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कोरोना चढ़ा पहाड़ तो जनमानस ने पेश की मिसाल, कहीं पूर्ण लॉकडाउन तो कहीं कर रहे पहरेदारी

घनसाली (टिहरी), जेएनएन। टिहरी जिले के भिलंगना प्रखंड में चार दिन पूर्व कोरोना संक्रमण के चार केस सामने आने के बाद सीमांत गांव गंगी के ग्रामीण सजग हो गए हैं। उन्होंने गांव को संक्रमण मुक्त रखने के लिए दो जून तक पूर्ण लॉकडाउन कर दिया है। इस अवधि में बाहर से आने वाला कोई व्यक्ति न तो गांव में प्रवेश कर पाएगा और न ही किसी व्यक्ति को गांव से बाहर जाने की अनुमति होगी। व्यवस्था का पालन कराने के लिए ग्रामीण बाकायदा गांव की सीमा पर पहरा देंगे। शनिवार को ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया।

इन दिनों देश के विभिन्न राज्यों से प्रवासी घर वापसी कर रहे हैं। इससे पहाड़ के दूरस्थ इलाकों में भी कोरोना वायरस पांव पसारने लगा है। चार दिन पहले ही भिलंगना ब्लॉक में कोरोना संक्रमण के चार मामले सामने आ चुके हैं। जिससे ग्राम पंचायतें भी सतर्क हो गई हैं। शनिवार को ब्लॉक के सीमांत गांव गंगी में प्रधान लक्ष्मी देवी की अध्यक्षता हुई बैठक में रविवार से दो जून तक गांव को पूर्ण लॉकडाउन रखने का निर्णय लिया गया। इस दौरान गांव में आवागमन पर कड़ी नजर रखने के लिए सुरक्षा समिति का गठन भी किया गया। इसके तहत हर दिन दस युवक गांव की सीमा पर पहरा देंगे।

बैठक में सहमति बनी कि यदि कोई व्यक्ति लॉकडाउन का उल्लंघन करता पाया गया तो ग्रामीण उससे अपने स्तर पर निपटेंगे। प्रधान लक्ष्मी देवी का कहना था कि क्षेत्र में कोरोना का प्रसार रोकने के लिए लॉकडाउन किया जाना बेहद जरूरी है। बैठक में ग्रामीण विजय सिंह, मकान सिंह, नेत्र सिंह, प्रकाश आदि ने विचार रखे।

गांव की सीमा पर हो रही पहरेदारी

स्वास्थ्य जांच व क्वारंटाइन का शतप्रतिशत पालन करवाने में उत्‍तरकाशी के जिला मुख्यालय से 18 किलोमीटर दूर अगोड़ा गांव अव्वल है। ग्राम प्रधान ने गांव की सीमा पर निगरानी के लिए ग्रामीणों को तैनात कर दिया है। जिससे कोई दूसरे गांव का व्यक्ति, प्रवासी और पर्यटक चोरी छिपे गांव में न पहुंचे। सामान्य दिनों में पर्यटकों से गुलजार रहने वाला अगोड़ा गांव विश्व स्तरीय पर्यटक स्थल डोडीताल का बेस कैंप भी है। लेकिन, कोरोना कहर के कारण पर्यटन पूरी तरह से ठप है। गांव आने वाले प्रवासियों को कैंपिंग टेंटों में क्वारंटाइन किया जा रहा है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया है कि गांव में बाहर से आने वालों पर पूरी नजर रखी जाएगी। साथ ही कोई प्रवासी और पर्यटक चोरी छिपे न घुसे। इसके लिए गांव की सीमा पर कुछ युवकों की तैनाती की है। गांव के प्रधान मुकेश पंवार का कहना है कि क्वारंटाइन का सही ढंग से पालन हो इस पर ध्यान दिया जा रहा है।

 

अगले एक सप्ताह तक पूर्ण रूप से बंद रहेंगे बाजार

रुद्रप्रयाग जिले में कोरोना संक्रमण के मामले मिलने के बाद तिलवाड़ा व्यापार संघ और अगस्त्यमुनि व्यापार संघ ने एक सप्ताह तक पूरी तरह बाजार बंद रखने का निर्णय लिया है। वहीं टिहरी रोड स्थित दुगड्डा बाजार भी रविवार से 31 मई तक पूर्ण रूप से बंद रहेगा। जिसका निर्णय दुगड्डा व्यापार मंडल की ओर से आयोजित बैठक में लिया गया। आपातकालीन स्थिति में दवाओं की दुकानों से फोन पर संपर्क कर दवाएं ली जा सकती हैं।

व्यापार संघ अगस्त्यमुनि की बैठक में 25 मई से 31 मई तक सभी दुकानों को बंद रखने का निर्णय लिया गया। यहां तक कि आवश्यक सेवाएं भी पूर्ण रूप से बंद रहेंगी। वहीं लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यापारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। बैठक व्यापार संघ अध्यक्ष मोहन सिंह रौतेला की अध्यक्षता में हुई। वक्ताओं ने कहा कि जिले में कोरोना संक्रमण के मामलों को देखते हुए सर्वसम्मति से 25 से 31 मई तक संपूर्ण लॉकडाउन का फैसला लिया गया है।

बैठक में व्यापार संघ के अध्यक्ष एवं जिला महामंत्री मोहन रौतेला, महामंत्री अनिल कोठियाल, संरक्षक शत्रुघ्न नेगी, सहसचिव मो. उस्मान, राजकिशोर बिष्ट, उपाध्यक्ष प्रमोद गुसाईं, कोषाध्यक्ष प्रकाश पंवार, संगठन मंत्री मनोज राणा मौजूद रहे। वहीं तिलवाड़ा व्यापार संघ ने भी एक सप्ताह तक बाजार बंद करने का निर्णय लिया है। व्यापार संघ अध्यक्ष सुरेंद्र दत्त ने बताया कि आगामी एक सप्ताह तक सभी व्यापारियों से बाजार बंद करने का आग्रह किया गया है वहीं टिहरी रोड स्थित दुगड्डा बाजार भी रविवार से 31 मई तक पूर्ण रूप से बंद रहेगा।

व्यापार समिति के अध्यक्ष धर्म सिंह राणा ने बताया कि प्रवासी खुलेआम बाजारों मे खरीदारी करते हुए नजर आ रहे हैं। इस संबंध में व्यापारियों की तरफ से रविवार को पुलिस को पत्र भी सौंपा गया। पत्र देने वालों में राजीव कुकशाल, मनोज चमोली, गुलाब सिंह शामिल रहे।

भोपाटी की प्रधान यशोदा के प्रयासों को प्रियंका गांधी ने सराहा

नैनीडांडा विकासखंड के अंतर्गत ग्रामसभा भोपाटी में ग्राम प्रधान यशोदा रावत द्वारा जनसहयोग से प्रवासियों के लिए नौ क्वारंटाइन केंद्र बनाए जाने पर कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इसकी सराहना की है। प्रियंका गांधी ने ग्राम प्रधान को पत्र भी भेजा है, जिसमें उनकी इस पहल को अनुकरणीय बताया गया है। ग्राम पंचायत भोपाटी में भी 40 प्रवासी गांव लौटे हैं। नियमानुसार इन्हें क्वारंटाइन करने के लिए गांव के दो कमरों वाला स्कूल अपर्याप्त था।

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ऐसे में ग्राम प्रधान यशोदा रावत की पहल पर गांव के नजदीक नौ अस्थायी क्वारंटाइन केंद्र बनाए गए। वहां बिजली आदि की व्यवस्था भी की गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप के अनुसार प्रधान के इन प्रयासों की क्षेत्र में सराहना हो रही है। अब कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी ग्राम प्रधान यशोदा रावत की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ग्राम प्रधान को भेजे पत्र में उनके सेवाभाव की प्रशंसा करते हुए इसे अनुकरणीय कदम बताया। उन्होंने कहा कि सेवा भाव की इस मिसाल से सबको प्रेरणा लेनी चाहिए। बता दें कि इससे पहले विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश ने भी फोन कर ग्राम प्रधान यशोदा रावत के साथ ही भोपाटी के ग्रामीणों को शुभकामनाएं दी थीं।

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