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हिंसा में टीएमसीपी समर्थक शामिल-विद्यार्थी परिषद

-उत्तर बंग उत्सव में सीएम के बयान की निंदा

-दाड़ीभीट गोलीकांड को लेकर भी सरकार को घेरा

- छात्रसंघ चुनाव जल्द से जल्द चुनाव कराने की मांग

-उत्तर बंगाल में नई कमेटी का हुआ गठन

-आशीष मंडल को मिली अध्यक्ष की जिम्मेदारी

जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी :

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद एवीवीपी ने नहीं,अपित तृणामूल के छात्र संगठन टीएमसीपी ने आतंक मचा रखा है। एवीवीपी समर्थकों के साथ मारपीट की जा रही है। यह आरोप एवीवीपी नेता देवब्रत भट्टाचार्य ने लगाया है। वह बृहस्पतिवार को सिलीगुड़ी जर्नलिस्ट क्लब में संवाददाताओं से बात कर रहे थे। उन्होंने बीते सोमवार को अठारोखाई मैदान में उत्तर बंग उत्सव के उद्घाटन के मौके पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा बिना नाम लिए एबीवीपी पर विश्वविद्यालयों में अशांति करने का आरोप लगाते हुए पुलिस से निगरानी रखने का जो निर्देश दिया था, पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आगे कहा कि बीते 20 जनवरी को ही दिनहाटा में तृणमूल छात्र परिषद के सदस्यों द्वारा एबीवीपी के लोगों की पिटाई की गई थी।

इसके अलावा इस्लामपुर के निकट के दाड़ीभीट में बांग्ला माध्यम के शिक्षक के नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे जिन छात्र तापस वर्मन व राजेश सरकार की मौत पुलिस की गोली से हुई थी,उनको अभी तक न्याय नहीं मिला है। दोनों छात्रों के परिजन न्याय की आश लगाए हैं। उन्हें न्याय दिलाने के लिए एवीवीपी की कोशिश जारी रहेग। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को ऐसी बातें बोलने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि उत्तर बंगाल के उप कुलपति डॉ सुविरेश भट्टाचार्य हों अथवा यादवपुर विश्वविद्यालय के उप कुलपति सुरंजन दास, इन लोगों द्वारा विश्वविद्यालयों का राजनीतिकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षो से विश्वविद्यालय व कॉलेजों में छात्रसंघ का चुनाव नहीं हो रहा है। एबीवीपी चुनाव कराने के लिए लगातार मांग कर रही है। अगर निष्पक्ष चुनाव हुआ तो एबीवीपी की जीत होगी। इसबीच,अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उत्तर बंगाल शाखा की नई कमेटी गठित की गई है। उक्त कमेटी के अध्यक्ष के रूप में आशीष मंडल व महासचिव के रूप में बिराज विश्वास का चयन किया गया। जबकि कमेटी के उपाध्यक्ष गार्गी मंडल, त्रिदीप साहा, स्वर्णजीत भद्र, अर्णव दत्त भौमिक व बापी मित्र बनाए गए। अभिषेक विश्वास, देवब्रत भट्टाचार्य, रिकी राय व विजय शर्मा को उप सचिव की जिम्मेदारी दी गई। कमेटी के कार्यालय सचिव रातुल बर्मन, कोषाध्यक्ष गणेश कामती और मीडिया प्रमुख हारू सरकार बनाए गए हैं। कमेटी के अन्य पदाधिकारियों में तन्मय तंत्र, डॉ शिखर मित्र, तारक सरकार, शुभम गुप्ता, दीपंकर दे, शुभाशीष दत्त, स्वर्ण कमल सरकार, आलोक देवभूति, मनीष राय का नाम उल्लेखनीय है।

उक्त जानकारी के एबीवीपी, उत्तर बंगाल शाखा के अध्यक्ष आशीष मंडल ने दी है। उन्होंने बुधवार को सिलीगुड़ी में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि बीते 19 जनवरी को कोलकाता में परिषद के राज्य सम्मेलन में उक्त नई कमेटी की घोषणा की गई थी।

बीते सोमवार को शिवमंदिर के अठारोखाई मैदान में उत्तर बंग उत्सव के उद्घाटन के मौके पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा बिना नाम लिए एबीवीपी पर विश्वविद्यालयों में अशांति कायम करने का आरोप लगाते हुए पुलिस से इस पर निगरानी रखने के दिए गए निर्देश पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए एबीवीपी नेता देवब्रत भट्टाचार्य ने कहा कि बीते 20 जनवरी सोमवार को ही दिनहाटा में तृणमूल छात्र परिषद के सदस्यों द्वारा एबीवीपी के लोगों की पिटाई की गई थी।

इस्लामपुर के निकट के दाड़ीभीट में बांग्ला माध्यम के शिक्षक के नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे छात्र तापस वर्मन व राजेश सरकार की मौत पुलिस की गोली से हुई। अभी तक उन दोनों छात्रों के परिजनों को अभी तक न्याय नहीं मिला। उन्हें न्याय दिलाने के लिए एबीवीपी लगातार मांग कर रही है। ऐसी स्थिति में मुख्यमंत्री को इस तरह की बात बोलने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि उत्तर बंगाल के उप कुलपति डॉ सुविरेश भट्टाचार्य हों अथवा यादवपुर विश्वविद्यालय के उप कुलपति सुरंजन दास इन लोगों द्वारा विश्वविद्यालयों का राजनीतिकरण किया जा रहा है। एबीवीपी इस तरह की नीति की निंदा करता है। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षो से विश्वविद्यालय व कॉलेजों में छात्रसंघ का चुनाव नहीं हो रहा है। एबीवीपी चुनाव कराने के लिए लगातार मांग कर रही है। अगर निष्पक्ष चुनाव हुआ तो एबीवीपी की जीत होगी।

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