उत्‍तरकाशी के इस युवक ने अपनी जमापूंजी से गांव में बनाई ढाई किमी सड़क

उत्तरकाशी जिले के नौगांव ब्लाक के फुवाण गांव निवासी गब्बर सिंह रावत ने अपने पैसों से गांव में ढाई किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया। इतना ही नहीं गांव की पेयजल योजना की मरम्मत कराई। साथ ही बच्‍चों के लिए खेल का मैदान बनवाया।

Sunil NegiTue, 28 Sep 2021 12:18 PM (IST)
उत्तरकाशी जिले के गब्बर सिंह रावत ने अपने पैसों से गांव में ढाई किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया।

जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी। 'मंजिलें उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है। पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है।' इस वाक्य को सही मायने में चरितार्थ कर रहे हैं उत्‍तरकाशी के फुवाण गांव निवासी गब्बर सिंह रावत। उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से 125 किलोमीटर दूर नौगांव ब्लाक के फुवाण गांव निवासी गब्बर सिंह रावत (38 वर्षीय) ने समाज सेवा की नई कहानी लिखी है। गब्बर सिंह रावत ने गांव ने ढाई किलोमीटर सड़क बनाकर अपने गांव को मुख्‍य सड़क से जोड़ दिया है। यही नहीं गांव में बच्चों के लिए खेल मैदान और गांव में सुचारु पेयजल योजना की मरम्मत भी अपने पैसों से कराई। इन कार्यों को करने में उन्‍होंने करीब 14.50 लाख रुपये खर्च किए। ग्रामीणों ने इस युवा का गांव में भव्य स्वागत किया तथा ग्राम पंचायत के होने वाले उप चुनाव के लिए निर्विरोध प्रत्याशी तय किया है।

दरअसल, उत्‍तरकाशी के नौगांव ब्‍लॉक के अंतर्गत पट्टी गौडर के फुवाण गांव के ग्रामीणों के लिए यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के चामी से सड़क स्वीकृत हुई। वर्ष 2016 में पांच किलोमीटर सड़क कटिंग का कार्य हुआ तथा छानी नामे तोक तक सड़क पहुंची। लेकिन, उससे आगे सड़क निर्माण को लेकर कोई कार्रवाई नहीं हुई। लेकिन, छानी तोक से फुवाण गांव के ग्रामीणों को ढाई किलोमीटर की पैदल आवाजाही करनी पड़ रही थी। पहाड़ी रास्ता होने के कारण ग्रामीणों को अधिक परेशानी हो रही थी। गांव में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल की परेशानियों को देखते हुए गांव के गब्बर सिंह रावत ने कुछ वर्ष पहले देहरादून जनपद के विकासनगर में घर बनाया। लेकिन, गांव से आवाजाही जारी रखी।

12वीं पास और ठेकेदारी व्यवसाय से जुड़े गब्बर सिंह ने अपनी और ग्रामीणों की आवाजाही की परेशानी को समझा तो अपने संसाधनों से गत एक जुलाई से सड़क काटनी शुरू की। बीती 15 सितंबर को ढाई किलोमीटर सड़क का कार्य पूरा हुआ था गांव सड़क से जुड़ा। इस सड़क निर्माण के लिए गब्बर सिंह को ग्रामीणों का पूरा सहयोग मिला। जिन ग्रामीणों के खेत सड़क की जद में आ रहे थे, उन ग्रामीणों ने किसी तरह को विरोध नहीं किया, बल्कि गब्बर सिंह रावत का सहयोग किया।

इस सड़क निर्माण के कार्य में गब्बर सिंह की करीब दस लाख रुपये की जमापूंजी खर्च हुई। गब्बर सिंह रावत ने बताया कि जब विभागीय अधिकारियों और राजनेताओं ने सड़क निर्माण के लिए कोई कार्रवाई नहीं की तो उन्होंने गांव तक सड़क पहुंचाने का निर्णय लिया। उन्‍होंने बताया कि मेरी जमापूंजी ग्रामीणों के जीवन से बढ़कर नहीं है। इसलिए सड़क निर्माण, खेल मैदान निर्माण और पेयजल लाइन की मरम्मत के लिए अपनी जमा पूंजी खर्च की है।

गांव में बनाया खेल का मैदान

फुवाण गांव में प्राथमिक विद्यालय है। पांचवीं के बाद गांव के बच्चों को जंगल और पहाड़ी पैदल मार्ग से तीन किलोमीटर दूर गातू जूनियर हाईस्कूल में जाना पड़ता है। लेकिन गातू में आठवीं तक का ही विद्यालय है। आठवीं के बाद सबसे निकटवर्ती बर्नीगाड़ इंटर कालेज की दूरी 20 किलोमीटर है। फुवाण गांव में बच्चों के लिए खेल का मैदान भी नहीं था। जहां बच्चे खेल कूद के साथ दौड़ आदि की तैयारी कर सकें। इसके लिए प्राथमिक विद्यालय के निकटा गब्बर सिंह ने मैदान बनाने की योजना बनाई। इसके लिए गांव के 45 परिवारों ने एक लाख रुपये एकत्र किए, लेकिन मैदान निर्माण में चार लाख रुपये की धनराशि खर्च हुई। जिसमें तीन लाख रुपये गब्बर सिंह रावत ने अपनी तरफ से खर्च की। पहाड़ी काटकर 50 मीटर लंबा तथा 15 मीटर चौड़ा खेल मैदान बनाया है।

पेयजल लाइन की मरम्मत की

फुवाण गांव में पेयजल आपूर्ति के लिए 16 किलोमीटर दूर से पेयजल योजना आती है। लेकिन गत वर्ष पेयजल कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हुई। ग्रामीणों ने कई बार विभाग से संपर्क किया। लेकिन जब समाधान नहीं हुआ तो गब्बार सिंह रावत ने 1.50 लाख रुपये खर्च कर पेयजल लाइन की मरम्मत करवाई। अब गांव में जलजीवन मिशन से भी घर-घर नल पहुंच चुके हैं।

ग्रामीणों ने बनाया निर्विरोध प्रत्याशी

वर्ष 2019 में पंचायत चुनाव हुए तो फुवाण गांव में अनुसूचित जाति पुरुष के लिए प्रधान की सीट आरक्षित थी। लेकिन, गांव में अनुसूचित जाति का एक ही परिवार होने के कारण परिवार में कोई भी पात्र प्रत्याशी नहीं मिला। जिसके कारण चुनाव नहीं हुए। वर्ष 2020 में फुवाण गांव में सीट सामान्य हुई लेकिन, कोविड के कारण अभी तक प्रधान के उपचुनाव नहीं हो पाए हैं। लेकिन अब फुवाण गांव के ग्रामीणों ने यह तय किया है कि गब्बर सिंह रावत उनका प्रधान प्रत्याशी होगा। जिससे निर्विरोध प्रधान बनाया जाएगा।

उत्तरकाशी के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि सड़क, खेल मैदान बनाने वाले युवा गब्बर सिंह रावत से उन्होंने बातचीत की है तथा समाज सेवा के कार्य के लिए बधाई दी है। गब्बर सिंह रावत को इस कार्य के लिए सम्मानित किया जाएगा। साथ ही सड़क निर्माण विभागीय स्तर से क्यों नहीं हो पाया है इसके लिए भी जांच के निर्देश दिए हैं।

यह भी पढ़ें:- पेश की मानवता की मिसाल, सुषमा और सुल्ताना ने एक-दूसरे के पति को किडनी देकर बचायी जान

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.