पर्वतारोही दलों को गोमुख जाने की अनुमति

जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी : गोमुख ट्रैक का जायजा लेने गया गंगोत्री नेशनल पार्क का दल भी वापस लौट आया है। दस सदस्यीय यह दल भी गोमुख तक नहीं पहुंच पाया। हालांकि दल की रिपोर्ट के बाद पार्क प्रशासन ने पर्वतारोही दल को ट्रैकिंग की अनुमति दे दी है, लेकिन आम पर्यटक को अभी मई तक इंतजार करना पड़ेगा। मई के प्रथम सप्ताह में एक टीम फिर ट्रैक का निरीक्षण करने भेजी जाएगी।

इस बार शीतकाल में भारी बर्फबारी के कारण गोमुख ट्रैक को खासा नुकसान पहुंचा है। यही वजह है कि पार्क प्रशासन पर्यटकों को ट्रैक पर भेजने की अनुमति देने में हिचकिचा रहा है। इससे पहले तीन अप्रैल को एक 13 सदस्यीय दल ट्रैक का जायजा लेने भेजा गया था, लेकिन यह दल आधे रास्ते से ही लौट आया। बीते सोमवार को पार्क प्रशासन ने एक दस सदस्यीय दल फिर से रवाना किया।

पार्क के उप निदेशक एनबी शर्मा ने बताया कि दल मंगलवार को लौट आया। यह दल भी गोमुख तक नहीं पहुंच सका। गोमुख से छह किलोमीटर पहले कच्ची ढांग के पास करीब 200 मीटर ट्रैक क्षतिग्रस्त है। यहां विशाल हिमखंड ने भी दल की राह रोकी। इस पर दल वापस आ गया। शर्मा ने बताया कि कच्ची ढांग में ट्रैक की मरम्मत के लिए हिमखंड के पिघलने का इंतजार करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि आम पर्यटक इस इलाके को पार नहीं कर सकता। इसके लिए मई प्रथम सप्ताह में फिर टीम भेजी जाएगी।

उन्होंने बताया कि पार्क प्रशासन ने निर्णय लिया है कि पर्यटकों को भेजने से पहले हालात सामान्य होने का इंतजार किया जाएगा, लेकिन पर्वतारोही दलों को अनुमति दी जा रही है। पहला पर्वतारोही दल 26 अप्रैल को गोमुख के लिए रवाना होगा।

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