विपक्षियों का बंद रहा असरदार

-इक्का-दुक्का दुकान छोड़ बाजार बंद रहे, समर्थकों ने निकाला जुलूस

-वाहनों की आवाजाही रही कम, शांतिपूर्ण गुजरा बंद

जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी :

महंगाई व केंद्र सरकार की जनहित विरोधी नीतियों के खिलाफ सोमवार 10 सितंबर को आहूत भारत बंद यहां शहर व आसपास में असरदार रहा।

शहर में इक्का दुक्का दुकानों को छोड़ सभी दुकान व बाजार बंद रहे। वाहनों का परिचालन भी बहुत प्रभावित रहा। इक्का-दुक्का वाहन ही चले। सिलीगुड़ी नगर निगम व सिलीगुड़ी महकमा परिषद बंद रहा। निजी स्कूल-कॉलेज बंद रहे। सरकारी शिक्षण संस्थान खुले भी रहे तो कर्मचारियों से लेकर विद्यार्थियों तक की उपस्थिति नाममात्र रही। हिलकार्ट रोड में खुले कुछ प्रतिष्ठान को कांग्रेस के बंद समर्थकों ने बंद भी करा दिया। इस दिन सुबह से लगातार हुई बारिश भी बंद में सहायक सिद्ध हुई। चूंकि यह बंद 12 घंटे के लिए आहूत किया गया था, इसलिए शाम ढलते ही कुछ दुकान-बाजार खुल गए।

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के अलावा वाम दलों ने भी संयुक्त रूप से इस दिन बंद का ऐलान कर रखा था। बंद बुलाने वाले वाम दलों में माकपा, भाकपा, भाकपा (माले), सीपीआइ (एमएल) लिबरेशन, एसयूसीआइ व आरएसपी आदि वामपंथी दल व संगठन शामिल रहे।

इस दिन बंद को लेकर बाघाजतीन पार्क से कांग्रेस की दार्जिलिंग जिला कमेटी की ओर से शहर में विशाल जुलूस निकाला गया। जिसमें शामिल कांग्रेस के दार्जिलिंग जिलाध्यक्ष शंकर मालाकार ने कहा कि आज बंद सर्वत्र अत्यंत प्रभावी रहा। यह प्रमाण है कि आमजन गणतंत्र की हत्यारी केंद्र की मोदी सरकार के विरुद्ध है। देश को आजाद हुए 70 साल हो गए मगर कभी भी पेट्रोल का दाम 80 रुपये के पार नहीं गया और रसोई गैस का दाम 890 रुपये नहीं हुआ। यह आमजनों पर घोर अत्याचार है। एक लाख 30 हजार करोड़ रुपये के राफेल घोटाले पर मोदी सरकार कोई जवाब नहीं दे रही है। अच्छे दिन की जगह सबसे बुरे दिन से देश गुजर रहा है। महंगाई उसके नियंत्रण से बाहर हो गई है। भीड़ की ¨हसा,अराजकता व सांप्रदायिकता चरम पर है। यह देश के शांति-सद्भाव भरे माहौल में जहर घोल रहे हैं। इसे हर्गिज बर्दाश्त नहीं किया जा सकता, यह आज के भारत बंद को उम्मीदों से भी बढ़ कर समर्थन देकर आमजनों ने सिद्ध कर दिया है।

जुलूस में शामिल लोगों ने नारेबाजी करते हुए केंद्र की भाजपा सरकार व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जमकर कोसा। इस दिन बंद को लेकर कहीं कोई अप्रिय घटना न घटे जगह-जगह पुलिस मुस्तैद रही। यह बंद शांतिपूर्ण गुजरा।

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