जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे धैर्य को न्याय दिलाने सड़क पर उतरे लोग

जेएनएन, जेएनएन : मौत से जंग लड़ रहे धैर्य वशिष्ठ के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए होटल रेडिसन ब्लू होटल प्रबंधन के खिलाफ लोगों ने मोर्चा खोल दिया है। भारी संख्या में लोगों ने सड़कों पर उतर होटल के बाहर धरना दिया और कार्रवाई की मांग की। होटल प्रबंधन से वार्ता विफल होने के बाद शुक्रवार से होटल के बाहर अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान किया गया।

शांति विहार कालोनी, रुद्रपुर निवासी योगेश का तीन वर्षीय पुत्र धैर्य वशिष्ठ 25 नवंबर, 2018 को होटल रेडिसन ब्लू के प्रमोशन कार्यक्रम के दौरान लॉबी से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया था। गंभीर हालत में उसे रुद्रपुर के मेडिसिटी अस्पताल से गुडग़ांव के मेंदाता में भर्ती कराया गया। वहां आज भी वह ङ्क्षजदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है। एक माह बाद पुलिस ने होटल प्रबंधन के खिलाफ पंतनगर थाने में मुकदमा तो दर्ज किया, लेकिन कार्रवाई न होने पर लोगों का पारा चढ़ गया। आक्रोश बुधवार को सड़कों पर देखने को मिला। होटल के सामने हाईवे पर लोग भारी संख्या में बुधवार दोपहर एकत्र हुए। हाथ में जस्टिस फॉर धैर्य वशिष्ठ स्लोगन लिखी तख्तियां थीं। उन्होंने जुलूस निकाला और न्याय के लिए आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया। बाद में रेडिसन होटल को जाने वाले संपर्क मार्ग पर वे धरने पर बैठ गए। वहां आयोजित सभा के दौरान सभी ने एक राय होकर धैर्य को न्याय न मिलने तक होटल में तालाबंदी कर आर्थिक नुकसान पहुंचाने का संकल्प लिया। इसके करीब एक घंटे बाद होटल प्रबंधन ने धरना दे रहे लोगों को वार्ता के लिए आमंत्रित किया।

वार्ता में सहमति न बनने पर आक्रोशित लोगों ने गुरुवार को डीएम व एसएसपी से मुलाकात के बाद अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी है। इस दौरान विधायक राजकुमार ठुकराल, व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जुनेजा, पूर्व पालिकाध्यक्ष मीना शर्मा, भाजपा नेता संजय ठुकराल, अजय तिवारी, विकास शर्मा, युवा व्यापार मंडल अध्यक्ष राजेश कामरा, सौरभ बेहड़, बीडी भट्ट, दीपक ग्रोवर आदि मौजूद थे।

पुलिस की रही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

लोगों के आक्रोश को देखते पुलिस अलर्ट रही। सिडकुल के साथ ही पंतनगर, रुद्रपुर, ट्रांजिट कैंप का फोर्स रेडिसन होटल की सुरक्षा के लिए तैनात था। होटल की चहारदीवारी के पास बेरिकेडिंग कर लोगों को रोक दिया गया था। 

तीस लाख रुपये हो चुका है खर्च

घायल धैर्य के सामान्य मध्यम वर्गीय परिवार से होने के कारण परिवार महंगा उपचार करा पाने में सक्षम नहीं है। बावजूद उन्होंने अपने बच्चे की जिंदगी की खातिर सब कुछ दांव पर लगा दिया है। धैर्य की मां ने अपने सभी जेवर भी बेच दिए हैं। परिजनों के मुताबिक अब तक तीस लाख रुपया उपचार में खर्च हो चुका है। मासूम के सिर के चार बड़े आपरेशन भी हो चुके हैं, पर उसे होश में नहीं आया है।

परिवार के दर्द के साथ जुड़ा हर वर्ग

धैर्य के परिवार के साथ हर वर्ग के लोग जुड़ गए। धैर्य के पड़ोसी बुजुर्ग बीडी भट्ट की आंखें तो यह कहते कहते भरभरा गईं कि वह उसको दादा कहकर पुकारता था।

होटल के गेट पर लगाया ताला

जनाक्रोश को देखते होटल प्रबंधन भी दबाव में दिखा। इस दौरान किसी तरह के बवाल को टालने के लिए होटल के मुख्य गेट पर सुरक्षा कर्मी भी तैनात रहे और गेट पर ताला लगा दिया गया।

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