सिक्किम के मुख्यमंत्री व राज्यपाल ने जताया शोक

-योगेन्द्र मोहन के निधन से पत्रकारिता जगत को भारी नुकसानपूरे उत्तर बंगाल और सिक्किम में भ

JagranSat, 16 Oct 2021 07:54 PM (IST)
सिक्किम के मुख्यमंत्री व राज्यपाल ने जताया शोक

-योगेन्द्र मोहन को सांसद राजू बिष्ट ने भी दी श्रद्धांजलि

- सही ने बताया कि पत्रकारिता जगत को भारी नुकसान

- उत्तर बंगाल और सिक्किम में भी शोक की लहर

जागरण संवाददाता,सिलीगुड़ी। जागरण समूह के अध्यक्ष एवं जागरण परिवार के मुखिया, संरक्षक-मार्गदर्शक योगेन्द्र मोहन जी के निधन पर सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमाग (गोले) ने दु:ख व्यक्त किया है। ट्विटर पर दिए अपने संदेश में उन्होंने कहा है कि जागरण समूह के अध्यक्ष योगेन्द्र मोहन जी के निधन से हम मर्माहत हुए हैं। दुख की इस घड़ी में हम उनके परिवार के साथ हैं । भगवान उनकी आत्मा को शाति प्रदान करें। वहीं सिक्किम के राज्यपाल गंगा प्रसाद ने अपने शोक संदेश में कहा है कि योगेंद्र मोहन गुप्त का निधन काफी दुखद है। हिन्दी समाचार पत्रों के व्यापक प्रचार प्रसार में व शैक्षिक गतिविधियों में उनका विशिष्ट योगदान रहा है। उनके परिजनों तथा प्रशंसकों के प्रति मेरी शोक संवेदनाएं है। दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्ट ने अपने शोक संवेदना में कहा कि जागरण समूह चेयरमैन के रूप में उनका योगदान स्मरणीय रहेगा। उनका जाना पत्रकारिता जगत के लिए बड़ी क्षति है। दिवंगत आत्मा के श्रीचरणों में वे श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। साथ ही

सिलीगुड़ी दैनिक जागरण कार्यालय में वरिष्ठ समाचार संपादक गोपाल ओझा, महाप्रबंधक सिलीगुड़ी यूनिट शुभाशीष हालदार , विपणन प्रबंधक अभिजीत दे व अन्य पदाधिकारियों ने उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धाजलि अर्पित की।

बताते चलें कि योगेन्द्र मोहन जी, जिन्हें सभी स्नेह, प्यार और आदर से सोहन बाबू कहते थे, का निधन समस्त जागरण परिवार, पत्रकारिता जगत और विज्ञापन की दुनिया के लिए अपूर्णीय क्षति है। उन्होंने विज्ञापन जगत में तमाम ऐसे नवोन्मेष व नवाचार किये, जो आज भी देश भर के अखबारों के लिए आय अर्जन के सतत आधार साबित हो रहे हैं।

लक्ष्मी देवी ललित कला अकादमी के साथ पूर्णचन्द्र गुप्त स्मारक ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में अंत समय तक वे सक्रिय रहे। उनके नेतृत्व में जहा लक्ष्मी देवी ललित कला अकादमी ने कला जगत को समृद्ध किया, वहीं पूर्णचन्द्र गुप्त स्मारक ट्रस्ट ने शिक्षा जगत में नए प्रतिमान स्थापित किए। इस ट्रस्ट के तहत कई शिक्षा संस्थान उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में संचालित हैं, जहा हजारों छात्र अध्ययरत हैं।

उनके लिए नई पीढ़ी उनकी ऋ णी रहेगी। साहित्य और संगीत में उनकी गहरी रुचि व समझ थी ।

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

Tags
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.