थानेदार ने सिपाही को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

संवाद सहयोगी, खटीमा: झनकईया थानाध्यक्ष ने अपने ही थाने के सिपाही को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। गुस्सा ऐसा कि पिटाई से सिपाही की उंगली तक फैक्चर हो गई। सिर और पैर पर भी गंभीर चोटें हैं। सिपाही ने डीजीपी से पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित की पत्नी ने सीएम पोर्टल पर पति के साथ हुई मारपीट पर कार्रवाई की मांग की है।

झनकईया थाना में तैनात सिपाही मोहन सिंह नेगी ने डीजीपी को भेजे पत्र में कहा है कि नौ नंवबर की रात तकरीबन नौ बजे वह थाने में थे। तभी थानेदार वहां पहुंचे और सीधे गाली-गलौज करने लगे। फिर मारपीट पर उतारु हो गए। उसे दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। घायल होने पर वह खुद सरकारी अस्पताल गए और मेडिकल कराया। सिपाही ने पत्र में यह कहा है कि थाने में एक चौकीदार है, जो ग्राम प्रहरी भी है। कुछ दिन पहले चौकीदार रात एक बजे झनकईया चौराहे पर किसी से मोबाइल पर बात कर पुलिस गाड़ी की लोकेशन बता रहा था। पूछने पर सहम गया। मोबाइल चेक करने पर पता चला वह नेपाल से तस्करी करने वालों को पुलिस के बारे में जानकारी दे रहा था। उन्होंने चौकी इंचार्ज को सूचना दे दी थी। सिपाही का यह भी आरोप है कि यह चौकीदार थानाध्यक्ष के घर का भी काम करता है। चौकीदार की शिकायत पर थानाध्यक्ष उनके साथ मारपीट की। पत्र में कहा कि थानाध्यक्ष ने मामले की जांच तो की नहीं बल्कि यह कहा कि उस चौकीदार को उनके आदेश पर रात में रखा गया है। अब मारपीट के बाद उसे लाइन हाजिर भी करा दिया है। सिपाही ने कहा कि इस घटना से वह डिप्रेशन में चला गया है।

---------------------- सिपाही मोहन सिंह नेगी के सभी आरोप झूठे हैं। सिपाही ने कुछ समय पहले अपने साथी सिपाही के साथ गलत व्यवहार किया था। जिसकी जांच चल रही है। यह शराब के नशे में धुत मिला था। जिसका मेडिकल कराया गया है। इससे बचने के लिए झूठा पत्र पुलिस अधिकारियों को दिया है।

- प्रदीप राणा थाना अध्यक्ष झनकईया

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सिपाही ने अपने थानाध्यक्ष पर मारपीट का आरोप लगाया है। जो मामला संज्ञान में आया है। जिसकी जांच कराई जा रही है। जिसके बाद कार्रवाई की जाएगी।

बरिदरजीत सिंह, एसएसपी ऊधमसिंह नगर

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चार महीने में पांच सिपाही लाइन हाजिर

खटीमा: झनकईया थाना प्रभारी के कार्यकाल को चार महीने हो गए हैं। जिसमें अभी तक पांच सिपाही थानाध्यक्ष प्रदीप राणा की रिपोर्ट पर लाइन हाजिर हो चुके हैं। यह भी एक चर्चा बनी हुई है। ऐसा क्या हुआ कि जो कई समय से थाने ड्यूटी कर रहे सिपाही नए थाना प्रभारी के आते ही लाइन हाजिर होते चले गए।

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