बाडी के अध्यक्ष पूनम विश्व की विशेष पहल से मिरिक खण्ड स्वास्थ्य केन्द्र के सहयोग में कृष्णनगर क्लब भवन में शिविर आयोजित किया गया। जहाँ मिरिक कालेज मे अध्ययनरत विद्यार्थियों को वैक्सीन दी गई। शिविर को सफल बनाने के लिए मिरिक कलेज के प्राचार्य तथा महाविद्यालय छात्र परिषद के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भूमिका निर्वाह की।

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बंद पानीघाटा चाय बागान के जरुरतमंदो को दी गई राहत सामग्री

संसू.मिरिक: विगत छह साल से बंद पानीघाटा चाय बगान के श्रमिकों के लिए मिरिक खण्ड विकास कार्यालय की ओर से राशन तथा बर्तन व कपड़ा आदि प्रदान किया। जरुरतमंदों के पक्ष में पानीघाटा आदिवासी सास्कृतिक वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष ओस्कार तिर्की और फील्ड सचिव कृष्ण रौतिया ने विभाग के इस पहल के प्रति आभार व्यक्त किया है। सामग्री वितरण करने के लिए विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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