फसलों की अवैध खरीद से भड़के किसान

जागरण संवाददाता, सितारगंज: छह सूत्रीय मांगों को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा ने एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन कर धरना दिया। प्रदर्शनकारी किसानों ने कहा कि मंडी के बाहर हो रही फसलों की अवैध खरीद फरोख्त को रोका जाए। साथ ही मंडियों में फसल की बिक्री के पुख्ता इंतजाम हो। उन्होंने इस आशय का एक ज्ञापन एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा।

धरनास्थल पर हुई सभा में किसानों ने कहा कि सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मिलना सुनिश्चित कराया जाए। मंडी के बाहर फसलों की अवैध रूप से खरीद करने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई करने के साथ मंडियों की जाने वाली सभी प्रकार की अवैध कटौती बंद की जाए। गन्ना का बकाया भुगतान तत्काल प्रभाव से कराया जाए। सरकारी वर्ग चार व अन्य वर्ग की जमीनों को जोतने वाले किसानों के नाम दर्ज करने उन्हें भूमिधरी का अधिकार मिले। पूर्वी पाकिस्तान से आए बंगाली विस्थापितों की जमीनों पर अवैध रूप किए गए कब्जों को हटाया जाए। उन्हें यूपी सरकार के शासनादेश 1972 के तहत वास्तविक पट्टेधारको को कब्जा दिया जाए। किसान नेताओं ने कहा कि शक्तिनगर, जेल कैंप शक्तिफार्म में बसाए गए विस्थापित बीस बंगाली परिवारों को डेढ-डेढ एकड़ कृषि भूमि आंवटित की जाए। ताकि वे अपने परिवार का पालन कर सके। धरने में किसान सभा के अध्यक्ष त्रिलोचन सिंह,सचिव जागीर सिंह,गुरनाम सिंह,मनिंदर मंडल,मनमोहन सिंह, गुरदीप सिंह, लाभ सिंह, कर्म सिंह, ओम प्रकाश राणा, खड़ग सिंह राणा, लक्ष्मण सिंह, शिव कुमार सरकार, अखिलेश मंडल, परितोष मंडल आदि शामिल थे।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.