गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनेगी रोड प्रोटेक्शन गैलरी

गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनेगी रोड प्रोटेक्शन गैलरी

गंगोत्री यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए भूस्खलन जोन के ट्रीटमेंट की कवायद की जा रही है। इसी क्रम में उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से दो किलोमीटर दूर चुंगी बड़ेथी में रोड प्रोटेक्शन गैलरी का निर्माण किया जा रहा है।

JagranSun, 28 Feb 2021 10:05 PM (IST)

जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी : गंगोत्री यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए भूस्खलन जोन के ट्रीटमेंट की कवायद की जा रही है। इसी क्रम में उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से दो किलोमीटर दूर चुंगी बड़ेथी में रोड प्रोटेक्शन गैलरी का निर्माण किया जा रहा है। इसके तहत सड़क के दोनों ओर आरसीसी की दीवार तैयार कर उस पर छत डाली जाएगी। इससे भूस्खलन का मलबा सड़क की बजाय खाई में गिरेगा और मार्ग बाधित नहीं होगा।

गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर चुंगी बडे़थी के पास वर्ष 2010 से भूस्खलन जोन बना हुआ है। बरसात में यहां अक्सर यातायात बाधित रहता है। वर्ष 2017 में राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआइडीसीएल) ने इस भूस्खलन जोन का ट्रीटमेंट कार्य शुरू किया, लेकिन कामयाबी नहीं मिल पाई। एनएचआइडीसीएल के महाप्रबंधक ले. कर्नल दीपक पाटिल ने बताया कि इसके बाद रोड प्रोटेक्शन गैलरी बनाने का निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि यह गैलरी एक तरह की सुरंग है। यह 310 मीटर लंबी, 10 मीटर चौड़ी और 11 मीटर ऊंची होगी। इसके निर्माण पर 28.3 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसकी तकनीक और डिजाइन के लिए फ्रांस की एक कंपनी की मदद ली गई। पिछले वर्ष दिसंबर से निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और अगस्त तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके अलावा जिस पहाड़ी से भूस्खलन होता है, उसके स्लोप का भी उपचार किया जाएगा।

उत्तरकाशी के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल के मुताबिक उत्तराखंड में यह अपनी तरह का पहला प्रयोग है। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश के रोहतांग में यह प्रयोग सफल रहा है।

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संकरे मार्ग पर बढ़ सकती हैं परेशानी

गंगोत्री राजमार्ग पर रोड प्रोटेक्शन गैलरी के निर्माण के चलते वाहनों को मनेरा बाईपास से भेजा जा रहा है। यह वैकल्पिक मार्ग पर जोशियाड़ा बैराज के निकट तथा लदाड़ी विकास भवन के पास बेहद संकरा है। इससे आए दिन जाम स्थिति बन जाती है। ऐसे में आशंका है कि यात्रा सीजन के दौरान वाहनों का दबाव बढ़ने से परेशानी और बढ़ सकती है।

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यमुनोत्री धाम के पास जानकीचट्टी में तैनात होंगे आइटीबीपी के जवान

यमुनोत्री धाम को जाने वाले पैदल मार्ग पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए जानकीचट्टी में आइटीबीपी के जवान तैनात किए जाएंगे। जानकीचट्टी यमुनोत्री धाम का अंतिम पड़ाव है। यहां से धाम की दूरी 5.5 किलोमीटर है। पिछले वर्ष पैदल मार्ग पर दो बार भूस्खलन हो चुका है। इससे मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया था। उत्तरकाशी के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि जानकीचट्टी में आइटीबीपी के साथ ही एसडीआरएफ के जवान भी तैनात रहेंगे।

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