प्रभारी तहसीलदार और पटवारी को मिला स्टे

जागरण संवाददाता, सितारगंज : फर्जी वसीयत मामले में फरार चल रहे प्रभारी तहसीलदार और पटवारी को अदालत से स्टे मिल गया है। स्टे मिलने के बाद पुलिस ने कोतवाली में दोनों से पूछताछ की। दोनों ने पुलिस को जांच में पूरा सहयोग देने की बात कही है।

मालूम हो कि सिविल लाइंस निवासी रोहित कक्कड़ ने 11 फरवरी को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके बहनोई मनोज झाम ने उनके पिता की फर्जी वसीयत बना कर सितार इंटरनेशनल होटल पर कब्जा करना चाहते थे। एसडीएम ने मामले की जांच की तो उसमें तत्कालीन प्रभारी तहसीलदार शेर सिंह ग्वाल और पटवारी रामऔतार की भूमिका संदिग्ध मानते हुए दोषी माना था। एसडीएम की जांच रिपोर्ट आने के बाद से पुलिस इन दोनों की गिरफ्तारी के प्रयास शुरू किए थे, लेकिन एक महीने बाद भी पुलिस दोनों को गिरफ्तार नही कर पाई थी। वहीं दूसरी ओर प्रभारी तहसीलदार और पटवारी हाई कोर्ट गए। अदालत ने उनकी मांग पर स्टे दे दिया है। मामले की विवेचना कर रहे एसएसआइ मदन मोहन जोशी ने बताया कि प्रभारी तहसीलदार शेर सिंह ग्वाल और पटवारी को स्टे मिल गया है। इसके बाद उन्होंने दोनो को कोतवाली बुलाया और पूछताछ की। दोनों ने चार्टशीट दाखिल होने तक विवेचना में पूरा सहयोग देने का वादा किया है।

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