top menutop menutop menu

कांग्रेस ने मंत्री कार्यालय के बाहर दिया धरना

संवाद सहयोगी, बाजपुर : कलक्ट्रेट न्यायालय द्वारा 20 गांवों की भूमि खरीद-फरोख्त पर लगाई गई रोक मामले को लेकर कांग्रेस ने कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य के शिविर कार्यालय के बाहर जवाब दो, किसानों को इंसाफ दो.. नारे के साथ धरना दिया। इस दौरान प्रभावित किसानों के पक्ष में वक्ता शासन-प्रशासन पर जमकर बरसे व एक स्वर में कहा कि जब तक डीएम का आदेश वापस नहीं होता आंदोलन जारी रखा जाएगा।

शनिवार को पूर्व घोषित कार्यक्रमानुसार कांग्रेस से जुड़े लोग भोना रोड पर कैबिनेट मंत्री के कैंप कार्यालय पर पहुंचे। इसके बाद गेट के बाद धरने पर बैठ गए। धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आदेश में किसानों के सभी हक को छीनने का काम है। एक स्वर में कहा कि अब इस लड़ाई को और मजबूती के साथ लड़ना पड़ेगा जिसके लिए सभी का संगठित होना जरूरी है। इस मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष जितेंद्र शर्मा व राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता जगतार सिंह बाजवा ने कहा कि लगभग 50 वर्ष पूर्व भारत सरकार द्वारा किसानों से एकमुश्त 20 गुना लगान लेकर किसानों को भूमिधरी के अधिकार प्रदान किए गए तथा कई किसानों द्वारा भूमि की रजिस्ट्री कराई गई है। ऐसे में कलक्ट्रेट न्यायालय द्वारा लगाई गई इस रोक के कारण क्षेत्र के हजारों छोटे-बड़े किसान व नगरीय क्षेत्र के लोग जो भवन बनाकर रह रहे हैं वह सब प्रभावित हो रहे हैं। इस मौके पर सुनीता बाजवा टम्टा, किसान नेता बिजेंद्र डोगरा, नगराध्यक्ष राजेंद्र बेदी, ब्लॉकाध्यक्ष अनिल सेन, प्रेम सिंह यादव, सुनील पाठक, पूरन सिंह, रवि बरुआ, जैदी खान, दर्शन लाल गोयल, कौशलेंद्र प्रताप सिंह, प्रिस दास, संजीव कुमार, राजकिशोर सिंह आदि मौजूद थे।

............

बेवजह की राजनीति चमकाने का हो रहा प्रयास

भाजपा नेता ब्लॉक प्रमुख पति राजकुमार ने कहा कि जो लोग क्षेत्र पंचायत का चुनाव तक नहीं जीत सकते वह अपनी राजनीति चमकाने के लिए किसानों के मददगार बनना चाह रहे हैं। जबकि विकास पुरुष यशपाल आर्य भूमि संबंधित इस प्रकरण में काफी गंभीर हैं और मुख्यमंत्री से कई बार वार्ता भी कर चुके हैं।

-----------------------

भूमि प्रकरण को लेकर मुख्यमंत्री गंभीर हैं। बाजपुर के किसी भी किसान का अहित नहीं होने दिया जाएगा। लॉकडाउन लग जाने के कारण प्रक्रिया बाधित हुई है, हालात सामान्य होते ही सीएम से मिल कर समाधान कराया जाएगा।

-यशपाल आर्य, कैबिनेट मंत्री उत्तराखंड शासन

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.