उत्‍तराखंड: हर्षिल से छितकुल ट्रैकिंग पर गया 11 सदस्यीय दल लापता, आठ ट्रैकर और तीन रसोइये शामिल

हर्षिल से लम्खागा पास होते हुए छितकुल हिमाचल की ट्रैकिंग के लिए गया पर्यटक दल अभी तक छितकुल नहीं पहुंचा है। पर्यटक दल से कोई संपर्क भी नहीं हुआ है। ट्रैकिंग संचालकों ने राज्य सरकार से हेली रेस्क्यू की मदद मांगी है।

Sunil NegiWed, 20 Oct 2021 10:33 AM (IST)
हर्षिल छितकुल ट्रैक पर आठ पर्यटकों सहित ग्यारह लापता।

जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी। हर्षिल से लम्खागा पास होते हुए हिमाचल प्रदेश स्थित छितकुल की ट्रैकिंग पर गया 11 सदस्यीय दल लापता है। दल को मंगलवार को छितकुल पहुंचना था। इसमें आठ ट्रैकर और तीन रसोइये शामिल हैं, जबकि उनके साथ गए छह पोर्टर दो रोज पहले छितकुल पहुंच गए थे। लापता दल की खोजबीन के लिए राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) ने बुधवार को हेलीकाप्टर से सर्च अभियान चलाया, लेकिन कुछ पता नहीं चला। लापता सदस्यों में एक महिला भी है। उधर, हिमाचल के किन्नौर जिले के अधिकारी सीमा पर तैनात आइटीबीपी से संपर्क बनाए हुए हैं।

उत्तरकाशी के हर्षिल से छितकुल की पैदल दूरी 80 किलोमीटर के करीब है। यह ट्रैक क्यारकोटी बुग्याल होते हुए 5500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित लम्खागा पास से होकर छितकुल पहुंचता है। 11 अक्टूबर को मोरी सांकरी स्थित एक ट्रैङ्क्षकग एजेंसी के माध्यम से आठ ट्रैकर, तीन कुङ्क्षकग स्टाफ और छह पोर्टर सहित 17 सदस्यीय दल हर्षिल से छितकुल के लिए रवाना हुआ था। 18 अक्टूबर को छह पोर्टर लम्खागा पास के निकट पर्यटकों का सामान छोड़कर छितकुल पहुंच गए। 19 अक्टूबर तक ट्रैकिंग दल के छितकुल न पहुंचने पर एजेंसी ने राज्य आपदा प्रबंधन से मदद मांगी। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि गुरुवार को छितकुल से खोज-बचाव दल ट्रैकरों की तलाश में भेजा जाएगा।

लापता दल में ये हैं शामिल

अनीता रावत (निवासी हरिपुर दिल्ली), मिथुन दारी, तन्मय तिवारी, विकास मकाल, सौरब घोष, सवियान दास, रिचर्ड मंडल, सुकेन मांझी (सभी बंगाल निवासी)

कुकिंग स्टाफ

देवेंद्र, ज्ञान चंद्र, उपेंद्र (सभी पुरोला उत्तरकाशी निवासी)

चीन सीमा पर बर्फ में दबे मिले पोर्टर के शव

भारत-चीन सीमा पर आइटीबीपी के गश्ती दल से बिछुड़े तीन पोर्टर के शव नीला पानी चौकी से डेढ़ किमी बार्डर की ओर बर्फ में दबे मिले। बुधवार शाम को आइटीबीपी 12वीं वाहिनी मातली के द्वितीय कमान अधिकारी नेहाल ङ्क्षसह भंडारी ने इसकी सूचना हर्षिल थाने में दी। स्थानीय नागरिकों ने मामले में लापरवाही का आरोप लगाया है। चीन सीमा पर नियमित गश्त के लिए 15 अक्टूबर को चार पोर्टर के साथ आइटीबीपी के हिमवीरों की टीम नीलापानी चौकी से रवाना हुई थी।

वापसी में 17 अक्टूबर को बर्फबारी के दौरान पोर्टर संजय सिंह, राजेंद्र सिंह और दिनेश चौहान बिछुड़ गए। जबकि, चौथा पोर्टर आइटीबीपी की टीम के साथ नीलापानी चौकी में लौट गया। आइटीबीपी के खोज-बचाव दल ने बुधवार दोपहर को तीनों के शव बर्फ से बरामद कर लिए। पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा ने बताया कि शव नेलांग पोस्ट से हेलीकाप्टर के जरिये मातली लाए जाएंगे।

यह भी पढ़ें:- भारत चीन सीमा पर आइटीबीपी के साथ लंबी दूरी गश्त पर गए तीन पोर्टर लापता

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
You have used all of your free pageviews.
Please subscribe to access more content.
Dismiss
Please register to access this content.
To continue viewing the content you love, please sign in or create a new account
Dismiss
You must subscribe to access this content.
To continue viewing the content you love, please choose one of our subscriptions today.