संयुक्त मजिस्ट्रेट के आवास पर फैक्ट्री कर्मियों ने दिया धरना

जागरण संवाददाता, काशीपुर : दो माह से वेतन न मिलने पर रिचा फैक्ट्री कर्मी संयुक्त मजिस्ट्रेट के पास कार्रवाई की मांग को लेकर पहुंचे। संयुक्त मजिस्ट्रेट द्वारा फैक्ट्री कर्मियों से कोई मदद न कर पाने के बयान से फैक्ट्री कर्मी भड़क गए। जिसके बाद वह संयुक्त मजिस्ट्रेट के आवास गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। इस पर संयुक्त मजिस्ट्रेट ने पुलिस को सूचना दी। दारोगा कौशल भाकुनी ने फैक्ट्री कर्मियों को समझा-बुझाकर वहां से हटाया।

रामनगर रोड स्थित रिचा फैक्ट्री कर्मियों को नवंबर 2018 से वेतन नहीं मिला है। 21 दिसंबर से फैक्ट्री प्रबंधन फैक्ट्री से चला गया। जिसके बाद एनसीएलटी कोर्ट चंडीगढ़ की तरफ से नियुक्त हुए अर¨वद कुमार ने 26 दिसंबर को कर्मचारियों को दो-तीन दिन में वेतन दिलाने का आश्वासन दिया। लेकिन आज दिन तक वेतन नहीं मिला। इस संबंध में फैक्ट्री कर्मियों ने संयुक्त मजिस्ट्रेट, डीएम व श्रम विभाग को ज्ञापन दिया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। फैक्ट्री कर्मी 12 जनवरी को संयुक्त मजिस्ट्रेट हिमांशु खुराना से मिले थे। इस दौरान संयुक्त मजिस्ट्रेट ने सोमवार को मिलने की बात कही। फैक्ट्री कर्मियों का कहना है कि वह सोमवार को एसडीएम कार्यालय आए। संयुक्त मजिस्ट्रेट के न मिलने पर लौट गए।

उनका कहना है कि शुक्रवार को जब वह संयुक्त मजिस्ट्रेट खुराना से मिलने पहुंचे तो उन्होंने मामले में कोई भी मदद न करने का बयान दिया। जिससे फैक्ट्री कर्मियों का गुस्सा फूट पड़ा। इसके बाद वह संयुक्त मजिस्ट्रेट के आवास गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। कहा कि संयुक्त मजिस्ट्रेट जिम्मेदार अधिकारी होते हैैं। यदि संयुक्त मजिस्ट्रेट ही न्याय दिलाने से मना कर दें तो कर्मचारी कहां जाएंगे। इस दौरान आइटीआइ थाने से टीम के साथ मौके पर पहुंचे दारोगा कौशल भाकुनी के समझाने के बाद कर्मचारी गेट से उठे। इस मौके पर योगेश पांडेय, हरिशंकर, यासीन, राजू बिष्ट, नीरज, राजेश, मुकेश, रवि, राजकुमार, प्रेम कुमार आदि थे।

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