शहर में बंद का व्यापक असर,कोई अप्रिय घटना नहीं

शहर में बंद का व्यापक असर,कोई अप्रिय घटना नहीं

- हेलमेट पहनकर सरकारी बस चला रहे थे चालक -कहीं समर्थन तो कहीं विरोध में निकाली गइ

Publish Date:Thu, 26 Nov 2020 08:12 PM (IST) Author: Jagran

- हेलमेट पहनकर सरकारी बस चला रहे थे चालक

-कहीं समर्थन तो कहीं विरोध में निकाली गई रैली

जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी : केंद्र की भाजपा नीत मोदी सरकार की जनहित विरोधी नीतियों के विरुद्ध केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की ओर से संयुक्त रूप में आज 26 नवंबर को आहूत देशव्यापी आम हड़ताल का सिलीगुड़ी व आसपास के इलाकों में मिलाजुला असर रहा। शहर के बाजारों में कई दुकानें खुली रहीं तो अधिकांश बंद रही। आम परिवहन का भी कमोबेश ऐसा ही हाल रहा। यह हड़ताल जिन मुद्दों पर बुलाई गई है उन मुद्दों को नैतिक समर्थन देने के बावजूद राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल काग्रेस हड़ताल के पक्ष में नहीं है इसलिए राज्य सरकार के ट्रासपोर्ट यानी नॉर्थ बेंगल स्टेट ट्रासपोर्ट कॉरपोरेशन (एनबीएसटीसी) की बसें सड़कों पर चल रही थी। हालाकि, इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर एनबीएसटीसी की बसों के ड्राइवर हेलमेट लगाकर बस चला रहे थे। शहर के आसपास के चाय बागानों में इस हड़ताल का अच्छा असर पड़ा। शहर व आसपास के स्कूल कॉलेज व अन्य शिक्षण संस्थान पहले से ही कोरोना महामारी के मद्देनजर बंद हैं।

इस दिन सुबह शहर में सब कुछ लगभग स्वाभाविक ही रहा लेकिन दिन के 10:00 बजे से जब हड़ताल समर्थक सड़कों पर उतरे तब जाकर हड़ताल कुछ रंग लाई और प्रभावी हुई।

सड़कों पर बड़ी गाड़ियों की आवाजाही नहीं हो रही थी। छोटी और निजी गाड़ियां भले ही आवाजाही कर रही थी। सुबह करीब 10:00 बजे सभी ट्रेड यूनियनों की ओर से मल्लागुड़ी खुदीराम बोस की प्रतिमा के निकट से रैली निकाली गयी। इसमें बड़ी संख्या में बंद समर्थक शामिल हुए। रैली का नेतृत्व इंटक नेता आलोक चक्रवर्ती, सीटू नेता समन पाठक, रामभजन महतो, स्दिग्धा हाजरा, अभिजीत मजुमदार, जीवेश सरकार, अशोक नारायण भट्टाचार्य आदि कर रहे थे। रैली हिलकार्ट रोड होते हुए हाशमी चौक पहुंचकर फिर खुदीराम मूर्ति के निकट आकर समाप्त हुई। बंद के दौरान किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। हांलाकि कई जगह बंद समर्थक गाड़ियों को रोक रहे थे। एक दो स्थानों पर दुकानें भी बंद कराई गई।

शाम को संवाददाताओं से बात करते हुए इंटक नेता आलोक चक्रवर्ती ने बंद सफल होने का दावा किया। उन्होंने बताया कि बंद को जनता का पूरा समर्थन मिला है। बंद के दौरान तराई क्षेत्र के ज्यादातर चाय बागानों में श्रमिक कामकाज पर नहीं आए। नक्सलबाड़ी लाइन में कुछ चाय बागान में श्रमिक काम पर आए जिसे आंदोलनकारियों द्वारा नहीं रोका गया।

ग्रामीण क्षेत्र में असर बेहद कम

दूसरी ओर नक्सलबाड़ी, माटीगाड़ा, खपरैल, चंपासारी अंचल, मिलनमोड़, बागडोगरा, फांसीदेवा, विधाननगर, एनजेपी , खोरीबाड़ी, अधिकारी समेत अन्य छोटे छोटे बाजार में ज्यादातर दुकानें खुली रही।

रेल और विमान सेवा सामान्य

रेल व हवाई यात्रा पर बंद का कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। बागडोगरा एयरपोर्ट से विमानों का सामान्य रूप से संचालन हुआ। सरकारी कार्यालय तो खुले परंतु लोगों की आवाजाही नहीं के बराबर रही। बंद के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस जिलाध्यक्ष रंजन सरकार उर्फ राणा के नेतृत्व में रैली निकाली गयी। रैली में बंद को विफल करने के साथ कोरोना काल में बंद के आह्वान को गलत बताया गया।

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