सिक्किम से लेकर पहाड़ में कई जगहों पर भूस्खलन

- तीस्ता व बलासन नदी खतरे के निशान के करीब - सांसद राजू बिष्ट ने सीएम से भूस्खलन पीड़ितों क

JagranWed, 20 Oct 2021 07:51 PM (IST)
सिक्किम से लेकर पहाड़ में कई जगहों पर भूस्खलन

- तीस्ता व बलासन नदी खतरे के निशान के करीब

- सांसद राजू बिष्ट ने सीएम से भूस्खलन पीड़ितों की मदद की अपील की

- सिक्किम में भी भूस्खलन के कारण कई मार्ग बाधित

जेएनएन, दार्जिलिंग/गंगटोक : पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश से सिक्किम और दार्जिलिंग हिल्स क्षेत्र में कई जगह भूस्खलन व भूधंसान होने की खबर है। अधिकांश जगहों पर भूस्खलन से सड़कें पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। वहीं दूसरी ओर रंगपो व तीस्ता खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

दार्जिलिंग में भी कई जगहों पर लगातार बारिश से जगह-जगह से भूस्खलन की खबर है। दार्जिलिंग महकमा शासक का बंगलों भी भूस्खलन की चपेट में आ गया है। जिसमें एक होमगार्ड का जवान लापता है। विभाग के अधिकारियों के अलावा नगर पालिका के आपदा प्रबंधन विभाग के कर्मचारी मालवा को साफ करने और लापता व्यक्ति को खोजने में लगे है। वही दार्जिलिंग के एसपी डॉक्टर संतोष निंबालकर ने घटनास्थल का जायजा लिया। उनके साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सौम्यदीप भट्टाचार्य थे। इसी तरह प्रत्येक ब्लॉक से मार्ग क्षतिग्रस्त होने होने का खबर आ रही है। तीस्ता और बालासन नदी खतरे की रेखा से ऊपर बह रही है। वही दार्जिलिंग के सासद राजु बिष्ट ने एक पत्र के माध्यम से बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से पहाड़ तराई डुवार्स के सभी भूस्खलन पीड़ितों को तत्काल सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया है। सांसद ने कहा कि एनडीआरएफ का 3 टीम दार्जिलिंग व कालिम्पोंग जिला और सिलीगुड़ी के बाहरी क्षेत्र के लिए लगाया जा चुका है। जिससे जल्द से जल्द राहत प्रदान किया जा सके। उन्होंने कहा की 50 से अधिक घर छतिग्रस्त हुए हैं। वही गोजमुमो अध्यक्ष अध्यक्ष बिमल गुरुंग अपने दल बल के साथ राहत और बचाव कार्य में जुट दिखे। कालिम्पोंग, कर्सियांग व मिरिक में भी कई जगहों पर भूस्खलन होने की खबर है। मिरिक में मंगलवार को हुई बारिश में 25 घरों को नुकसान हुआ है।

सिक्किम में भी विगत तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण सिक्किम सड़क पूर्वाधार को व्यापक क्षति हुई है। सिक्किम पहाड़ी राज्य होने के कारण यहा भूस्खलन की वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग और कई छोटे लिंक रोड भी बाधित है। इस बार देश के साथ ही सिक्किम भी बेमौसमी बारिश में डूबा हुआ है। लगातार बारिश होने के कारण पश्चिम बंगाल और सिक्किम को जोड़ने वाला एकमात्र जीवन रेखा राष्ट्रीय राजमार्ग-10 में कम से कम 16 जगह पर भूस्खलन हुआ है। इसके कारण कारण सेवक रोड पर वाहन चला चल ठप है। सिक्किम सरकार के उच्च पदस्थ अधिकारी से मिली जानकारी के मुताबिक इस राजमार्ग पर वाहन सुचारू होने के लिए कम से कम 24 घटा का समय लगेगा। खबर लिखे जाने तक भी सड़क मार्ग अवरुद्ध था।

अधिकारी ने बताया है कि सड़क पूर्ण रूप से संचालित ना होने तक सेवक होकर सिक्किम-सिलीगुड़ी चलने वाले वाहनों को दार्जिलिंग के रास्ते से यात्रा करने का निर्देश दिया गया है।

दूसरी ओर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने पूर्वोत्तर राच्यों में आगामी 24 घटों तक अविरल बारिश का अनुमान लगाया है। बारिश के कारण सड़क के साथ ही विभिन्न स्थानों पर लोगों के घरों को भी क्षति पहुंचा है। दक्षिण और पश्चिम सिक्किम के विभिन्न स्थानों पर सड़क मार्ग बाधित होने के कारण वाहन चला चल ठप है।

सिक्किम राज्य आपदा आयुक्त सरलाई राई के मुताबिक दक्षिण और पश्चिम सिक्किम के प्राय: सड़क मार्ग बाधित होने से दो सौ से अधिक यात्री फंसे थे। प्रशासन ने सतर्कता दिखाते हुए यात्रियों को सुरक्षित उद्धार किया। उन्होंने जानकारी दी है कि राच्य सरकार ने प्रत्येक जिला के जिलापाल, महकमा अधिकारी और आपदा प्रबंधन को सतर्क किया है।

दूसरी ओर राजधानी गंगटोक से भारत चीन सीमा तक जाने वाली नाथुला भंजेंग सड़क मार्ग की बात करें तो यह सड़क मार्ग कहीं भी बाधित नहीं है। नाथुला और उत्तर सिक्किम से जुड़े सभी सामरिक महत्व के राजमार्ग सुचारू है, यह जानकारी सीमा सड़क संगठन के प्रमुख कर्नल विशाल ने दी है।

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

Tags
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.