कोलकाता से कोई डॉक्टर आने को तैयार नहीं

अब प्राइवेट डॉक्टर चलाएंगे सरकारी अस्पताल

JagranWed, 29 Sep 2021 08:15 PM (IST)
कोलकाता से कोई डॉक्टर आने को तैयार नहीं

- अब निजी अस्पताल के चिकित्सक करेंगे बेड़ा पार

-मेडिकल कॉलेज में न्यूरो सर्जरी विभाग खोलने की तैयारी

-कार्डियाक और नेफ्रो सर्जरी अभी भी भगवान भरोसे जागरण विशेष

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साल पहले ही भवन बनकर है तैयार है

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विभागों में सरकारी स्तर पर कोई डॉक्टर नहीं

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से ज्यादा रोगी हर दिन चिकित्सा सुविधा से वंचित

शिवानंद पांडेय,

सिलीगुड़ी : उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज व अस्पताल एनबीएमसीएच में प्राइवेट न्यूरो सर्जन के भरोसे न्यूरो सर्जरी विभाग चालू किए जाने की कवायद शुरू हुई है, वहीं अभी भी यहां कार्डियाक व नेफ्रो सर्जरी की सुविधा शुरू किए जाने को लेकर कोई चर्चा तक नहीं हुई है। ऐसे में इन दोनों समस्याओं से पीड़ित मरीजों की चिकित्सा यहां एक तरह से कहें तो भगवान भरोसे है।

मिली जानकारी के अनुसार उत्तर बंगाल के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में से एक उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज के न्यूरो सर्जरी विभाग में कोई डॉक्टर नहीं है। जिसकी वजह से ब्रेन स्ट्रोक, नशे से संबंधित एवं दुर्घटना के शिकार जख्मी लोगों की चिकित्सा प्रभावित हो रही है। आम लोगों को लाखों रुपए खर्च कर वैसे मरीजों की चिकित्सा निजी नíसंग होम में करानी पड़ रही है। कई लोग तो यहां की चिकित्सा व्यवस्था पर भरोसा नहीं कर मरीजों को इलाज के लिए बाहर ले जाते हैं। दरअसल उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में न्यूरो सर्जरी विभाग की संरचना तो है लेकिन कोई डॉक्टर नहीं है। जिसकी वजह से न्यूरो सर्जरी विभाग को चालू कर पाना संभव नहीं हो सका है। आखिरकार जिला स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों के न्यूरो सर्जन की सहायता से उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में न्यूरो सर्जरी विभाग खोलने की योजना बनाई है। कहने का मतलब है अब निजी अस्पताल के चिकित्सक मेडिकल कॉलेज में भर्ती होने वाले न्यूरो रोगियों का बेड़ा पार करेंगे। जिसको लेकर शुक्रवार को उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक उच्च स्तरीय बैठक भी हुई। जिसमें उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज के आला अधिकारियों के साथ ही उत्तर बंगाल में चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार द्वारा नियुक्ति ओएसडी डॉ सुशात राय भी उपस्थित थे। इस बैठक में सिलीगुड़ी के कई न्यूरो सर्जन को भी आमंत्रित किया गया था। बाद में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए डॉ सुशात राय ने कहा कि निजी अस्पतालों के न्यूरो सर्जनों को लेकर उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में न्यूरो सर्जरी विभाग शुरू करने की योजना है। गैर सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों को कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर न्यूरो सर्जरी विभाग में नियुक्त किया जाएगा। इन्हीं डॉक्टरों की सहायता से न्यूरो सर्जरी विभाग की शुरुआत की जाएगी। इसके लिए सभी आवश्यक तैयारिया पूरी कर ली गई है। उन्होंने कहा था कि न्यूरो सर्जरी विभाग से ब्रेन स्ट्रोक के साथ-साथ दुर्घटना के शिकार लोगों की चिकित्सा सरकारी खर्चे पर सही तरीके से हो सकेगी। उम्मीद है कि शीघ्र ही न्यूरो सर्जरी विभाग की शुरुआत कर दी जाएगी।

दूसरी ओर एनबीएमसीएच में कॉर्डियोलॉजी और नेफ्रोलॉजी विभाग में सर्जरी की सुविधा अभी तक नहीं है। इससे हृदय रोग, मस्तिष्क रोग व किडनी संबंधित बीमारियों के मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मरीजों को होती है बेहद परेशानी

एनबीएमसीएच सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार यहां पर कॉर्डियोलॉजी व नेफ्रोलॉजी में सर्जरी तथा इंडोर सुविधा के लिए नौ वर्ष पहले नए भवन बनाए गए। जबकि अभी तक इलाज की बेहतर सुविधा शुरू नहीं हो पाई है। इन दोनों विभागो के साथ ही न्यूरो विभाग में ना तो सर्जरी की सुविधा है और न ही यहां पर कोई सरकारी स्तर विशेषज्ञ डॉक्टर हैं। इससे इन बीमारियों से ग्रसित मरीजों को इलाज के निजी अस्पतालों व अन्य दूसरे जगहों पर जाना पड़ता है। वहीं लोगों का कहना है कि एक ओर राज्य सरकार मरीजों को सरकारी अस्पतालों में बेहतर सस्ते इलाज की बात करती है, जबकि देखा जाता है इलाज की बेहतर सुविधा नहीं है। सूत्रों द्वारा बताया गया कि प्रत्येक दिन विभिन्न विभागों में लगभग एक हजार मरीज ओपीडी में आते हैं। इनमें दो सौ से ज्यादा मरीज कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी व नेफ्रोलॉजी विभाग में आते हैं। इन बीमारियों के विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं रहने से उन्हें वापस होना पड़ता है।

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