भरभरा कर गिरने लगी मिट्टी और दब गए मजदूर

-आंख खुली तो अस्पताल में भर्ती पाया -पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बच सकी जान जागरण संवाददाता

JagranFri, 18 Jun 2021 09:52 PM (IST)
भरभरा कर गिरने लगी मिट्टी और दब गए मजदूर

-आंख खुली तो अस्पताल में भर्ती पाया

-पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बच सकी जान

जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी: गुरूवार को देर रात कालिम्पोंग जिले के सेवक -रंगपो रेल परियोजना के भालूखोवा में बन रहे सुरंग में भूस्खलन में 7 मजदूर दब गए थे। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण ही अधिंकांश मजदूरों की जान बच गई। जैसे ही इसकी सूचना मिली कालिम्पोंग पुलिस तुरंत ही मौके पर पहुंची और सभी घायलों को इलाज के लिए कालिम्पोंग अस्पताल पहुंचाया। बाद में इलाज के दौरान दो मजदूरों की मौत हो गई। इस क्षेत्र में पिछले कई दिन से बारिश का क्रम जारी है। मौसम परिवर्तन से भूस्खलन व भूधंसान की संभावना अधिक बलवती होती है।

सिक्किम को रेल से जोड़ने के लिए सेवक-रंगपो रेल परियोजना पर तेजी से काम हो रहा है। यहां सुरंग बनाने का काम चल रहा है। यहीं भूस्खलन के कारण काम कर रहे 7 मजदूर दब गए। राहत बचाव कार्य और पुलिस की मदद से सभी मजदूरों को सुरंग से बाहर निकाल कर कालिंपोंग जिला अस्पताल लाया गया। जिसमें दो की हालत गंभीर थी। इलाज के दौरान ही दोनों की मौत अस्पताल में ही हो गई। अन्य घायलों को इलाज के लिए सिलीगुड़ी रेफर कर दिया गया। मजदूरों का कहना है। अचानक तेज आवाज के साथ मिट्टी गिरते देखा और उसके बाद उन्हें कुछ भी पता नहीं। आंख खुली तो खुद को अस्पताल में भर्ती पाया। ये मजदूर काफी घबराए हुए हैं। गरमा सकती है राजनीति

रेलवे परियोजना में गुरुवार की रात हुए हादसा को लेकर राजनीति गरमा सकती है। यह कयास इसलिए लगाया जा रहा है क्योंकि यह परियोजना केंद्र सरकार की है। बंगाल चुनाव के बाद से भी केंद्र व भाजपा के साथ तृणमूल कांग्रेस का छत्तीस का आंकड़ा है। ऐसे में इस मामले में जल्द ही पहाड़ पर राजनीति शुरु हो सकती है। राज्य सरकार केंद्र के खिलाफ कोई ऐसा मामला उसे घेरने के लिए नहीं छोड़ना चाहती।

सासद ने किया दु:ख व्यक्त

दाíजलिंग के सासद राजू बिष्ट ने भूस्खलन के कारण मारे गए झारखंड के मजदूरों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में वह मजदूर परिवारों के साथ हैं। जो घायल हैं उनकी उचित चिकित्सा हो और वह जल्द से जल्द स्वस्थ हों, इसके लिए जिला प्रशासन से बात करेंगे। इस प्रकार की घटना कैसे हुई इसके लिए हुए रेल मंत्रालय से बातचीत करेंगे। दोबारा इस प्रकार की घटना ना घटे इसके लिए भी काम करने वाली एजेंसी और रेल मंत्रालय से बातचीत की जाएगी।

क्या है सेवक रंगपो परियोजना

सेवक से सिक्किम के रंगपो के बीच 44. 96 किमी लम्बी रेल लाइन बिछाई जा रही है। इसका 41.55 किमी हिस्सा बंगाल तथा 3. 41 किमी हिस्सा सिक्किम में होगा। महानंदा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी होकर रेल लाइन गुजारे जाने के कारण वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से एनओसी मिलने के बाद काम तेजी कराया जा रहा है। 44.96 किमी लम्बी रेल परियोजना में 14 सुरंग, 13 पुल भी बनाया जा रहा है। सुरंग की कुल लंबाई 3555 मीटर होगी। जानकारी के मुताबिक चीन से बढ़ते तनाव के बीच इस परियोजना का काम तेजी से कराए जाने का निर्णय लिया गया था। परियोजना 2022 तक पूरा करा लिए जाने का लक्ष्य रखा गया है। रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार 8,900 करोड़ की अनुमानित बजट वाले इस परियोजना में अब तक 335.52 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं। 2020-21 के लिए 607 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है। इंडियन रेलवे कंस्ट्रक्शन कंपनी (इरकॉन) के द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इस अनुभाग में 14 सुरंगें, 13 पुल व पाच स्टेशन बनाए जाएंगे। जिनमें सेवक, रियाग, तीस्ता बाजार, मल्ली, रंगपो स्टेशन शामिल है। नवीनतम प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर निर्माण कार्य चल रहा है। इस रेलखंड पर 100 किमी प्रति घटे की रफ्तार से ट्रेनें चलेंगी। इसे दिसंबर 2022 तक पूर्ण किया जाना है। बताते चलें कि रेल परियोजना का शिलान्यास मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तब की थी जब वह केंद्र में रेलमंत्री थीं।

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